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बूंदाबांदी से लुढ़का पारा, स्कूल बंद
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
Updated Wed, 20 Jan 2016 12:15 AM IST
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देर शुरू हुई गलन भरी ठंड से मंगलवार को जनजीवन अस्त नजर आया। पांच डिग्री तापमान गिरने से लोग ठिठुरन से बचने के लिए पुलाव, कागज और चाय भट्ठियों पर नजर आए। नगर पालिका के अधिकारी रजाई में रहे। इस बीच स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है।
दिसबंर और जनवरी में हाड़ कंपा देनी वाली ठंड का असली चेहरा डेढ़ माह बाद मंगलवार को दिखा। हल्की बारिश किसानों के चेहरे पर तो खुशी दे रही थी लेकिन ठंड से चिंता की लकीरें भी थीं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि बूंदाबांदी ही सही गेहूं की फसल के लिए वरदान है।
नगर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोगों ने नगरपालिका कि व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कागज, पुआल और टायर जलाकर लोग ठंड की मार से बचने का प्रयास करते रहे। इस संबंध में पालिका के चेयरमैन प्रतिनिधि चंद्रजीत भारती का कहना था कि अलाव की व्यवस्था के लिए लकड़ी का टेंडर हो गया है। जिससे जल्द ही अलाव की व्यवस्था हो जाएगी और लोगों को ठंड से राहत मिल सकेगी।
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अचानक मौसम में बदलाव से जिला अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 24 घंटे में 60 मरीज भर्ती हुए। जिसमें 17 बच्चे शामिल हैं। सोमवार को तेज धूप होने के बाद शाम से ठंड बढ़ गई। मंगलवार सुबह से ही तेज हवाओं के साथ गलन और बढ़ गई। ठंड अधिक होने का असर सड़कों व सरकारी कार्यालयों में दिखा। जहां कर्मचारी कुर्सी छोड़कर दूसरी जगह आग सेकते मिले। जिला अस्पताल के डॉ. यूके मौर्य का कहना है कि ठंड की वजह से सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
नौतनवा। ठिठुरन और गलन बढ़ने से सबसे ज्यादा दिक्कतें मरीजों और स्कूली बच्चों को हुई। स्कूल छूटने के बाद बच्चे ठिठुरते हुए घरों को रवाना हुए। नौतनवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्री पेड़ के पत्तों को जलाकर आग सेंकते दिखे। रेलवे स्टेशन चौराहे पर छोड़कर किसी भी चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नहीं थी।
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दिसबंर और जनवरी में हाड़ कंपा देनी वाली ठंड का असली चेहरा डेढ़ माह बाद मंगलवार को दिखा। हल्की बारिश किसानों के चेहरे पर तो खुशी दे रही थी लेकिन ठंड से चिंता की लकीरें भी थीं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि बूंदाबांदी ही सही गेहूं की फसल के लिए वरदान है।
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नगर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोगों ने नगरपालिका कि व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कागज, पुआल और टायर जलाकर लोग ठंड की मार से बचने का प्रयास करते रहे। इस संबंध में पालिका के चेयरमैन प्रतिनिधि चंद्रजीत भारती का कहना था कि अलाव की व्यवस्था के लिए लकड़ी का टेंडर हो गया है। जिससे जल्द ही अलाव की व्यवस्था हो जाएगी और लोगों को ठंड से राहत मिल सकेगी।
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अचानक मौसम में बदलाव से जिला अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 24 घंटे में 60 मरीज भर्ती हुए। जिसमें 17 बच्चे शामिल हैं। सोमवार को तेज धूप होने के बाद शाम से ठंड बढ़ गई। मंगलवार सुबह से ही तेज हवाओं के साथ गलन और बढ़ गई। ठंड अधिक होने का असर सड़कों व सरकारी कार्यालयों में दिखा। जहां कर्मचारी कुर्सी छोड़कर दूसरी जगह आग सेकते मिले। जिला अस्पताल के डॉ. यूके मौर्य का कहना है कि ठंड की वजह से सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
नौतनवा। ठिठुरन और गलन बढ़ने से सबसे ज्यादा दिक्कतें मरीजों और स्कूली बच्चों को हुई। स्कूल छूटने के बाद बच्चे ठिठुरते हुए घरों को रवाना हुए। नौतनवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्री पेड़ के पत्तों को जलाकर आग सेंकते दिखे। रेलवे स्टेशन चौराहे पर छोड़कर किसी भी चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नहीं थी।