फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Despite the recommendations of the MP and MLC, the Karidiha-Kishunpur road was not built.

Maharajganj News: सांसद और एमएलसी की सिफारिशों के बाद भी नहीं बना कारीडीहा-किशुनपुर मार्ग

Thu, 04 Jun 2026 02:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
Despite the recommendations of the MP and MLC, the Karidiha-Kishunpur road was not built.
बदहाल किशुनपुर मार्ग।  
विकास के दावों के बीच 34 साल से सांसत झेल रहे एक दर्जन गांवों के लोग
विज्ञापन

प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा गया, बजट स्वीकृति का हो रहा इंतजार
मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी कार्यालय और जनसुनवाई पोर्टल पर भेजी जा चुके हैं 204 पत्र और शिकायतें
चिउटहां। विकासखंड सिसवा का कारीडीहा-किशुनपुर मार्ग पिछले 34 वर्षों से बदहाली का दंश झेल रहा है। वर्ष 1991 में निर्मित करीब 900 मीटर लंबी यह सड़क पूरी तरह जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हालत यह है कि सांसद और एमएलसी की सिफारिशों के बाद प्राक्कलन रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजा गया। मगर बजट स्वीकृत नहीं हो पाने से सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह मार्ग कारीडीहा चौराहे से किशुनपुर होते हुए मुंडेरा, नेटुरी, सुगौली, बरवा पंडित, सेमरी, घोडनर, कमता और जहदा सहित कई गांवों को जोड़ता है। क्षेत्र के करीब 20 हजार लोग प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण मरीजों, छात्रों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के चलते लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। बावजूद इसके निर्माण की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो की गई है।
विज्ञापन

पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख संजय पांडेय ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय और जनसुनवाई पोर्टल पर अब तक 204 पत्र और शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा एमएलसी सीपी चंद, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह तथा केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी निर्माण कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं ग्रामीणों के लगातार प्रयास के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने सड़क निर्माण का प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेज दिया है। बावजूद इसके निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस संबंध में ग्रामीण अभियंत्रण के अवर अभियंता मधुसूदन ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी।

स्पीकअप
तीन दशक से ज्यादा समय से इस सड़क की बदहाली का दंश लोग झेल रहे हैं। इससे संबंधित विभाग की लापरवाही से आजिज आ गए हैं। यदि इस सड़क का निर्माण शुरु नहीं कराया गया तो सड़क पर उतरना ही पड़ेगा।
-अनिल गुप्ता, दुर्गेश प्रजापति, ग्राम किशुनपुर
...................
34 साल से क्षेत्र की जनता हर चुनाव में नेताओं के समक्ष इस गंभीर मुद्दे को उठाती है। आश्वासन मिलता है, मगर चुनाव बीतते ही सबकुछ यथावत रह जाता है।
-संजय कुमार पांडेय, पूर्व जेष्ठ उप प्रमुख सिसवा, निवासी किशुनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed