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ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी के लिए धरना
अमर उजाला ब्यूरो/ महराजगंज
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:23 AM IST
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धरना
- फोटो : अमर उजाला
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बेलवा मठ के उत्तराधिकारी गौरीशंकर दास को पीटने का मामला गर्मा गया है। आरोपी ग्राम प्रधान व उनके सर्मथकों पर केस दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी करने की मांग को लेकर आसपास के ग्रामीण आंदोलित हो गए हैं। सोमवार को बेलवा खुर्द, संपतिहा एवं छतरापार के ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील परिसर में इस मामले को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने एसडीएम देवेश गुप्ता को ज्ञापन सौपकर कार्रवाई की मांग की है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों कहना है कि पुरंदरपुर क्षेत्र के बलवा खुर्द मठ के उमाशंकर दास महंत तथा गौरीशंकर दास उत्तराधिकारी हैं। मठ की भूमि को लेकर कई वर्षों से मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। मठ के विरोधी रहे ग्राम प्रधान व उनके सर्मथकों द्वारा हर जगह अपशब्दों का प्रयोग किया जाता रहा है। छह जुलाई को ग्राम प्रधान गांव में एक चाय की दुकान पर साधु-संतों को अपशब्द कह रहे थे। इसके बाद वहां मौजूद ग्रामीणों के विरोध के बाद मारपीट हो गई।
जबकि वहां पर मठ का कोई व्यक्ति नहीं मौजूद था। मारपीट के बाद ग्राम प्रधान अपने समर्थकों के साथ मठ पर पहुंच गए। साधु-संतों पर विवाद कराने का आरोप लगाकर मठ के अंदर मंदिर और घर में जमकर तोड़फोड़ की और गौरीशंकर दास को लाठी डंडों से बुरी तरह मारपीट कर सारा सामान उठा ले गए। प्रधान के दबाव में साधु-संतों की तरफ से पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। बल्कि उल्टे ही घायल हाल में गौरीशंकर दास को थाने ले गई और उनके विरुद्ध एक फर्जी केस दर्जकर जेल भेज दिया।
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ग्रामीणों की मांग है कि जब तक ग्राम प्रधान सहित उनके समर्थकों पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाएगी तब तक वो लोग धरने पर बैठे रहेंगे। धरने पर गौरीशंकर दास, रमाशंकर त्रिपाठी, विनोद अग्रहरी, जगरनाथ, कोमल पासवान, इन्द्रावती देवी, शारदा देवी, संगीता देवी आदि मौजूद रहे।
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धरने पर बैठे ग्रामीणों कहना है कि पुरंदरपुर क्षेत्र के बलवा खुर्द मठ के उमाशंकर दास महंत तथा गौरीशंकर दास उत्तराधिकारी हैं। मठ की भूमि को लेकर कई वर्षों से मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। मठ के विरोधी रहे ग्राम प्रधान व उनके सर्मथकों द्वारा हर जगह अपशब्दों का प्रयोग किया जाता रहा है। छह जुलाई को ग्राम प्रधान गांव में एक चाय की दुकान पर साधु-संतों को अपशब्द कह रहे थे। इसके बाद वहां मौजूद ग्रामीणों के विरोध के बाद मारपीट हो गई।
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जबकि वहां पर मठ का कोई व्यक्ति नहीं मौजूद था। मारपीट के बाद ग्राम प्रधान अपने समर्थकों के साथ मठ पर पहुंच गए। साधु-संतों पर विवाद कराने का आरोप लगाकर मठ के अंदर मंदिर और घर में जमकर तोड़फोड़ की और गौरीशंकर दास को लाठी डंडों से बुरी तरह मारपीट कर सारा सामान उठा ले गए। प्रधान के दबाव में साधु-संतों की तरफ से पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। बल्कि उल्टे ही घायल हाल में गौरीशंकर दास को थाने ले गई और उनके विरुद्ध एक फर्जी केस दर्जकर जेल भेज दिया।
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ग्रामीणों की मांग है कि जब तक ग्राम प्रधान सहित उनके समर्थकों पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाएगी तब तक वो लोग धरने पर बैठे रहेंगे। धरने पर गौरीशंकर दास, रमाशंकर त्रिपाठी, विनोद अग्रहरी, जगरनाथ, कोमल पासवान, इन्द्रावती देवी, शारदा देवी, संगीता देवी आदि मौजूद रहे।