{"_id":"6a2c6fb114da4abff30061af","slug":"demand-to-withdraw-the-decision-to-impose-a-10-fuel-surcharge-on-electricity-bills-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-179084-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बिजली बिल में 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाने का फैसला वापस लेने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बिजली बिल में 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाने का फैसला वापस लेने की मांग
विज्ञापन
व्यापार मंडल ने अधीक्षण अभियंता को सौंपा ज्ञापन
महराजगंज। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता विद्युत को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बिजली बिल पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाने के निर्णय का विरोध किया। व्यापारियों ने इस बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग, गोमती नगर लखनऊ को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल ने कहा कि जून माह से बिजली बिल पर 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने की घोषणा की गई है, जबकि इसके लिए नियामक आयोग से पूर्व अनुमति नहीं ली गई। घरेलू एवं औद्योगिक बिजली बिलों में पहले से ही फिक्स चार्ज लिया जा रहा है, जबकि वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज के साथ-साथ न्यूनतम शुल्क भी वसूला जाता है। इसके अतिरिक्त सभी श्रेणियों के बिजली बिलों में 7.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी जोड़ी जाती है।
व्यापार मंडल ने कहा कि नियामक आयोग प्रत्येक वर्ष बिजली उत्पादन लागत और खर्चों की समीक्षा करने के बाद आम जनता से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त कर बिजली दरों का निर्धारण करता है। ऐसे में बीच सत्र में अचानक बिजली दरों में वृद्धि करना उचित नहीं है। व्यापारियों ने कहा कि बिजली शुल्क में वृद्धि से उद्योग एवं व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ज्ञापन देने के दौरान दुर्गेश कुमार, अशोक, मनोज, श्रवण, दीपक, विवेक कुमार एवं मनोज अग्रहरि सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता विद्युत को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बिजली बिल पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाने के निर्णय का विरोध किया। व्यापारियों ने इस बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग, गोमती नगर लखनऊ को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल ने कहा कि जून माह से बिजली बिल पर 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने की घोषणा की गई है, जबकि इसके लिए नियामक आयोग से पूर्व अनुमति नहीं ली गई। घरेलू एवं औद्योगिक बिजली बिलों में पहले से ही फिक्स चार्ज लिया जा रहा है, जबकि वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज के साथ-साथ न्यूनतम शुल्क भी वसूला जाता है। इसके अतिरिक्त सभी श्रेणियों के बिजली बिलों में 7.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी जोड़ी जाती है।
विज्ञापन
व्यापार मंडल ने कहा कि नियामक आयोग प्रत्येक वर्ष बिजली उत्पादन लागत और खर्चों की समीक्षा करने के बाद आम जनता से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त कर बिजली दरों का निर्धारण करता है। ऐसे में बीच सत्र में अचानक बिजली दरों में वृद्धि करना उचित नहीं है। व्यापारियों ने कहा कि बिजली शुल्क में वृद्धि से उद्योग एवं व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ज्ञापन देने के दौरान दुर्गेश कुमार, अशोक, मनोज, श्रवण, दीपक, विवेक कुमार एवं मनोज अग्रहरि सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन