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Maharajganj News: खाद्य तेल के मसाला भी महंगा, 25 फीसदी तक चढ़े दाम
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जनरल मार्चेंट की दुकान पर रखे बिक्री के मसाले।
60 रुपये प्रति किलो महंगा हो गया जीरा, लौंग व इलाइची के भी चढ़े भाव
आवक घटने, मालभाड़ा बढ़ने का असर बता रहे हैं व्यापारी
महराजगंज। खाद्य तेल व रिफाइंड ऑयल में मूल्य बढ़ोतरी के बाद अब मसाले भी महंगे हो गए हैं। आवक घटने व मालभाड़ा बढ़ने के कारण मसालों में इस्तेमाल किए जाने वाले जीरा सहित अन्य उत्पादों का दाम 20 से 25 फीसदी तक बढ़े हैं। गृहणियों के मुताबिक रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के साथ मसालों का भाव बढ़ने से अब दाल में तड़का लगाना भी महंगा हो गया है।
घरेलू गैस, खाद्य तेल, दाल और मेवा की महंगाई के बाद अब मसाले भी महंगे हो गए हैं। घरेलू गैस के साथ सरसों तेल, रिफाइंड ऑयल के बाद मसालों का रेट बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ी है, जिसका असर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
किराना कारोबारी धीरेंद्र निगम ने बताया कि सबसे ज्यादा असर मसालों और खाद्य तेल पर दिख रहा है। 120 रुपये किलो बिकने वाली पिसी धनिया 150 रुपये किलो हो चुकी है। जीरा, लौंग, इलाईची छोटी, काली मिर्च से लेकर लाल मिर्च तक के रेट बढ़े हैं। फुटकर रेट अधिक बढ़ा इसलिए लग रहा क्योंकि थोक रेट बढ़ोतरी के साथ हम लोग बढ़ा मालभाड़ा भी वहन कर रहे। उन्होंने बताया कि मसालों की महंगाई के कारण लोगों ने खरीद की मात्रा पहले की अपेक्षा घटाई है जिसका असर बिक्री पर दिख रहा।
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मसालों के कारोबारी विकास जायसवाल ने बताया कि मसालों को की कई वेराइटी है। साफ सुथरे व उच्च गुणवत्ता वाले मसाले अधिक महंगे हुए हैं।
सूची 2026
सामग्री- जनवरी- जून
- तेजपत्ता -60-70
- काली मिर्च- 750-820
- लाल मिर्च-180-220
- धनिया-90-- -120
- हल्दी-180-210
- जीरा-- 220-280
- मेथी-60-- 80
- लौंग-950-1100
- इलाइची छोटी-3200-3400
- इलाइची बड़ी-950-1100
- जायफल-820-860
(मूल्य रुपया प्रति किलो, फुटकर किराना बाजार महराजगंज)
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आवक घटने, मालभाड़ा बढ़ने का असर बता रहे हैं व्यापारी
महराजगंज। खाद्य तेल व रिफाइंड ऑयल में मूल्य बढ़ोतरी के बाद अब मसाले भी महंगे हो गए हैं। आवक घटने व मालभाड़ा बढ़ने के कारण मसालों में इस्तेमाल किए जाने वाले जीरा सहित अन्य उत्पादों का दाम 20 से 25 फीसदी तक बढ़े हैं। गृहणियों के मुताबिक रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के साथ मसालों का भाव बढ़ने से अब दाल में तड़का लगाना भी महंगा हो गया है।
घरेलू गैस, खाद्य तेल, दाल और मेवा की महंगाई के बाद अब मसाले भी महंगे हो गए हैं। घरेलू गैस के साथ सरसों तेल, रिफाइंड ऑयल के बाद मसालों का रेट बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ी है, जिसका असर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
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किराना कारोबारी धीरेंद्र निगम ने बताया कि सबसे ज्यादा असर मसालों और खाद्य तेल पर दिख रहा है। 120 रुपये किलो बिकने वाली पिसी धनिया 150 रुपये किलो हो चुकी है। जीरा, लौंग, इलाईची छोटी, काली मिर्च से लेकर लाल मिर्च तक के रेट बढ़े हैं। फुटकर रेट अधिक बढ़ा इसलिए लग रहा क्योंकि थोक रेट बढ़ोतरी के साथ हम लोग बढ़ा मालभाड़ा भी वहन कर रहे। उन्होंने बताया कि मसालों की महंगाई के कारण लोगों ने खरीद की मात्रा पहले की अपेक्षा घटाई है जिसका असर बिक्री पर दिख रहा।
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मसालों के कारोबारी विकास जायसवाल ने बताया कि मसालों को की कई वेराइटी है। साफ सुथरे व उच्च गुणवत्ता वाले मसाले अधिक महंगे हुए हैं।
सूची 2026
सामग्री- जनवरी- जून
- तेजपत्ता -60-70
- काली मिर्च- 750-820
- लाल मिर्च-180-220
- धनिया-90
- हल्दी-180-210
- जीरा
- मेथी-60
- लौंग-950-1100
- इलाइची छोटी-3200-3400
- इलाइची बड़ी-950-1100
- जायफल-820-860
(मूल्य रुपया प्रति किलो, फुटकर किराना बाजार महराजगंज)

जनरल मार्चेंट की दुकान पर रखे बिक्री के मसाले।