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Maharajganj News: बाढ़ में बह गया बेटी की शादी का सामान, अब कैसे सजेंगे अरमान
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निचलौल। गंडक बैराज से नारायणी नदी में बढ़े पानी और नेपाल के पहाड़ी इलाकों व तराई क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा गांवों में भारी तबाही मचाई है। इसी बाढ़ की चपेट में शिकारपुर के टोला मटियरवा निवासी प्रदुमन के घर का सामान भी बह गया। उनकी बेटी की शादी फरवरी में है।
26 सितंबर को आई बाढ़ में लोग जान बचाने के लिए घर-बार छोड़कर बिहार के नौरंगिया में शरण लेने को मजबूर हुए। तीन दिन बाद पानी उतरने पर जब लोग घर लौटे तो बर्बादी का मंजर देखकर सन्न रह गए। किसी का घर उजड़ा तो किसी का गृहस्थी का सामान पानी में बह गया।
शिकारपुर के टोला मटियरवा निवासी प्रदुमन पुत्र लल्लन का मकान भी बाढ़ की चपेट आ गया। प्रदुमन की बेटी नंदनी की शादी छह फरवरी 2027 को कुशीनगर जिले के भिस्वा लाला निवासी छिगुर प्रसाद के बेटे अजय कुमार से तय है। बेटी की शादी के लिए परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार जेवर, कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीदकर पेटी में सुरक्षित रखा था। बाढ़ आने पर परिवार के सामने जान बचाने की चुनौती थी।
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प्रदुमन और उनकी पत्नी तारा देवी परिवार को लेकर सुरक्षित स्थान पर चले गए, लेकिन घर में रखा शादी का सामान नहीं बचा सके। पानी उतरने के बाद घर लौटे तो पेटी समेत शादी की तैयारियों का अधिकांश सामान गायब था। प्रदुमन ने बताया कि बेटी की शादी की तैयारी कई महीनों से कर रहे थे। बाढ़ ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब बेटी की शादी कैसे होगी, इसे लेकर परिवार चिंतित है।
दियारा क्षेत्र में अब भी बिजली-सड़क की समस्या
दियारा क्षेत्र में आज भी आवागमन बड़ी समस्या है। गांवों तक पक्की सड़क नहीं है और कई स्थानों पर लोगों को पानी और कच्चे रास्तों से होकर आवागमन करना पड़ता है। बिजली की सुविधा भी इन गांवों में नहीं पहुंची है। ऐसे में हर साल बाढ़ ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा देती है।
बोले अधिकारीबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीम नुकसान का आकलन कर रही है। प्रदुमन की बेटी की शादी के संबंध में ग्राम प्रधान से आवश्यक अभिलेख प्राप्त किए जाएंगे और पात्रता के अनुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ प्राथमिकता से दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
- संतोष कुमार यादव, खंड विकास अधिकारी
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26 सितंबर को आई बाढ़ में लोग जान बचाने के लिए घर-बार छोड़कर बिहार के नौरंगिया में शरण लेने को मजबूर हुए। तीन दिन बाद पानी उतरने पर जब लोग घर लौटे तो बर्बादी का मंजर देखकर सन्न रह गए। किसी का घर उजड़ा तो किसी का गृहस्थी का सामान पानी में बह गया।
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शिकारपुर के टोला मटियरवा निवासी प्रदुमन पुत्र लल्लन का मकान भी बाढ़ की चपेट आ गया। प्रदुमन की बेटी नंदनी की शादी छह फरवरी 2027 को कुशीनगर जिले के भिस्वा लाला निवासी छिगुर प्रसाद के बेटे अजय कुमार से तय है। बेटी की शादी के लिए परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार जेवर, कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीदकर पेटी में सुरक्षित रखा था। बाढ़ आने पर परिवार के सामने जान बचाने की चुनौती थी।
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प्रदुमन और उनकी पत्नी तारा देवी परिवार को लेकर सुरक्षित स्थान पर चले गए, लेकिन घर में रखा शादी का सामान नहीं बचा सके। पानी उतरने के बाद घर लौटे तो पेटी समेत शादी की तैयारियों का अधिकांश सामान गायब था। प्रदुमन ने बताया कि बेटी की शादी की तैयारी कई महीनों से कर रहे थे। बाढ़ ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब बेटी की शादी कैसे होगी, इसे लेकर परिवार चिंतित है।
दियारा क्षेत्र में अब भी बिजली-सड़क की समस्या
दियारा क्षेत्र में आज भी आवागमन बड़ी समस्या है। गांवों तक पक्की सड़क नहीं है और कई स्थानों पर लोगों को पानी और कच्चे रास्तों से होकर आवागमन करना पड़ता है। बिजली की सुविधा भी इन गांवों में नहीं पहुंची है। ऐसे में हर साल बाढ़ ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा देती है।
बोले अधिकारीबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीम नुकसान का आकलन कर रही है। प्रदुमन की बेटी की शादी के संबंध में ग्राम प्रधान से आवश्यक अभिलेख प्राप्त किए जाएंगे और पात्रता के अनुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ प्राथमिकता से दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
- संतोष कुमार यादव, खंड विकास अधिकारी