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जांच के बाद प्राइवेट अस्पताल सील
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 10 May 2018 12:55 AM IST
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जांच के बाद प्राइवेट अस्पताल सील
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। राजीव नगर मोहल्ले में संचालित एक प्राइवेट अस्पताल को जांच के बाद एसीएमओ ने सील कर दिया। जांच में पाया गया कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की गई इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
शहर से सटे धनेवा धनेई गांव के रहने वाले खलीमुल्लाह ने डीएम से शिकायत की थी। उसने शिकायत की थी कि अस्पताल में बेटी का इलाज करने गया तो धनादोहन किया गया। साथ ही बीमारी भी ठीक नहीं हुई। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को निर्देश दिया कि अस्पताल की जांच कर कार्रवाई करें। डीएम के निर्देश के बाद एसीएमओ डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद राजीव नगर मोहल्ले में स्थित निजी अस्पातल में पहुंचे। यहां उन्होंने ओटी एव मौजूद कर्मियों से बातीचीत की। साथ ही अस्पताल का पंजीकरण प्रपत्र दिखाने को कहा। वहां मौजूद डॉक्टर द्वारा अस्पताल से जुड़ा कोई प्रपत्र प्रस्तुत न कर पाने पर अस्पताल को सील कर दिया गया। एसीएमओ डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अस्पताल के मालिक के खिलाफ बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित किए जाने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कराने के निए कोतवाली में तहरीर दी गई है। जांच के दौरान 10 पैरा मेडिकल स्टाॅफ मिले। ओटी टेक्निशियन का प्रमाण पत्र पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। यह अस्पताल डेढ़ साल से संचालित होना बताया गया।
कोतवाल रामदवन मौर्य ने बताया कि अस्पताल के संचालक के खिलाफ बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित किए जाने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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शहर से सटे धनेवा धनेई गांव के रहने वाले खलीमुल्लाह ने डीएम से शिकायत की थी। उसने शिकायत की थी कि अस्पताल में बेटी का इलाज करने गया तो धनादोहन किया गया। साथ ही बीमारी भी ठीक नहीं हुई। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को निर्देश दिया कि अस्पताल की जांच कर कार्रवाई करें। डीएम के निर्देश के बाद एसीएमओ डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद राजीव नगर मोहल्ले में स्थित निजी अस्पातल में पहुंचे। यहां उन्होंने ओटी एव मौजूद कर्मियों से बातीचीत की। साथ ही अस्पताल का पंजीकरण प्रपत्र दिखाने को कहा। वहां मौजूद डॉक्टर द्वारा अस्पताल से जुड़ा कोई प्रपत्र प्रस्तुत न कर पाने पर अस्पताल को सील कर दिया गया। एसीएमओ डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अस्पताल के मालिक के खिलाफ बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित किए जाने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कराने के निए कोतवाली में तहरीर दी गई है। जांच के दौरान 10 पैरा मेडिकल स्टाॅफ मिले। ओटी टेक्निशियन का प्रमाण पत्र पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। यह अस्पताल डेढ़ साल से संचालित होना बताया गया।
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कोतवाल रामदवन मौर्य ने बताया कि अस्पताल के संचालक के खिलाफ बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित किए जाने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।