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पिता और दो बेटियों की मौत से गांव में मातम
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:42 AM IST
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पिता और दो बेटियों की मौत से गांव में मातम
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। फरेंदा मार्ग पर अमहवां चौराहे के पास डंपर और टेंपो में टक्कर हो जाने से जिन चार लोगों की मौत हुई, उनमें एक ही परिवार के तीन लोग पिता व दो बेटियां शामिल हैं। हादसे में चार लोगों की मौत से कोहराम मच गया। आसपास के लोगों ने हादसे की जानकारी पुलिस को दी। साथ ही 108 नंबर एंबुलेंस को सूचना दी।
हादसे होने पर थोड़ी ही देर में सायरन की आवाज गूंजने लगी। हर कोई अमहवां चौराहे की ओर दौड़ा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया। सीएमओ डॉक्टर क्षमा शंकर पांडेय, सीएमएस डॉ. आरबी राम के नेतृत्व में डॉक्टरों ने घायलों के इलाज के लिए मोर्चा संभाला। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को आननफानन मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर दिया गया। बताया जाता है कि एकसड़वां निवासी चिरकुट जिला अस्पताल में भर्ती दीपक को देखने के लिए अपनी दो बेटियों राधिका व महिला के साथ पहुंचे थे। यहां से पिता व दो बेटियां टेपों से घर लौट रहे थे। रास्ते में टेपों से डंपर से टकरा गया। इस हादसे में चिरकुट व उनकी दोनों बेटियां राधिका व महिमा की मौत हो गई। उधर, रविवार की रात हादसे में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती दीपक को जब इस दुर्घटना की जानकारी मिली तो वह फफक पड़ा। उसका कहना था कि राधिका व महिमा उसकी मौसी और चिरकुट उसके नाना थे। दीपक का कहना था कि मौसी जब अस्पताल में उसे देखने आईं तो लिपट कर रोने लगी थीं और बोलीं जल्द स्वस्थ होकर घर आओ। वह अपने भाग्य को कोसते हुए रो रहा था। उसका कहना था कि अगर मौसी और नाना उसेे देखने नहीं आये होते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। वह अस्पताल के बेड पर यही सब कहते हुए रो रहा था और पास में खडे़ उसके पिता समझा रहे थे। उधर, जिला अस्पताल में घटना के बारे में हर कोई जानकारी लेने में लगा रहा। सीएमएस डॉक्टर आरबी राम ने बताया कि सभी घायलों का हर संभव बेहतर इलाज किया गया।
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हादसे होने पर थोड़ी ही देर में सायरन की आवाज गूंजने लगी। हर कोई अमहवां चौराहे की ओर दौड़ा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया। सीएमओ डॉक्टर क्षमा शंकर पांडेय, सीएमएस डॉ. आरबी राम के नेतृत्व में डॉक्टरों ने घायलों के इलाज के लिए मोर्चा संभाला। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को आननफानन मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर दिया गया। बताया जाता है कि एकसड़वां निवासी चिरकुट जिला अस्पताल में भर्ती दीपक को देखने के लिए अपनी दो बेटियों राधिका व महिला के साथ पहुंचे थे। यहां से पिता व दो बेटियां टेपों से घर लौट रहे थे। रास्ते में टेपों से डंपर से टकरा गया। इस हादसे में चिरकुट व उनकी दोनों बेटियां राधिका व महिमा की मौत हो गई। उधर, रविवार की रात हादसे में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती दीपक को जब इस दुर्घटना की जानकारी मिली तो वह फफक पड़ा। उसका कहना था कि राधिका व महिमा उसकी मौसी और चिरकुट उसके नाना थे। दीपक का कहना था कि मौसी जब अस्पताल में उसे देखने आईं तो लिपट कर रोने लगी थीं और बोलीं जल्द स्वस्थ होकर घर आओ। वह अपने भाग्य को कोसते हुए रो रहा था। उसका कहना था कि अगर मौसी और नाना उसेे देखने नहीं आये होते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। वह अस्पताल के बेड पर यही सब कहते हुए रो रहा था और पास में खडे़ उसके पिता समझा रहे थे। उधर, जिला अस्पताल में घटना के बारे में हर कोई जानकारी लेने में लगा रहा। सीएमएस डॉक्टर आरबी राम ने बताया कि सभी घायलों का हर संभव बेहतर इलाज किया गया।
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