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Maharajganj News: सूखी मछली पहुंच रही नेपाल, तस्कर हो रहे मालामाल
Wed, 29 Nov 2023 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 29 Nov 2023 12:31 AM IST
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महराजगंज। डेढ़ से दो गुने मुनाफे के चक्कर में तस्कर सूखी हुई मछली (पकली) को सरहद पार कर रहे हैं। बीते दिनों एक पिकअप सूखी हुई मछली को कस्टम ने बरामद किया था। इससे सूखी हुई मछली के तस्करी की पोल खोली थी। गोरखपुर मछली मंडी से तस्कर पिकअप पर लादकर सूखी हुई मछली लाते हैं। मार्च के अलावा नवंबर माह में सूखी हुई मछली को कस्टम ने बरामद किया था। पिकअप से ले जाने के दौरान तो पकड़ में जा जाते हैं, लेकिन पगडंडियों से जाने वाले आसानी से सरहद पार कर जाते हैं।
सूत्र बताते हैं कि सूखी मछली गोरखपुर मंडी से लाई जाती है। थोक में करीब आठ से साढ़े आठ सौ रुपये के बीच सूखी मछली मिलती है। जिसे नेपाल के नारायण घाट और काठमांडों तक पहुंचाया जाता है। बाजार में थोक भाव 1250 से 1300 भारतीय रुपये में बेचा जाता है। सूखी हुई मछली का रेट नेपाल में आगे बढ़ने पर बढ़ता जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र में रेट में मिलता है, लेकिन नरायनघाट से आगे बढ़ने पर रेट करीब 1800 रुपये प्रतिकिलो हो जाता है। लक्ष्मीपुर क्षेत्र के आसपास का इलाकों में तस्करी ज्यादा हो रही है। तस्कर पहले मछली की खेप मंगाकर भारतीय इलाके में रखते हैं। फिर उसे अंधेरे में पिकअप की मदद से नेपाल भेज देते हैं। नेपाल के गोपीगंज महेशपुर में बैठे कुछ लोग आगे लेकर जाते हैं। कैरियरों की मदद से धंधे को अंजाम दिया रहा है। इसके अलावा मछली की तस्करी बॉर्डर के लक्ष्मीपुर, रेंगहिया और कनमिसवा से नेपाल पहुंच रही हैं। इन तीनों जगहों से प्रतिदिन 10 से 15 पिकअप मछली नेपाल भेजी जा रही है। बॉर्डर पर रात करीब सात से आठ बजे के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए और कैरियरों के माध्यम से मछलियों को नेपाल भेजा जाता है। वहीं बर्फ वाली मछली का भी तस्करी तेजी से हो रही है। बर्फ वाली मछली एक पिकअप में 20 से 25 रैक लाया जाता है। प्रति रैक में करीब 25 किलो रहता है।
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नेपाल में मछली अधिक महंगी बिक रही
भारतीय क्षेत्र की अपेक्षा नेपाल में मछली अधिक महंगी बिक रही है। इस कारण तस्करी होती है। पंगासियस जिले में 90 रुपये एवं नेपाल में 160 रुपये, राेहू जिले में 140 रुपये एवं नेपाल में 300 रुपये, जिले में कामन कार्प 140 रुपये किलो है। नेपाल में नेपाली मुद्रा में 450 रुपये किलो बिक जाती है। यह भारतीय मुद्रा में 280 रुपये किलो होगी। इस प्रकार बॉर्डर पार होते ही मछली का दाम दोगुना हो जाता है।
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केस नंबर एक
नौ मार्च 2023 को निचलौल थाना क्षेत्र के भारत नेपाल बॉर्डर पर पथलहवा बीओपी के एसएसबी जवानों ने दो डीएसएम पर लदी 35 क्विंटल सूखी मछली बरामद की। कस्टम ने भारत नेपाल बॉर्डर से सटे गांव कनमिसवा के निकट पिलर संख्या 499/4 से दो पिकअप पर लदी सूखी मछली बरामद किया था। मौके पर पकड़े गए दो व्यक्तियों से पूछताछ कर कार्रवाई की गई थी।
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केस नंबर दो
10 नवंबर 2023 को निचलौल थाना क्षेत्र के भारत नेपाल बॉर्डर पर शुक्रवार को एसएसबी झुलनीपुर बीओपी की टीम ने पिकअप पर लदी भारी मात्रा में मछली की पकली बरामद हुई थी। इस दौरान टीम ने एक व्यक्ति को भी पकड़ा गया था। टीम ने कार्रवाई करते हुए बरामद मछली की पकली और पकड़े गए व्यक्ति को कस्टम को सौंप दिया था। पिकअप पर करीब 12 क्विंटल पकली बरामद हुआ था।
