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Maharajganj News: शुष्क मौसम और ठंड की जुगलबंदी से सूख रही श्वसन नली
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अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर।
महराजगंज। शुष्क मौसम और ठंड की जुगलबंदी सांसों पर भारी पड़ रही है। श्वसन नली में सूखापन आने के कारण संक्रमण की रफ्तार मे इजाफा दर्ज किया जा रहा। बैक्टीरिया, वायरस व फंगस के एकसाथ अटैक के कारण सांस खीचने में असुविधा झेलनी पड़ रही है। यह समस्या फेफड़ों के संक्रमण के चलते बन रही जिससे क्षमता के अनुरूप फेफड़े सांस नहीं खींच पाते। ओपीडी में मंगलवार को 27 ऐसे रोगी पहुंचे जिन्हें चिकित्सकों ने दवा के साथ एहतियात का परामर्श दिया।
मंगलवार को जिला अस्पताल में 544 रोगियों का उपचार किया गया। सर्वाधिक संख्या खांसी, बुखार और फ्लू के रोगियों के बाद सांस के रोगियों की रही। ऐसे 27 रोगी पहुंचे जो भरपूर सांस नहीं ले पाने के कारण सांस के फूलने व बेचैनी जैसी समस्या से दो चार हो रहे थे। जांच रिपोर्ट व रोगियों के बताए गए लक्षण के मुताबिक डाॅ. पवन कुमार ने दवा परामर्श के साथ हिदायत पर जोर दिया। बताया कि सर्दी में इजाफा के साथ वायु में नमी की मात्रा कम हो रही है जिसके कारण श्वांस नली में सूखापन आ रहा। इस सूखेपन के कारण वायरस, बैक्टीरिया व फंगस का प्रतिरोध शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र नही करता और फेफड़े संक्रमण के दायरे में पहुंच जाते हैं। फेफड़ों के संक्रमण के कारण इनकी क्षमता घटती है जिससे सांस खींचने में असुविधा महसूस होती है। कुछ लोग जल्दी-जल्दी सांस खींचते जिससे सांस फूलने जैसी शिकायत होती है। ऐसे रोगियों को दवा परामर्श के साथ योग व व्यायाम की विशेष सलाह दी जा रही है।
योग की मदद से फिट रखें प्रणाली
जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि फेफड़ों में श्वसन संबंधी संक्रमण रोकने का सबसे सरल मार्ग योग है। भुजंगासन छाती और फेफड़ों को खोलने में मदद करता है। मत्स्यासन फेफड़ों को पूरी तरह से खोलकर उन्हें डिटॉक्स करने में मदद करता है। ऐसे में नियमित योग अपनाकर इससे निजात पाई जा सकती है।
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मंगलवार को जिला अस्पताल में 544 रोगियों का उपचार किया गया। सर्वाधिक संख्या खांसी, बुखार और फ्लू के रोगियों के बाद सांस के रोगियों की रही। ऐसे 27 रोगी पहुंचे जो भरपूर सांस नहीं ले पाने के कारण सांस के फूलने व बेचैनी जैसी समस्या से दो चार हो रहे थे। जांच रिपोर्ट व रोगियों के बताए गए लक्षण के मुताबिक डाॅ. पवन कुमार ने दवा परामर्श के साथ हिदायत पर जोर दिया। बताया कि सर्दी में इजाफा के साथ वायु में नमी की मात्रा कम हो रही है जिसके कारण श्वांस नली में सूखापन आ रहा। इस सूखेपन के कारण वायरस, बैक्टीरिया व फंगस का प्रतिरोध शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र नही करता और फेफड़े संक्रमण के दायरे में पहुंच जाते हैं। फेफड़ों के संक्रमण के कारण इनकी क्षमता घटती है जिससे सांस खींचने में असुविधा महसूस होती है। कुछ लोग जल्दी-जल्दी सांस खींचते जिससे सांस फूलने जैसी शिकायत होती है। ऐसे रोगियों को दवा परामर्श के साथ योग व व्यायाम की विशेष सलाह दी जा रही है।
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योग की मदद से फिट रखें प्रणाली
जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि फेफड़ों में श्वसन संबंधी संक्रमण रोकने का सबसे सरल मार्ग योग है। भुजंगासन छाती और फेफड़ों को खोलने में मदद करता है। मत्स्यासन फेफड़ों को पूरी तरह से खोलकर उन्हें डिटॉक्स करने में मदद करता है। ऐसे में नियमित योग अपनाकर इससे निजात पाई जा सकती है।
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