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Maharajganj News: सिर के दर्द को हल्के में न लें, हो सकता है माइग्रेन

Tue, 05 Sep 2023 02:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Sep 2023 02:01 AM IST
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Do not take headache lightly, it may be migraine.
माइग्रेन का दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता, बिना परामर्श न लें दवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। केएमसी डिजिटल अस्पताल पहुंचे मदरहना के 50 वर्षीय सत्यजीत राय सिरदर्द से परेशान थे। डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि माइग्रेन है। अब उनका इलाज चल रहा है। यह समस्या अकेले सत्यजीत की नहीं है। इसका शिकार कोई भी हो सकता है। अगर बार-बार सिरदर्द हो रहा है तो इसे हल्के में न लें। यह माइग्रेन का कारण हो सकता है। माइग्रेन के वार से सावधान रहने की जरूरत है।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष दास ने बताया कि लगभग 50 से ज्यादा तरह के सिरदर्द होते हैं। इनमें तनाव, डिप्रेशन और अन्य मानसिक कारणों की वजह से सिरदर्द शामिल हैं। दूसरा प्रमुख सिरदर्द है माइग्रेन प्राइमरी सिरदर्द, कलस्टर सिरदर्द, तनाव का सिरदर्द, इनका कोई ज्ञात कारण नहीं होता और ये कम खतरनाक होते हैं। दूसरी तरह का सिरदर्द होता है बीमारियों के कारण। जैसे ट्यूमर, खून की नस का फटना आदि। माइग्रेन का दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष दास बताते हैं कि माइग्रेन के दो में से एक व्यक्ति का मानना होता है कि उसे सामान्य सिरदर्द है। जबकि यह विश्व का तीसरा सबसे आम रोग है। करीब 50 प्रतिशत लोग चिकित्सक से बिना परामर्श लिए दवाइयां ले लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए।
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मानसिक रोग विभाग में 20 फीसदी को निकला माइग्रेन
केएमसी डिजिटल अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष दास ने बताया कि जनवरी 2023 से लेकर अगस्त 2023 तक करीब 20,000 मरीजों की जांच में पता चला कि इनमें से 30 प्रतिशत मरीज डिप्रेशन के शिकार थे। इनमें से 47 फीसदी को नींद न आने की बीमारी थी। 15 फीसदी में घबराहट या फोबिया मिला। दो फीसदी के व्यवहार में दिक्कत थी।
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माइग्रेन में ज्यादा खतरे के लक्षण
40 साल की उम्र के बाद सिर दर्द की शुरुआत।
बार-बार व तेज दर्द होना एवं दर्द के प्रकार में बदलाव होना।
अचानक से दर्द की शुरुआत होना।
व्यवहार में बदलाव होना।
सिरदर्द के साथ बुखार, गर्दन का अकड़ना, चक्कर आना, हाथों-पैरों में कमजोरी आना।
सिर की चोट के बाद दर्द होना
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माइग्रेन में कम खतरे के लक्षण
30 साल से कम उम्र में सिरदर्द होना, सिरदर्द के तरीके में बदलाव न होना और शारीरिक जांच में कोई कमी न आना।
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बचाव के सामान्य उपाय
- सिर दर्द के मरीजों को ज्यादा देर भूखा नहीं रहना चाहिए।
- तेज धूप या हवा से बचाव जरूरी है।
- ज्यादा देर तक टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल गेम्स या कान में लीड लगाकर म्यूजिक नहीं सुनना चाहिए।
- ज्यादा ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स से भी सिर दर्द की शुरुआत हो सकती है।
- तनावमुक्त रहें और नियमित मेडिटेशन करें।
- अधिक पानी पिएं, स्वयं दवाइयां न लें।
- जब दर्द तेज होता है तो दर्द निवारक दवा देना जरूरी हो जाता है।
- माइग्रेन से खतरे के लक्षण दिखने पर सीटी स्कैन और एमआरआई कराई जाती है।
- इलाज पीड़ित मरीज को दवाइयां

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