{"_id":"683a046724da23cf8803459d","slug":"educational-quality-of-1705-council-schools-increased-with-initiation-material-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-150477-2025-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: दीक्षा सामग्री से 1705 परिषदीय स्कूलों की बढ़ी शैक्षिक गुणवत्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: दीक्षा सामग्री से 1705 परिषदीय स्कूलों की बढ़ी शैक्षिक गुणवत्ता
Sat, 31 May 2025 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 31 May 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग जनपद के 1705 स्कूलों में दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री और विभिन्न तकनीकी नवाचारों की मदद से परिषदीय स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में विशेष सुधार करने की ओर तेजी से अग्रसर है। यह विभाग अथवा राज्य स्तरीय जिम्मेदार नहीं बल्कि एनसीईआरटी की विशेष समिति कह रही है।
बीते सप्ताह यह आकलन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की तरफ सी आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम में साबित हुआ। समीक्षा में पूरे प्रदेश से डायट के 80 प्रवक्ता शामिल हुए थे, जिसमें जनपद से डायट प्रवक्ता सुजीत कुमार चौहान और आशीष कुमार मौर्य ने डायट उप प्राचार्य सत्येंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में प्रतिभाग किया था।
लखनऊ में आयोजित एनसीईआरटी की समीक्षा में प्रदेश के सभी जनपदों की समीक्षा हुई कि कहां एनसीईआरटी के मार्गदर्शन के मुताबिक बेहतर परिणाम मिल रहे।
इसमें जनपद की समीक्षा का भार गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ. रामवंत गुप्ता और लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ. डीआर ने किया और मूल्यांकन रिपोर्ट एनसीईआरटी की विशेष समिति के डाॅ. सुमित कुमार व डाॅ. ऋतु चंद्रा के समक्ष प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
इसके अलावा जनपद से शामिल दोनों प्रवक्ताओं ने अतिरिक्त टीएलएम सामग्री व रुधौली भावचक के शिक्षक की गणित पढ़ने में दिलचस्पी बढ़ाने वाली कविता व अन्य नवाचार जिसकी मदद से बेसिक शिक्षा के स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता व शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए प्रयुक्त हो रहे नवाचार शोध के विषय में भी प्रकाश डाला।
विशेष समिति ने परिणाम घोषित कर जनपद को (ए प्लस) रैंकिंग देते हुए डायट व बेसिक शिक्षा के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए दोनों प्रवक्ताओं को प्रशस्ति पत्र दिया। शामिल प्रवक्ताओं ने बताया कि एनसीईआरटी की विशेष समिति ने माना कि महराजगंज में डायट की मदद से बेसिक शिक्षा विभाग के 2.48 लाख विद्यार्थियों की शिक्षा आसान की गई है।
विज्ञापन
बीते सप्ताह यह आकलन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की तरफ सी आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम में साबित हुआ। समीक्षा में पूरे प्रदेश से डायट के 80 प्रवक्ता शामिल हुए थे, जिसमें जनपद से डायट प्रवक्ता सुजीत कुमार चौहान और आशीष कुमार मौर्य ने डायट उप प्राचार्य सत्येंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में प्रतिभाग किया था।
विज्ञापन
लखनऊ में आयोजित एनसीईआरटी की समीक्षा में प्रदेश के सभी जनपदों की समीक्षा हुई कि कहां एनसीईआरटी के मार्गदर्शन के मुताबिक बेहतर परिणाम मिल रहे।
इसमें जनपद की समीक्षा का भार गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ. रामवंत गुप्ता और लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ. डीआर ने किया और मूल्यांकन रिपोर्ट एनसीईआरटी की विशेष समिति के डाॅ. सुमित कुमार व डाॅ. ऋतु चंद्रा के समक्ष प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
इसके अलावा जनपद से शामिल दोनों प्रवक्ताओं ने अतिरिक्त टीएलएम सामग्री व रुधौली भावचक के शिक्षक की गणित पढ़ने में दिलचस्पी बढ़ाने वाली कविता व अन्य नवाचार जिसकी मदद से बेसिक शिक्षा के स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता व शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए प्रयुक्त हो रहे नवाचार शोध के विषय में भी प्रकाश डाला।
विशेष समिति ने परिणाम घोषित कर जनपद को (ए प्लस) रैंकिंग देते हुए डायट व बेसिक शिक्षा के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए दोनों प्रवक्ताओं को प्रशस्ति पत्र दिया। शामिल प्रवक्ताओं ने बताया कि एनसीईआरटी की विशेष समिति ने माना कि महराजगंज में डायट की मदद से बेसिक शिक्षा विभाग के 2.48 लाख विद्यार्थियों की शिक्षा आसान की गई है।