{"_id":"69600b982aa70b2c4500f123","slug":"farenda-and-nautanwa-tehsils-got-first-place-in-the-state-in-igrs-disposal-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-168724-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: आईजीआरएस निस्तारण में फरेंदा और नौतनवां तहसील को प्रदेश में प्रथम स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: आईजीआरएस निस्तारण में फरेंदा और नौतनवां तहसील को प्रदेश में प्रथम स्थान
विज्ञापन
जनपद में 06 माह में डिफॉल्ट प्रकरणों का प्रतिशत मात्र .06 प्रतिशत रहा
महराजगंज। जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के क्षेत्र में जनपद महराजगंज को तेरहवां स्थान मिला है। जबकि फरेंदा और निचलौल तहसील ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
एसओपी के अनुसार, जांच आख्या का सत्यापन स्वयं उपजिलाधिकारी स्तर से भी रैंडम आधार पर किया जाता है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का निर्देश है कि किसी दशा में आईजीआरएस संबंधी मामलों में डिफाल्टर होने की स्थिति न उत्पन्न हो। दोनों उप जिलाधिकारियों ने बताया कि तहसील प्रशासन का पूरा प्रयास होता है कि शिकायत का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो।
जनपद में 06 माह में डिफॉल्ट प्रकरणों का प्रतिशत मात्र .06 प्रतिशत रहा है। जबकि कुल 380 प्रकरणों में 77 प्रतिशत से अधिक प्रकरणों में संतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ। जनपद में सी श्रेणी प्राप्त संदर्भ की संख्या शून्य रही है। जनपद को 140 में 131 अंक प्राप्त हुए हैं, इसका प्रतिशत 93.57 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह जनपद के लिए गर्व की बात है। नवंबर माह की रैंकिंग में जनपद की एक तहसील फरेंदा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था लेकिन नवीनतम रैंकिंग में निचलौल ने भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दिसंबर में तहसील फरेंदा में कुल 63 प्रकरणों में फीडबैक लिया गया। इसमें शत-प्रतिशत शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट रहे। इसी प्रकार तहसील नौतनवा में भी शत–प्रतिशत लोगों ने निस्तारण को लेकर संतोष व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के क्षेत्र में जनपद महराजगंज को तेरहवां स्थान मिला है। जबकि फरेंदा और निचलौल तहसील ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
एसओपी के अनुसार, जांच आख्या का सत्यापन स्वयं उपजिलाधिकारी स्तर से भी रैंडम आधार पर किया जाता है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का निर्देश है कि किसी दशा में आईजीआरएस संबंधी मामलों में डिफाल्टर होने की स्थिति न उत्पन्न हो। दोनों उप जिलाधिकारियों ने बताया कि तहसील प्रशासन का पूरा प्रयास होता है कि शिकायत का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो।
विज्ञापन
जनपद में 06 माह में डिफॉल्ट प्रकरणों का प्रतिशत मात्र .06 प्रतिशत रहा है। जबकि कुल 380 प्रकरणों में 77 प्रतिशत से अधिक प्रकरणों में संतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ। जनपद में सी श्रेणी प्राप्त संदर्भ की संख्या शून्य रही है। जनपद को 140 में 131 अंक प्राप्त हुए हैं, इसका प्रतिशत 93.57 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह जनपद के लिए गर्व की बात है। नवंबर माह की रैंकिंग में जनपद की एक तहसील फरेंदा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था लेकिन नवीनतम रैंकिंग में निचलौल ने भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दिसंबर में तहसील फरेंदा में कुल 63 प्रकरणों में फीडबैक लिया गया। इसमें शत-प्रतिशत शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट रहे। इसी प्रकार तहसील नौतनवा में भी शत–प्रतिशत लोगों ने निस्तारण को लेकर संतोष व्यक्त किया।
विज्ञापन