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समय-समय पर जांच कर बरामदगी की जाती है। सूचना मिलने पर टीमें लगातार छापामारी कर कार्रवाई करती हैं। सूखी हुई मछली की खेप दो बार बरामदगी हुई है।
-रविंद्र तिवारी, कस्टम अधीक्षक, निचलौल
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सूत्र बताते हैं कि सूखी मछली गोरखपुर मंडी से लाई जाती है। थोक में करीब आठ से साढ़े आठ सौ रुपये के बीच सूखी मछली मिलती है। जिसे नेपाल के नारायण घाट और काठमांडों तक पहुंचाया जाता है। बाजार में थोक भाव 1250 से 1300 भारतीय रुपये में बेचा जाता है। सूखी हुई मछली का रेट नेपाल में आगे बढ़ने पर बढ़ता जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र में रेट में मिलता है, लेकिन नरायनघाट से आगे बढ़ने पर रेट करीब 1800 रुपये प्रतिकिलो हो जाता है। लक्ष्मीपुर क्षेत्र के आसपास का इलाकों में तस्करी ज्यादा हो रही है। तस्कर पहले मछली की खेप मंगाकर भारतीय इलाके में रखते हैं। फिर उसे अंधेरे में पिकअप की मदद से नेपाल भेज देते हैं। नेपाल के गोपीगंज महेशपुर में बैठे कुछ लोग आगे लेकर जाते हैं। कैरियरों की मदद से धंधे को अंजाम दिया रहा है। इसके अलावा मछली की तस्करी बॉर्डर के लक्ष्मीपुर, रेंगहिया और कनमिसवा से नेपाल पहुंच रही हैं। इन तीनों जगहों से प्रतिदिन 10 से 15 पिकअप मछली नेपाल भेजी जा रही है। बॉर्डर पर रात करीब सात से आठ बजे के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए और कैरियरों के माध्यम से मछलियों को नेपाल भेजा जाता है। वहीं बर्फ वाली मछली का भी तस्करी तेजी से हो रही है। बर्फ वाली मछली एक पिकअप में 20 से 25 रैक लाया जाता है। प्रति रैक में करीब 25 किलो रहता है।
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नेपाल में मछली अधिक महंगी बिक रही
भारतीय क्षेत्र की अपेक्षा नेपाल में मछली अधिक महंगी बिक रही है। इस कारण तस्करी होती है। पंगासियस जिले में 90 रुपये एवं नेपाल में 160 रुपये, राेहू जिले में 140 रुपये एवं नेपाल में 300 रुपये, जिले में कामन कार्प 140 रुपये किलो है। नेपाल में नेपाली मुद्रा में 450 रुपये किलो बिक जाती है। यह भारतीय मुद्रा में 280 रुपये किलो होगी। इस प्रकार बॉर्डर पार होते ही मछली का दाम दोगुना हो जाता है।
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केस नंबर एक
नौ मार्च 2023 को निचलौल थाना क्षेत्र के भारत नेपाल बॉर्डर पर पथलहवा बीओपी के एसएसबी जवानों ने दो डीएसएम पर लदी 35 क्विंटल सूखी मछली बरामद की। कस्टम ने भारत नेपाल बॉर्डर से सटे गांव कनमिसवा के निकट पिलर संख्या 499/4 से दो पिकअप पर लदी सूखी मछली बरामद किया था। मौके पर पकड़े गए दो व्यक्तियों से पूछताछ कर कार्रवाई की गई थी।
केस नंबर दो
10 नवंबर 2023 को निचलौल थाना क्षेत्र के भारत नेपाल बॉर्डर पर शुक्रवार को एसएसबी झुलनीपुर बीओपी की टीम ने पिकअप पर लदी भारी मात्रा में मछली की पकली बरामद हुई थी। इस दौरान टीम ने एक व्यक्ति को भी पकड़ा गया था। टीम ने कार्रवाई करते हुए बरामद मछली की पकली और पकड़े गए व्यक्ति को कस्टम को सौंप दिया था। पिकअप पर करीब 12 क्विंटल पकली बरामद हुआ था।
समय-समय पर जांच कर बरामदगी की जाती है। सूचना मिलने पर टीमें लगातार छापामारी कर कार्रवाई करती हैं। सूखी हुई मछली की खेप दो बार बरामदगी हुई है।
-रविंद्र तिवारी, कस्टम अधीक्षक, निचलौल