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‘महिलाओं, बच्चों से अपराध पर तत्काल हो कार्रवाई’
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Tue, 24 Apr 2018 12:38 AM IST
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‘महिलाओं, बच्चों से अपराध पर तत्काल हो कार्रवाई’
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन दावा शेरपा ने सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए की गई कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पुलिस को जनता के साथ बेहतर बर्ताव करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं एवं बच्चों के साथ घटित होने वाले आपराधिक घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने की हिदायत दी। नसीहत दी कि पुलिस जनता के साथ अच्छा व्यवहार करे एवं समाज के सभी संगठनों जैसे व्यापारी, छात्र, किसान, अधिवक्ता, महिला, मीडिया आदि के पदाधिकारियों से परस्पर संवाद स्थापित करते हुए समन्वय बनाए रखे और इनके माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई करें। सनसनीखेज आपराधिक घटनाओं जैसे हत्या, बलात्कार, लूट, संपत्ति पर कब्जे आदि से संबंधित मामलों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। साथ ही उनके खिलाफ गुंडा, गैंगेस्टर, एनएसए के तहत कार्रवाई करने की हिदायत भी दी। पुलिस को जेल से छूटकर बाहर निकलने वाले संगीन मामलों के आरोपियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखने को कहा। साथ ही भीड़ भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक स्थलों तथा सड़क पर पुलिस गश्त बढ़ाने की हिदायत दी। उन्होंने आगाह किया कि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंचे ताकि पीड़ित को तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। यूपी 100 को और प्रभावी बनाने की बात भी उन्होंने कही। भारत-नेपाल की खुली सीमा के बारे में भी मातहतों को उन्होंने आवश्यक दिशानिर्देश दिया। कहा कि खुली सीमा होने के कारण दोनों देशों के आने - जाने वाले मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। साथ ही सीमा पर तैनात एसएसबी से परस्पर ताल मेल बनाकर आपराधिक घटनाओं पर रोक की हिदायत दी। उन्होंने पुलिस को सीमावर्ती गांवों के नागरिकों से बेहतर संवाद स्थापित करने को कहा ताकि संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों के बारे में जानकारी मिल सके। सोशल मीडिया पर भ्रामक व आपत्तिजनक संदेश प्रसारित करने वालों को चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एसपी आरपी सिंह, एएसपी आशुतोष शुक्ला, सीओ सदर एमपी सिंह के अलावा कई अन्य पुलिस अधिकारी व थानेदार मौजूद रहे।
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उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं एवं बच्चों के साथ घटित होने वाले आपराधिक घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने की हिदायत दी। नसीहत दी कि पुलिस जनता के साथ अच्छा व्यवहार करे एवं समाज के सभी संगठनों जैसे व्यापारी, छात्र, किसान, अधिवक्ता, महिला, मीडिया आदि के पदाधिकारियों से परस्पर संवाद स्थापित करते हुए समन्वय बनाए रखे और इनके माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई करें। सनसनीखेज आपराधिक घटनाओं जैसे हत्या, बलात्कार, लूट, संपत्ति पर कब्जे आदि से संबंधित मामलों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। साथ ही उनके खिलाफ गुंडा, गैंगेस्टर, एनएसए के तहत कार्रवाई करने की हिदायत भी दी। पुलिस को जेल से छूटकर बाहर निकलने वाले संगीन मामलों के आरोपियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखने को कहा। साथ ही भीड़ भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक स्थलों तथा सड़क पर पुलिस गश्त बढ़ाने की हिदायत दी। उन्होंने आगाह किया कि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंचे ताकि पीड़ित को तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। यूपी 100 को और प्रभावी बनाने की बात भी उन्होंने कही। भारत-नेपाल की खुली सीमा के बारे में भी मातहतों को उन्होंने आवश्यक दिशानिर्देश दिया। कहा कि खुली सीमा होने के कारण दोनों देशों के आने - जाने वाले मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। साथ ही सीमा पर तैनात एसएसबी से परस्पर ताल मेल बनाकर आपराधिक घटनाओं पर रोक की हिदायत दी। उन्होंने पुलिस को सीमावर्ती गांवों के नागरिकों से बेहतर संवाद स्थापित करने को कहा ताकि संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों के बारे में जानकारी मिल सके। सोशल मीडिया पर भ्रामक व आपत्तिजनक संदेश प्रसारित करने वालों को चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एसपी आरपी सिंह, एएसपी आशुतोष शुक्ला, सीओ सदर एमपी सिंह के अलावा कई अन्य पुलिस अधिकारी व थानेदार मौजूद रहे।
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