फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Cumin from Gorakhpur, Kanpur market reaching Nepal

Maharajganj News: नेपाल पहुंच रहा गोरखपुर, कानपुर मंडी का जीरा

Thu, 25 Apr 2024 06:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Thu, 25 Apr 2024 06:04 AM IST
विज्ञापन
Cumin from Gorakhpur, Kanpur market reaching Nepal
-जनपद के सीमावर्ती गांव में बने गोदाम, सामानों की लिस्ट बहुत लंबी पकड़े जाने पर होता है खुलासा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल को बड़े पैमाने पर जीरा की तस्करी भी हो रही है। खुलासा तब होता है जब सामान की बरामदगी होती है। दोगुना लाभ के लिए तस्कर हर उस वस्तु को नेपाल पहुंचाने में लगे जिसकी मांग नेपाल में होती है। 84 किमी खुली सीमा में तमाम पगडंडियां हैं। कैरियर इन्हीं रास्तों से होकर आसानी से पहुंच जाते हैं। 350 से 500 रुपये प्रति किलो का जीरा नेपाल पहुंचते ही 850 रुपये प्रति किलो हो जाता है। तस्करी की वजह से सीमावर्ती इलाकों में रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाती हैं।
सूत्रों की माने तो जीरा तस्करी के खेल में अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क जुड़ा है। गुजरात के उझा से जीरा गोरखपुर और कानपुर मंडी तक लाया जाता है। फिर उसे सीमावर्ती गांव में बने अवैध गोदाम में रखा जाता है। कैरियर जीरा सहित अन्य मसालों को साइकिल या बाइक से एक दो बोरी कर नेपाल पहुंचा दे रहे हैं, जिसमें तस्करों को दुगुना लाभ हो रहा है।
विज्ञापन

भारत-नेपाल सीमा से सटे भारतीय सीमा में पहले जीरा डंप करते हैं, फिर मौका मिलते ही नेपाल की सीमा पर भेज देते हैं। मसालों के तस्करी के धंधे में भारत-नेपाल सीमा से सटे जनपद के सीमावर्ती गांव और कस्बे में करीब एक दर्जन से अधिक अवैध गोदाम बनाए गए हैं। किसी भी गोदाम का लाइसेंस भी नहीं है। सोनौली कोतवाली के फरेंदी तिवारी, तिलहवा, खनुवा, श्यामकाट, भगवानपुर आदि पगडंडी रास्ते से बड़े पैमाने पर साइकिल पर लोड कर भेज जा रहा है। इसी तरह ठूठीबारी के लक्ष्मीपुर, निचलौल के पगडंडियों से जुड़े नेपाल में जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमातर्वी क्षेत्र में बीते दिनों बरामदगी हुई थी। कड़ी चौकसी पुलिस कर रही है। कहीं से भी सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
------------------------

ऐसे पार करते हैं बार्डर
तस्करी के इस कारोबार से कई सफेदपोश भी जुड़े हैं। इन्होंने इस काम के लिए सैकड़ों कैरियर को भी लगा रखा है। ये कैरियर भारत-नेपाल की खुली सीमा के 84 किलोमीटर की सीमा का फायदा उठाते हुए पगडंडियों के रास्ते पहले इन सामानों को बार्डर एरिया पार कराकर सोनौली, कोल्हुई बाजार, ठूठीबारी, झुलनीपुर आदि एरिया में स्टॉक करते हैं। इसके बाद यहां से इन सामानों को नेपाली गोदाम में भेजा जाता है, जहां से इसकी नेपाल भर में सप्लाई हो रही है।

---------------------------

मसाला बिक्री करने में होता है दोगुने का मुनाफा
नेपाल से मरीच, दालचीनी, बड़ी इलायची, छोटी इलायची, लौंग, पोस्तादाना, जावित्री और भारत से जीरा, धनिया और कबाब चीनी जैसे मसाले भेजे जा रहे हैं, जिनमें कुछ मसालों पर दोगुना तक का मुनाफा हो रहा है। इससे तस्करी का यह कारोबार लगातार बढ़ता ही जा रहा है। नेपाल में मरीच की कीमत 600 तो भारत में 850 रुपये, दालचीनी नेपाल में 300 रुपये तो भारत में 800 रुपये, बड़ी इलायची नेपाल में 700 रुपये तो भारत में 1000 रुपये, लौंग नेपाल में 1000 रुपये तो भारत में 1200 रुपये, छोटी इलायची नेपाल में 1200 रुपये तो भारत में 2000 रुपये, जावित्री नेपाल में 2000 तो भारत में 2400 रुपये, पोस्तादाना नेपाल में 300 तो भारत में 1400 रुपये, जीरा भारत में 350 से 500 तो नेपाल में 850 रुपये, धनिया भारत में 120 तो नेपाल में 300 रुपये, कबाब चीनी भारत में 1400 तो नेपाल में 1800 प्रति किलो भारतीय मुद्रा में बेचा जा रहा है। इनमें जो नेपाल में सस्ता होता है, उसे तस्कर भारत लाते हैं, जो भारत में सस्ता होता है, उसे नेपाल भेजते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed