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Maharajganj News: डीजल-पेट्रोल की किल्लत जारी... पेट्रोल पंपों पर मची मारामारी
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नौतनवा में पेट्रोल पंप पर उमड़ी भीड़।
जिलाधिकारी ने सुबह सात से शाम सात बजे तक पेट्रोल पंप संचालित करने के दिए निर्देश
रात में पेट्रोल पंपों पर ही बिस्तर लगाकर सो रहे हैं लोग
महराजगंज/शिकारपुर। जनपद में डीजल-पेट्रोल के लिए मारामारी मची हुई है। डीजल-पेट्रोल के लिए लोग पंपों पर रात से ही लाइन में लग जा रहे हैं। कहीं-कहीं डीजल सुबह 10 बजे पहुंच रहा है तो कहीं दोपहर बाद पहुंच रहा है। इसके बाद भी लोग डीजल के इंतजार में लगे हुए हैं। रात में लग रही लंबी लाइनों को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सुबह सात से शाम सात बजे तक पेट्रोल पंप संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
शिकारपुर प्रतिनिधि के अनुसार, शिकारपुर स्थित इंडेन पेट्रोल पंप पर किसान डीजल के लिए रात से ही लाइन में लग जा रहे हैं। सुबह तक लोग डीजल के इंतजार में वहीं पर बिस्तर लगाकर सो रहे हैं। इसके चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, गर्मी और तेज धूप के बीच क्षेत्र में डीजल संकट ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में पेट्रोल पंपों पर डीजल लेने के लिए ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग रही हैं। सरकारी स्तर पर पर्याप्त आपूर्ति के दावे के बावजूद ईंधन की किल्लत से लोग काफी परेशान हैं। क्षेत्र के चौक, रुदरौली, मिठौरा, सिंदुरिया सहित दर्जनों पेट्रोल पंपों पर घंटों इंतजार के बावजूद किसानों को आसानी से डीजल नहीं मिल पा रहा है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के बीच किसान भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।
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पेट्रोल पंपों के बाहर ट्रैक्टरों की कतारें दूर तक दिखाई दे रही हैं। किसान अपने ट्रैक्टरों के पास बैठकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई किसान सिर पर गमछा और तौलिया रखकर धूप से बचने का प्रयास करते दिखे, जबकि कुछ लोग पेड़ों की छांव में राहत तलाशते नजर आए।
आधी रात से लाइन में लग रहे किसान
किसानों का कहना है कि खेती के कार्य पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। डीजल की किल्लत ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एक किसान ने बताया कि डीजल की सूचना मिलते ही रात से ही लाइन में लगना पड़ता है, तब जाकर सुबह नंबर आता है। कई बार पूरा दिन लाइन में बीत जाता है। किसानों का कहना है कि खेतों की जुताई, सिंचाई और बुवाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और अतिरिक्त व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
फोटो
पंपों पर उमड़ी रही भीड़
नौतनवा। डीजल और पेट्रोल की समस्या वर्तमान में भी बरकरार है। महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति का जस की तस ही बनी हुई है। मंगलवार को भी कस्बा स्थित पंप पर तेल भराने को लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। दर्जनों की संख्या में बाइक सवार कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कस्बे के मुख्य मार्ग स्थित पंप पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ उमड़ने और वाहनों के कतारों में खड़े रहने के कारण नगर में जाम की स्थिति भी बनी रही। काफी देर तक लोग जाम के झाम से भी जूझते रहे। दोपहर में तेल समाप्त होने के बाद पंप पर सन्नाटा पसरा, इसके बाद आवागमन की स्थिति सुचारु हो सकी। संवाद
वर्जन
जनपद में डीजल एवं पेट्रोल की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। सामान्य दिनों में जनपद में रोजाना करीब 250 किलो लीटर डीजल एवं 200 किलो लीटर पेट्रोल की मांग एवं खपत रहती है। वर्तमान समय में पेट्रोल पंपों पर 929 किलो लीटर डीजल तथा 632 किलो लीटर पेट्रोल उपलब्ध है। आमजन द्वारा असामान्य एवं आवश्यकता से अधिक खरीददारी करने से दैनिक मांग बढ़कर 371 किलो लीटर डीजल एवं 210 किलो लीटर पेट्रोल तक पहुंच गई है।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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रात में पेट्रोल पंपों पर ही बिस्तर लगाकर सो रहे हैं लोग
