{"_id":"64c95f80baace7ef650592c4","slug":"eye-flu-patients-increased-sale-of-goggles-increased-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-3118-2023-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: आई फ्लू के मरीज बढ़े तो बढ़ गई काले चश्मों की बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: आई फ्लू के मरीज बढ़े तो बढ़ गई काले चश्मों की बिक्री
विज्ञापन
आंखें लाल होने पर डॉक्टर भी बचाव के लिए काला चश्मा लगाने का दे रहे हैं सुझाव
स्कूल प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। लगातार आ रहे आई फ्लू के मामलों की वजह से काले चश्मों की बिक्री बढ़ गई है। आंखें लाल होने पर डॉक्टर भी बचाव के लिए काला चश्मा लगाने का सुझाव दे रहे हैं। वहीं, विभिन्न स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों और अभिभावकों के व्हाट्स एप ग्रुप पर मैसेज देकर कहा जा रहा है कि यदि किसी बच्चे या उनके परिवार का कोई सदस्य आई फ्लू से संक्रमित हो तो ऐसे बच्चे कतई स्कूल न आएं। समस्या को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम लोगों को जागरूक कर रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि आई फ्लू संक्रामक बीमारी है। थोड़ी सी सावधानी से इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। हाथों को साफ रखने और आंखों पर हाथ न लगाने से यह बीमारी रुकेगी। बचाव के लिए प्रोटेक्टिव ग्लास (काला चश्मा) लगाएं। शहर के चश्मे के दुकानदार दीपेश जायसवाल ने बताया कि बरसात में आई फ्लू का संक्रमण बढ़ने के बाद काले चश्मे की बिक्री बढ़ गई है। हर दिन पांच से 20 चश्मे बिक रहे हैं, जबकि शहर की अन्य दुकानों से भी लोग काले चश्मे खरीदकर बचाव कर रहे हैं। काले चश्मे बाजार में 50 रुपये से लेकर पांच सौ रुपये कीमत तक में उपलब्ध है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
आई फ्लू से बचाव कैसे करें
-थोड़े-थोड़े समय पर अपने हाथों की सफाई करें।
-आंखों को बार-बार न छुएं।
-अपने आसपास सफाई रखें।
-अपनी आंखों को समय-समय पर साफ एवं ठंडे पानी से धोएं।
-अगर बाहर जाना ज्यादा जरूरी है तो काला चश्मा पहन कर जाएं।
-पीड़ित व्यक्ति से आई कांटेक्ट बनाने से बचें।
-संक्रमित व्यक्त के बेड, तौलिया या कपड़े इस्तेमाल न करें।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
कंजेक्टिवाइटिस का इलाज
- नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएन वर्मा ने बताया कि कंजेकक्टिवाइटिस के लिए आमतौर पर उपचार की आवश्यकता नहीं होती है, कंजेक्टिवाइटिस या आई फ्लू को पूरी तरह ठीक होने में कम से कम 5 से 10 दिन का वक्त लग सकता है। क्योंकि लक्षण अक्सर 5 से 10 दिन में स्वत: ठीक हो जाते हैं। परंतु गंभीर मामलों में, संक्रमण को दूर करने के लिए एंटीबायोटिक आई ड्रॉप एवं का उपयोग किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। लगातार आ रहे आई फ्लू के मामलों की वजह से काले चश्मों की बिक्री बढ़ गई है। आंखें लाल होने पर डॉक्टर भी बचाव के लिए काला चश्मा लगाने का सुझाव दे रहे हैं। वहीं, विभिन्न स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों और अभिभावकों के व्हाट्स एप ग्रुप पर मैसेज देकर कहा जा रहा है कि यदि किसी बच्चे या उनके परिवार का कोई सदस्य आई फ्लू से संक्रमित हो तो ऐसे बच्चे कतई स्कूल न आएं। समस्या को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम लोगों को जागरूक कर रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि आई फ्लू संक्रामक बीमारी है। थोड़ी सी सावधानी से इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। हाथों को साफ रखने और आंखों पर हाथ न लगाने से यह बीमारी रुकेगी। बचाव के लिए प्रोटेक्टिव ग्लास (काला चश्मा) लगाएं। शहर के चश्मे के दुकानदार दीपेश जायसवाल ने बताया कि बरसात में आई फ्लू का संक्रमण बढ़ने के बाद काले चश्मे की बिक्री बढ़ गई है। हर दिन पांच से 20 चश्मे बिक रहे हैं, जबकि शहर की अन्य दुकानों से भी लोग काले चश्मे खरीदकर बचाव कर रहे हैं। काले चश्मे बाजार में 50 रुपये से लेकर पांच सौ रुपये कीमत तक में उपलब्ध है।
विज्ञापन
आई फ्लू से बचाव कैसे करें
-थोड़े-थोड़े समय पर अपने हाथों की सफाई करें।
-आंखों को बार-बार न छुएं।
-अपने आसपास सफाई रखें।
-अपनी आंखों को समय-समय पर साफ एवं ठंडे पानी से धोएं।
-अगर बाहर जाना ज्यादा जरूरी है तो काला चश्मा पहन कर जाएं।
-पीड़ित व्यक्ति से आई कांटेक्ट बनाने से बचें।
-संक्रमित व्यक्त के बेड, तौलिया या कपड़े इस्तेमाल न करें।
कंजेक्टिवाइटिस का इलाज
- नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएन वर्मा ने बताया कि कंजेकक्टिवाइटिस के लिए आमतौर पर उपचार की आवश्यकता नहीं होती है, कंजेक्टिवाइटिस या आई फ्लू को पूरी तरह ठीक होने में कम से कम 5 से 10 दिन का वक्त लग सकता है। क्योंकि लक्षण अक्सर 5 से 10 दिन में स्वत: ठीक हो जाते हैं। परंतु गंभीर मामलों में, संक्रमण को दूर करने के लिए एंटीबायोटिक आई ड्रॉप एवं का उपयोग किया जा सकता।
विज्ञापन