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Maharajganj News: सिसवा बाजार को तहसील बनाने की मांग
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कलक्ट्रेट परिसर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन
महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष शिब्बु खान के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सिसवा बाजार को तहसील घोषित करने की मांग की है।
शिब्बु खान ने कहा कि सिसवा क्षेत्र जनपद का प्रमुख व्यापारिक एवं औद्योगिक केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी, मंडी, लघु उद्योग एवं सेवा क्षेत्र सक्रिय हैं। इनसे आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है। वर्तमान में तहसील का दर्जा न होने के कारण स्थानीय व्यापारियों एवं आम नागरिकों को राजस्व पंजीकरण, न्यायालय एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए दूरस्थ तहसीलों में जाना पड़ता है। इससे समय, धन की बर्बादी के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सिसवा क्षेत्र की बढ़ती जनसंख्या, व्यापारिक विस्तार और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए यहां तहसील स्थापना अत्यंत आवश्यक हो गई है। यदि सिसवा को तहसील का दर्जा मिल जाता है तो स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे क्षेत्र का समग्र विकास तेजी से संभव हो सकेगा।
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ज्ञापन सौंपने के दौरान मकसूद अंसारी, दीपक जायसवाल, संदीप मल्ल, हरिलाल सोनी, अविनाश मद्देशिया, मनीष रौनियार, सन्तराज, अंबुज शर्मा मौजूद रहे।
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महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष शिब्बु खान के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सिसवा बाजार को तहसील घोषित करने की मांग की है।
शिब्बु खान ने कहा कि सिसवा क्षेत्र जनपद का प्रमुख व्यापारिक एवं औद्योगिक केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी, मंडी, लघु उद्योग एवं सेवा क्षेत्र सक्रिय हैं। इनसे आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है। वर्तमान में तहसील का दर्जा न होने के कारण स्थानीय व्यापारियों एवं आम नागरिकों को राजस्व पंजीकरण, न्यायालय एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए दूरस्थ तहसीलों में जाना पड़ता है। इससे समय, धन की बर्बादी के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि सिसवा क्षेत्र की बढ़ती जनसंख्या, व्यापारिक विस्तार और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए यहां तहसील स्थापना अत्यंत आवश्यक हो गई है। यदि सिसवा को तहसील का दर्जा मिल जाता है तो स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे क्षेत्र का समग्र विकास तेजी से संभव हो सकेगा।
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ज्ञापन सौंपने के दौरान मकसूद अंसारी, दीपक जायसवाल, संदीप मल्ल, हरिलाल सोनी, अविनाश मद्देशिया, मनीष रौनियार, सन्तराज, अंबुज शर्मा मौजूद रहे।