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प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर अब अनशन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:32 AM IST
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नौतनवां में प्रधान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गांव के लोगों ने तीसरे दिन भी धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
नौतनवा। बेलवा खुर्द के ग्राम प्रधान व उसके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बेलवा मठ के उत्तराधिकारी गौरीशंकर दास बुधवार से तहसील परिसर में अनशन पर बैठ गए। बीते दो दिनों से प्रधान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बेलवा खुर्द, संपतिहा एवं छतरापार के ग्रामीणों धरना दे रहे थे। आंदोलन के समर्थन में अधिवक्ता, हियुवा और साधु संत भी उतर गए हैं।
गौरीशंकर दास ने बुधवार को एसडीएम को पत्र सौंपकर कहा है कि बीते दो दिनों से ग्राम प्रधान व उसके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना चल रहा था। लेकिन मौके पर पुलिस का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। जिससे मजबूर होकर अनशन पर बैठना पड़ रहा है।
वहीं अनशन के समर्थन में बैठे ग्रामीणों का आरोप है कि छह जुलाई को ग्राम प्रधान अपने सर्मथकों के साथ मठ पर पहुंचा और साधु संतों पर विवाद कराने का आरोप लगाकर मठ के अंदर मंदिर व घर में जमकर तोड़फोड़ की तथा गौरीशंकर दास को लाठी डंडों से बुरी तरह मारपीट कर मंदिर व घर में रखा सारा सामान उठा ले गया। घटना के बाद साधु संतों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। बल्कि उल्टे ही प्रधान के दबाव में पुलिस घायल गौरीशंकर दास को थाने ले गई और उनके विरुद्ध फर्जी केस दर्जकर जेल भेज दिया।
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समर्थन में पहुंचे हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय ने कहा कि मठ मंदिर को क्षति करने वाले तथा साधु संतों को अपमानित करने का जिन लोगों ने दुस्साहस किया है, उनको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। महंत योगी आदित्यनाथ अभी बाहर हैं। उनके लौटते ही प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेगा। अनशन के सर्मथन में बेलवा खुर्द, संपतिहा एवं छतरापार के ग्रामीणों सहित महंत उमाशंकर दास, महंत विरजानंद दास, देवीदीन दास, महंत शिवनारायन दास, अधिवक्ता अशोक त्रिपाठी, गिरीश चंद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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गौरीशंकर दास ने बुधवार को एसडीएम को पत्र सौंपकर कहा है कि बीते दो दिनों से ग्राम प्रधान व उसके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना चल रहा था। लेकिन मौके पर पुलिस का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। जिससे मजबूर होकर अनशन पर बैठना पड़ रहा है।
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वहीं अनशन के समर्थन में बैठे ग्रामीणों का आरोप है कि छह जुलाई को ग्राम प्रधान अपने सर्मथकों के साथ मठ पर पहुंचा और साधु संतों पर विवाद कराने का आरोप लगाकर मठ के अंदर मंदिर व घर में जमकर तोड़फोड़ की तथा गौरीशंकर दास को लाठी डंडों से बुरी तरह मारपीट कर मंदिर व घर में रखा सारा सामान उठा ले गया। घटना के बाद साधु संतों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। बल्कि उल्टे ही प्रधान के दबाव में पुलिस घायल गौरीशंकर दास को थाने ले गई और उनके विरुद्ध फर्जी केस दर्जकर जेल भेज दिया।
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समर्थन में पहुंचे हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय ने कहा कि मठ मंदिर को क्षति करने वाले तथा साधु संतों को अपमानित करने का जिन लोगों ने दुस्साहस किया है, उनको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। महंत योगी आदित्यनाथ अभी बाहर हैं। उनके लौटते ही प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेगा। अनशन के सर्मथन में बेलवा खुर्द, संपतिहा एवं छतरापार के ग्रामीणों सहित महंत उमाशंकर दास, महंत विरजानंद दास, देवीदीन दास, महंत शिवनारायन दास, अधिवक्ता अशोक त्रिपाठी, गिरीश चंद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।