महराजगंज/शिकारपुर। जनपद में डीजल-पेट्रोल के लिए मारामारी मची हुई है। डीजल-पेट्रोल के लिए लोग पंपों पर रात से ही लाइन में लग जा रहे हैं। कहीं-कहीं डीजल सुबह 10 बजे पहुंच रहा है तो कहीं दोपहर बाद पहुंच रहा है। इसके बाद भी लोग डीजल के इंतजार में लगे हुए हैं। रात में लग रही लंबी लाइनों को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सुबह सात से शाम सात बजे तक पेट्रोल पंप संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
शिकारपुर प्रतिनिधि के अनुसार, शिकारपुर स्थित इंडेन पेट्रोल पंप पर किसान डीजल के लिए रात से ही लाइन में लग जा रहे हैं। सुबह तक लोग डीजल के इंतजार में वहीं पर बिस्तर लगाकर सो रहे हैं। इसके चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, गर्मी और तेज धूप के बीच क्षेत्र में डीजल संकट ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में पेट्रोल पंपों पर डीजल लेने के लिए ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग रही हैं। सरकारी स्तर पर पर्याप्त आपूर्ति के दावे के बावजूद ईंधन की किल्लत से लोग काफी परेशान हैं। क्षेत्र के चौक, रुदरौली, मिठौरा, सिंदुरिया सहित दर्जनों पेट्रोल पंपों पर घंटों इंतजार के बावजूद किसानों को आसानी से डीजल नहीं मिल पा रहा है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के बीच किसान भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।
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पेट्रोल पंपों के बाहर ट्रैक्टरों की कतारें दूर तक दिखाई दे रही हैं। किसान अपने ट्रैक्टरों के पास बैठकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई किसान सिर पर गमछा और तौलिया रखकर धूप से बचने का प्रयास करते दिखे, जबकि कुछ लोग पेड़ों की छांव में राहत तलाशते नजर आए।
आधी रात से लाइन में लग रहे किसान
किसानों का कहना है कि खेती के कार्य पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। डीजल की किल्लत ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एक किसान ने बताया कि डीजल की सूचना मिलते ही रात से ही लाइन में लगना पड़ता है, तब जाकर सुबह नंबर आता है। कई बार पूरा दिन लाइन में बीत जाता है। किसानों का कहना है कि खेतों की जुताई, सिंचाई और बुवाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और अतिरिक्त व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
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पंपों पर उमड़ी रही भीड़
नौतनवा। डीजल और पेट्रोल की समस्या वर्तमान में भी बरकरार है। महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति का जस की तस ही बनी हुई है। मंगलवार को भी कस्बा स्थित पंप पर तेल भराने को लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। दर्जनों की संख्या में बाइक सवार कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कस्बे के मुख्य मार्ग स्थित पंप पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ उमड़ने और वाहनों के कतारों में खड़े रहने के कारण नगर में जाम की स्थिति भी बनी रही। काफी देर तक लोग जाम के झाम से भी जूझते रहे। दोपहर में तेल समाप्त होने के बाद पंप पर सन्नाटा पसरा, इसके बाद आवागमन की स्थिति सुचारु हो सकी। संवाद
वर्जन
जनपद में डीजल एवं पेट्रोल की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। सामान्य दिनों में जनपद में रोजाना करीब 250 किलो लीटर डीजल एवं 200 किलो लीटर पेट्रोल की मांग एवं खपत रहती है। वर्तमान समय में पेट्रोल पंपों पर 929 किलो लीटर डीजल तथा 632 किलो लीटर पेट्रोल उपलब्ध है। आमजन द्वारा असामान्य एवं आवश्यकता से अधिक खरीददारी करने से दैनिक मांग बढ़कर 371 किलो लीटर डीजल एवं 210 किलो लीटर पेट्रोल तक पहुंच गई है।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी