फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Farmers are helpless, weather has broken their backs

Maharajganj News: किसानों की आंख में लाचारी का पानी, मौसम ने तोड़ी कमर

Sun, 02 Nov 2025 02:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Nov 2025 02:12 AM IST
विज्ञापन
Farmers are helpless, weather has broken their backs
अंकुरित हो रहा धान।
महराजगंज। किसानों की आंख में इन दिनों लाचारी का पानी है। मौसम के आघात से उनकी कमर टूट गई है। एक तरफ खेत में जहां गिरी फसल ने उनके सपने चकनाचूर किया है वहीं ऐसे किसान जो फसल की कटाई कर चुके थे उनकी उपज अधिक नमी होने के कारण अंकुरित होने के बाद काली पड़ रही क्योंकि नमी सुखाने का मौका किसानों को मौसम की बेरुखी से नहीं मिला।
विज्ञापन

किसान आरएस चौधरी, शनि चौधरी, रवि सिंह पटेल निवासी निरनाम के मुताबिक, खराब मौसम के कारण कंबाइन से नम फसल की कटाई करा दी कि फसल सूखा लिया जाएगा जैसा हर बार करते रहे लेकिन इस बार जिस दिन फसल कटकर पहुंची उस दिन से धूप गायब और बारिश के दौर ने पूरी मेहनत छीन ली है। दरवाजे पर अंकुरित धान की खेप काली पड़ती जा रही जिसकी तरफ देखने तक की हिम्मत नहीं जुट रही। इस धान से चावल निकलने की संभावना नहीं रह गई। किसानों की दुश्वारी सिर्फ इतनी ही नहीं रबी की फसल सरसों, गेहूं और आलू में किसान पिछड़ेंगे क्योंकि खेतों में इतनी नमी है कि दो से तीन दिन चटख धूप के बाद ही नमी सूखेगी जिसके बाद बोआई की जा सकती है।
विज्ञापन

कृषि विभाग के आंकड़े बता रहे कि जिले में इस बार 1.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई जिससे 457.239 मिट्रिक टन उत्पादन की उम्मीद थी। मंगलवार से शनिवार तक बादल- बारिश के दौर में किसानों की कमाई खेत में गिरने के कारण सड़ रही। वहीं लगभग 15 से 20 फीसदी उपज जो इससे पहले किसान कटवा चुके थे वह उनके दरवाजे पर सड़ रही है क्योंकि इसकी नमी सुखाने का जतन जो किसान कर रहे थे उसमें विफल रहे, खराब मौसम के कारण कटी उपज दरवाजे पर अंकुरित होकर काली पड़ती जा रही है। इस फसल से कुछ अनाज निकलेगा इसकी संभावना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
खेत की नमी सूखने में लगेंगे आठ दिन
- किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामअशीष ने कहा कि मौसम ने किसानों को तोड़ दिया है। अधिकतर किसानों की फसल खेत में गिरी है। जिनकी बची है वह एक सप्ताह पहले काटने योग्य नहीं होने वाली क्योंकि कंबाइन घुसने लायक खेत अभी नहीं हैं। फसल कटाई के बाद ही अगली फसल सरसों, गेहूं की बोई जाएगी ऐसे में नवंबर के दूसरे पखवाड़े से पहले बुआई पूरी नहीं कर सकेंगे, ऐसे में पिछड़ने की मजबूरी है।
--------

खेत में गिरी धान की फसल का आकलन सर्वे टीम कर रही है। सर्वे के बाद नुकसान की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन व राज्य कृषि निदेशालय भेजकर यथासंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। नुकसान की जानकारी किसान टोल फ्री नंबर पर भी नोट करा रहे हैं।

शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
-----
आज से मौसम साफ होगा और धूप खिलने की संभावना है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज होने की संभावना है क्योंकि चक्रवात का प्रभाव समाप्त हो गया है।
अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed