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Maharajganj News: श्रद्धालुओं ने नदियों में लगाई आस्था की डुबकी
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कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर नेपाल के त्रिवेणी संगम में स्नान करते श्रद्धालु ।
महराजगंज। जिले में कार्तिक पूर्णिमा पर नारायणी, राप्ती, रोहिन और डंडा और छोटी गंडक, चंदन, प्यास आदि नदियों के तट पर स्नान दान करके पुण्य लाभ लेने के लिए बुधवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह होते ही नदियों के तट हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने न केवल नदियों में डुबकी लगाई, बल्कि उसके बाद गो- दान करके पुण्य लाभ कमाया।
जिले में नारायणी नदी के त्रिवेणी, रोहिन नदी के त्रिमोहानी, चानकी घाट, छोटी गंडक के बैकुंठी धाम और डंडा नदी, चंदन व झरही उर्फ प्यास नदी के दोमुहान घाटों पर मेले का भी लोगों ने आनंद उठाया। सदर क्षेत्र के त्रिमुहानी घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने स्नान-ध्यान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दिया। बाद में विभिन्न मंदिर और मठों में जाकर देवी-देवताओं के दर्शन किया।
चौक बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, केवलापुर खुर्द के पश्चिम से होकर बहने वाली रोहिन नदी के चानकी घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। सुबह चार बजे से ही आसपास के गांवों बागापार, बराईठवा, परासखाड़, झुंगवा, बेलभरिया, कटहरा सहित दर्जनों गांवों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। नदी किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ से घाट पर मेले जैसा दृश्य रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मेले का लुत्फ उठाया। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। वहीं रोहिन नदी के त्रिमोहानी घाट पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान दान करके पुण्य अर्जित किया।
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ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार, चंदन व झरही उर्फ प्यास नदी के दो मुहान घाट व नारायणी नदी के त्रिवेणी घाट पर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर परिवार में सुख-शांति की कामना की। इस दौरान गंगा मैया की जयकारे से पूरा घाट गूंज उठा। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के ग्राम किशनपुर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम सभा की ओर से रामलीला का आयोजन किया गया था जिसका समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन बुधवार को हुआ। रामनगर, किसुनपुर, पिपरडाढा, धरमौली, सोबडा, बैरीहवां, लक्ष्मीपुर, रमगढवां, भरगाही, शीशगढ़, डगरुपुर, नवडिहवां, खैरहवां जंगल, खैराटी, जिगनिहवां, मल्लाह टोली, अहिरन टोला, रुदलापुर, धुमठवां, पिपरहवां, निबिअहवां, हरपुर, बेलहियांं आदि गांवों के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किसुनपुर गांव के दक्षिण झरही उर्फ प्यास नदी व चंदन नदी के मिलान स्थल दोमुहान घाट पर में डुबकी लगाकर परिवार में सुख-शांति की कामना की। धानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती नदी के तट पर श्रद्धालुओं का हुजूम देखने को मिला। लोग प्रातःकाल से नदी में स्नान ध्यान करने के लिए घाटों पर पहुंचने लगे।
घुघली प्रतिनिधि के अनुसार, नगर स्थित बैकुंठी धाम से होकर बहने वाली छोटी गंडक नदी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भोर होते ही घाट पर “हर-हर गंगे” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंज उठे। सूर्योदय के साथ ही आस्था का सैलाब ऐसा उमड़ा कि पूरा क्षेत्र धार्मिक उल्लास में डूब गया।
हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने छोटी गंडक के पवित्र जल में स्नान-ध्यान कर दान कर पुण्य अर्जन किया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी ने स्नान के बाद भगवान विष्णु व भगवान शिव के मंदिरों में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार, भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लोगों ने कार्तिक पूर्णिमा पर नदियों में स्नान कर दान-पुण्य किया। सरहदी गांव हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, सुंडी, सुकरौली उर्फ अरघा, बरगदवा उर्फ गनवरिया आदि गांव के लोग डंडा नदी, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा गांव के लोग दोमुहानघाट , खनुआ, शेख फरेंदा आदि गांव के लोगों ने घाघरा नदी पर स्नान पर स्नान कर दान पुण्य किया।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, भारत नेपाल सीमा पर स्थित नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव चंडीथान डंडा नदी के तट पर मेला लगा। भोर में भारत और नेपाल के सरहदी इलाके के श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान करके गोदान किया। क्षेत्र के मुड़िला, खरग बरवा, चौतरवा, आराजी महुअवा, चड़लहा, नरकटहा, चमैनिया उर्फ भेड़ही, गजरहा, गजरही, संपतिहा, कौलही, राजधानी, छितरापार, बरवाखुर्द, पैसिया बाबू, बैरिया बाजार, नेपाल के कर्णधार से दर्जन भर से अधिक गांव के लोग रामलीला और मेला देखने तथा स्नान दान करने आए।
