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Maharajganj News: रिकॉर्ड में गलती, 3.80 लाख पात्रों का आयुष्मान कार्ड अटका
Fri, 18 Sep 2026 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 18 Sep 2026 01:14 AM IST
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- पिता के नाम, उम्र और पते की त्रुटियों के कारण अटके हैं आयुष्मान कार्ड
- सीएचसी को मिला सत्यापन और डाटा सुधार का जिम्मा, कई ब्लॉकों में प्रगति धीमी
महराजगंज। सरकारी रिकॉर्ड में पिता का नाम, उम्र और पता गलत दर्ज होने से जिले में 3.80 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड अटक गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इन लाभार्थियों का डाटा ब्लॉक और सीएचसी स्तर पर भेजकर सत्यापन व संशोधन के निर्देश दिए हैं, लेकिन निस्तारण की रफ्तार बेहद धीमी है। धानी में 9,720 मामलों में महज पांच और सदर में 26,846 में सिर्फ आठ आवेदन ही निस्तारित हो सके हैं।
जिले में आयुष्मान योजना के तहत करीब 11,89,111 कार्ड बनाए जाने हैं। इनमें अब तक 8,09,211 कार्ड बन चुके हैं, जबकि 3,80,294 लाभार्थी अभी शेष हैं। विभाग के मुताबिक शेष लाभार्थियों के रिकॉर्ड में नाम, उम्र और पते समेत कई तरह की गड़बड़ियां हैं। कुछ लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है और कई परिवार गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। इनकी वास्तविक स्थिति भी सत्यापन के बाद स्पष्ट की जानी है।
ब्लॉकवार डाटा संबंधित सीएचसी को भेजा गया है। पोर्टल पर सत्यापन और रिकॉर्ड दुरुस्त करने की जिम्मेदारी कर्मचारियों को दी गई है। जिला स्तर पर बैठक कर प्रगति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बावजूद अधिकांश ब्लॉकों में निस्तारण की संख्या कम है।
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अब तक सिसवां में 559, परतावल में 217, मिठौरा में 194, निचलौल में 111, घुघली में 86, रतनपुर में 28, बृजमनगंज में 19, फरेंदा में 16, पनियरा में 11, सदर में आठ, लक्ष्मीपुर में सात और धानी में पांच आवेदनों का निस्तारण हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सिसवां की प्रगति अन्य ब्लॉकों के मुकाबले अधिक है।
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शहर क्षेत्र में सबसे अधिक 44,893 रिकॉर्ड में गड़बड़ी
सुधार के लिए भेजे गए डाटा में शहर क्षेत्र के 44,893 लाभार्थी शामिल हैं। निचलौल में 38,202, नौतनवां में 32,779, मिठौरा में 32,015, बृजमनगंज में 30,189, परतावल में 29,877, पनियरा में 28,995, लक्ष्मीपुर में 27,642, घुघली में 27,258, फरेंदा में 26,273, सदर में 26,846, सिसवां में 25,605 और धानी में 9,720 मामलों में रिकॉर्ड की कमियां दूर की जानी हैं।
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पात्र मिले तो बनेगा कार्ड
विभागीय अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड में त्रुटि होने से लाभार्थी योजना से बाहर नहीं हो जाता। सत्यापन में पात्र पाए जाने पर विवरण ठीक कर कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मृत या स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके लाभार्थियों की स्थिति भी जांच के बाद दर्ज होगी।
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मरीजों को मिल रहा योजना का लाभ
केएमसी डिजिटल अस्पताल में अमरावती देवी का आयुष्मान योजना के तहत इलाज चल रहा है। परिजन गनेश के अनुसार शुरुआत में जांच के लिए कुछ रकम ली गई थी, जिसे डिस्चार्ज के समय वापस करने की बात अस्पताल ने कही है।
महदेवा निवासी संजय के अनुसार इसी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के जरिए डायलिसिस हो रहा है। इलाज का खर्च योजना से निकलने के कारण परिवार को बड़ी राहत मिल रही है।
