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Maharajganj News: बुखार पीड़ितों में कान का संक्रमण, प्रभावित हो रही श्रवण शक्ति
Sat, 07 Jun 2025 08:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 07 Jun 2025 08:43 PM IST
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महराजगंज। तापमान में तेजी से वृद्धि के बाद मौसम की नर्मी लोगों को वायरल बुखार के साथ कान में दर्द (ओटिटिस एक्सटर्ना) की चपेट में पहुंचा रही है। शनिवार को 13 बुखार पीड़ित ओपीडी में ऐसे मिले जिन्हें कान में दर्द की समस्या से भी जूझना पड़ रहा था। चिकित्सकों ने जांच के बाद गर्म पानी से सिंकाई की सलाह दी।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 718 रोगियों आ उपचार किया गया। वायरल बुखार के मरीजों की अधिकता रही। अधिकतर बुखार के मरीजों को कान में दर्द से भी दो चार हो रहे। नाक-कान व गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिरुद्ध ने जांच के बाद बताया कि तापमान की अधिकता के कारण शरीर के साथ-साथ कान भी डिहाइड्रेट होते हैं।
कान सूखा होकर संक्रमण की समस्या पैदा करता है जिससे कान में दर्द व सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। समस्या में गर्म पानी से सिंकाई करना सबसे बेहतर उपचार है। शुरुआती दिनों में अगर दो दिन सिंकाई की जाए तो संक्रमण आगे नहीं बढ़ता और समाप्त हो जाता है, लेकिन ध्यान न देने के कारण यह बढ़कर अंदरूनी हिस्से की नलिका में सूजन उत्पन्न करता है, जिससे कान दर्द व सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।
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आने वाले ऐसे रोगियों की जांच के बाद दवा व कान को गर्म पानी में काटन अथवा कपड़ा निचोड़कर सिंकाई करने की सलाह दी जा रही है। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि तापमान बढ़ने और घटने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। आने वाले रोगियों को जांच के बाद दवा व एहतियात बताया जा रहा है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 718 रोगियों आ उपचार किया गया। वायरल बुखार के मरीजों की अधिकता रही। अधिकतर बुखार के मरीजों को कान में दर्द से भी दो चार हो रहे। नाक-कान व गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिरुद्ध ने जांच के बाद बताया कि तापमान की अधिकता के कारण शरीर के साथ-साथ कान भी डिहाइड्रेट होते हैं।
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कान सूखा होकर संक्रमण की समस्या पैदा करता है जिससे कान में दर्द व सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। समस्या में गर्म पानी से सिंकाई करना सबसे बेहतर उपचार है। शुरुआती दिनों में अगर दो दिन सिंकाई की जाए तो संक्रमण आगे नहीं बढ़ता और समाप्त हो जाता है, लेकिन ध्यान न देने के कारण यह बढ़कर अंदरूनी हिस्से की नलिका में सूजन उत्पन्न करता है, जिससे कान दर्द व सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।
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आने वाले ऐसे रोगियों की जांच के बाद दवा व कान को गर्म पानी में काटन अथवा कपड़ा निचोड़कर सिंकाई करने की सलाह दी जा रही है। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि तापमान बढ़ने और घटने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। आने वाले रोगियों को जांच के बाद दवा व एहतियात बताया जा रहा है।