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जिले में नारायणी नदी के त्रिवेणी, रोहिन नदी के त्रिमोहानी, चानकी घाट, छोटी गंडक के बैकुंठी धाम और डंडा नदी, चंदन व झरही उर्फ प्यास नदी के दोमुहान घाटों पर मेले का भी लोगों ने आनंद उठाया। सदर क्षेत्र के त्रिमुहानी घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने स्नान-ध्यान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दिया। बाद में विभिन्न मंदिर और मठों में जाकर देवी-देवताओं के दर्शन किया।
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चौक बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, केवलापुर खुर्द के पश्चिम से होकर बहने वाली रोहिन नदी के चानकी घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। सुबह चार बजे से ही आसपास के गांवों बागापार, बराईठवा, परासखाड़, झुंगवा, बेलभरिया, कटहरा सहित दर्जनों गांवों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। नदी किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ से घाट पर मेले जैसा दृश्य रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मेले का लुत्फ उठाया। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। वहीं रोहिन नदी के त्रिमोहानी घाट पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान दान करके पुण्य अर्जित किया।
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ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार, चंदन व झरही उर्फ प्यास नदी के दो मुहान घाट व नारायणी नदी के त्रिवेणी घाट पर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर परिवार में सुख-शांति की कामना की। इस दौरान गंगा मैया की जयकारे से पूरा घाट गूंज उठा। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के ग्राम किशनपुर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम सभा की ओर से रामलीला का आयोजन किया गया था जिसका समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन बुधवार को हुआ। रामनगर, किसुनपुर, पिपरडाढा, धरमौली, सोबडा, बैरीहवां, लक्ष्मीपुर, रमगढवां, भरगाही, शीशगढ़, डगरुपुर, नवडिहवां, खैरहवां जंगल, खैराटी, जिगनिहवां, मल्लाह टोली, अहिरन टोला, रुदलापुर, धुमठवां, पिपरहवां, निबिअहवां, हरपुर, बेलहियांं आदि गांवों के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किसुनपुर गांव के दक्षिण झरही उर्फ प्यास नदी व चंदन नदी के मिलान स्थल दोमुहान घाट पर में डुबकी लगाकर परिवार में सुख-शांति की कामना की। धानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती नदी के तट पर श्रद्धालुओं का हुजूम देखने को मिला। लोग प्रातःकाल से नदी में स्नान ध्यान करने के लिए घाटों पर पहुंचने लगे।
घुघली प्रतिनिधि के अनुसार, नगर स्थित बैकुंठी धाम से होकर बहने वाली छोटी गंडक नदी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भोर होते ही घाट पर “हर-हर गंगे” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंज उठे। सूर्योदय के साथ ही आस्था का सैलाब ऐसा उमड़ा कि पूरा क्षेत्र धार्मिक उल्लास में डूब गया।
हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने छोटी गंडक के पवित्र जल में स्नान-ध्यान कर दान कर पुण्य अर्जन किया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी ने स्नान के बाद भगवान विष्णु व भगवान शिव के मंदिरों में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार, भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लोगों ने कार्तिक पूर्णिमा पर नदियों में स्नान कर दान-पुण्य किया। सरहदी गांव हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, सुंडी, सुकरौली उर्फ अरघा, बरगदवा उर्फ गनवरिया आदि गांव के लोग डंडा नदी, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा गांव के लोग दोमुहानघाट , खनुआ, शेख फरेंदा आदि गांव के लोगों ने घाघरा नदी पर स्नान पर स्नान कर दान पुण्य किया।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, भारत नेपाल सीमा पर स्थित नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव चंडीथान डंडा नदी के तट पर मेला लगा। भोर में भारत और नेपाल के सरहदी इलाके के श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान करके गोदान किया। क्षेत्र के मुड़िला, खरग बरवा, चौतरवा, आराजी महुअवा, चड़लहा, नरकटहा, चमैनिया उर्फ भेड़ही, गजरहा, गजरही, संपतिहा, कौलही, राजधानी, छितरापार, बरवाखुर्द, पैसिया बाबू, बैरिया बाजार, नेपाल के कर्णधार से दर्जन भर से अधिक गांव के लोग रामलीला और मेला देखने तथा स्नान दान करने आए।