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Maharajganj News: राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत सीआरपीएफ जवान की मौत

Wed, 01 Nov 2023 12:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:26 AM IST
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CRPF jawan awarded with President's award dies
राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत सीआरपीएफ जवान की मौत
मृतक के पिता और भाई भी थे सीआरपीएफ के जवान, राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार, बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि
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संवाद न्यूज एजेंसी

परतावल। राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसहिया खुर्द निवासी मनीष कुमार त्रिपाठी की मंगलवार को अचानक मौत हो गई। सीआरपीएफ जवान मनीष कुमार तिवारी दशहरा की छुट्टी मनाने घर आए थे और तीन दिन पहले 29 अक्तूबर को वह घर से ड्यूटी पर जा रहे थे। रास्ते में ही अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सीआरपीएफ जवान की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसहिया खुर्द निवासी सीआरपीएफ जवान मनीष कुमार त्रिपाठी को वर्ष 2015 में राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था। उन्होंने झारखंड में हुए नक्सलवादी हमले में एक कमांडर समेत चार नक्सलवादियों को मार गिराया था। जिसके कारण उन्हें उस समय के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पुरस्कृत किया था। वर्तमान में मनीष कुमार त्रिपाठी की तैनाती केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक कार्यालय दिल्ली में थी।
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वह दशहरा में छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे। 29 अक्तूबर को वापस घर से ड्यूटी के लिए जा रहे थे तभी 30 अक्तूबर 2023 को अचानक मनीष के सीने में तेज दर्द हुआ। तत्काल इनको राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।
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मृतक मनीष कुमार त्रिपाठी के पिता स्वर्गीय रामसूरत त्रिपाठी भी सीआरपीएफ के ही जवान थे और वर्ष 1990 में ड्यूटी के दौरान पंजाब प्रांत में वह शहीद हो गए थे। उनके बड़े भाई भी सीआरपीएफ में एसआई के पद पर तैनात थे और वर्ष 2013 में उनकी भी मौत हो गई थी। मृतक के सबसे छोटे भाई मनोज भी सीआरपीएफ में हवलदार है और उनकी तैनाती वर्तमान में झारखंड में है। इस घटना से मृतक के पत्नी प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के दो जुड़वा बच्चे हैं। जिनका नाम राम और श्याम है। वही 14 वर्ष की एक बेटी आकांक्षा त्रिपाठी है।

मंगलवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों द्वारा मृतक के शव को गोरखपुर लाया गया, जहां उनके पैतृक गांव गोरखपुर जनपद के बेलीपार थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बसीहार में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे राम ने मुखाग्नि दी। बचपन से ही मनीष परतावल ब्लाक के बसहियां खुर्द में रहते थे। उनके मौत से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
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