आशा और आशा संगिनियों के माध्यम से ग्राम प्रधान से प्रमाणित प्रति मंगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों का सत्यापन कर जरूरी सुधार किया जा सकेगा। - डॉ. नीरज कन्नौजिया, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना
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- सीएचसी को मिला सत्यापन और डाटा सुधार का जिम्मा, कई ब्लॉकों में प्रगति धीमी
महराजगंज। सरकारी रिकॉर्ड में पिता का नाम, उम्र और पता गलत दर्ज होने से जिले में 3.80 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड अटक गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इन लाभार्थियों का डाटा ब्लॉक और सीएचसी स्तर पर भेजकर सत्यापन व संशोधन के निर्देश दिए हैं, लेकिन निस्तारण की रफ्तार बेहद धीमी है। धानी में 9,720 मामलों में महज पांच और सदर में 26,846 में सिर्फ आठ आवेदन ही निस्तारित हो सके हैं।
जिले में आयुष्मान योजना के तहत करीब 11,89,111 कार्ड बनाए जाने हैं। इनमें अब तक 8,09,211 कार्ड बन चुके हैं, जबकि 3,80,294 लाभार्थी अभी शेष हैं। विभाग के मुताबिक शेष लाभार्थियों के रिकॉर्ड में नाम, उम्र और पते समेत कई तरह की गड़बड़ियां हैं। कुछ लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है और कई परिवार गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। इनकी वास्तविक स्थिति भी सत्यापन के बाद स्पष्ट की जानी है।
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ब्लॉकवार डाटा संबंधित सीएचसी को भेजा गया है। पोर्टल पर सत्यापन और रिकॉर्ड दुरुस्त करने की जिम्मेदारी कर्मचारियों को दी गई है। जिला स्तर पर बैठक कर प्रगति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बावजूद अधिकांश ब्लॉकों में निस्तारण की संख्या कम है।
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अब तक सिसवां में 559, परतावल में 217, मिठौरा में 194, निचलौल में 111, घुघली में 86, रतनपुर में 28, बृजमनगंज में 19, फरेंदा में 16, पनियरा में 11, सदर में आठ, लक्ष्मीपुर में सात और धानी में पांच आवेदनों का निस्तारण हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सिसवां की प्रगति अन्य ब्लॉकों के मुकाबले अधिक है।
शहर क्षेत्र में सबसे अधिक 44,893 रिकॉर्ड में गड़बड़ी
सुधार के लिए भेजे गए डाटा में शहर क्षेत्र के 44,893 लाभार्थी शामिल हैं। निचलौल में 38,202, नौतनवां में 32,779, मिठौरा में 32,015, बृजमनगंज में 30,189, परतावल में 29,877, पनियरा में 28,995, लक्ष्मीपुर में 27,642, घुघली में 27,258, फरेंदा में 26,273, सदर में 26,846, सिसवां में 25,605 और धानी में 9,720 मामलों में रिकॉर्ड की कमियां दूर की जानी हैं।
पात्र मिले तो बनेगा कार्ड
विभागीय अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड में त्रुटि होने से लाभार्थी योजना से बाहर नहीं हो जाता। सत्यापन में पात्र पाए जाने पर विवरण ठीक कर कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मृत या स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके लाभार्थियों की स्थिति भी जांच के बाद दर्ज होगी।
मरीजों को मिल रहा योजना का लाभ
केएमसी डिजिटल अस्पताल में अमरावती देवी का आयुष्मान योजना के तहत इलाज चल रहा है। परिजन गनेश के अनुसार शुरुआत में जांच के लिए कुछ रकम ली गई थी, जिसे डिस्चार्ज के समय वापस करने की बात अस्पताल ने कही है।
महदेवा निवासी संजय के अनुसार इसी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के जरिए डायलिसिस हो रहा है। इलाज का खर्च योजना से निकलने के कारण परिवार को बड़ी राहत मिल रही है।
आशा और आशा संगिनियों के माध्यम से ग्राम प्रधान से प्रमाणित प्रति मंगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों का सत्यापन कर जरूरी सुधार किया जा सकेगा। - डॉ. नीरज कन्नौजिया, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना