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शिक्षक हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:33 AM IST
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सीबीआई जांच की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंप कर वापस आते युवा सपा नेता अंकुर मणि त्रिपाठी व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। हत्या की जांच सीबीआई से कराने के लिए 13 दिसंबर से सक्सेना चौराहे पर आमरण अनशन की घोषणा करते हुए बृहस्पतिवार को मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सदस्य ने डीएम को ज्ञापन दिया।
मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सदस्य अंकुर मणि त्रिपाठी ने बताया कि नौ मई 2010 की रात में तत्कालीन बीएसए रामहुजुर प्रसाद ने अपने दो करोड़ के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए उनके शिक्षक पिता सुरेंद्र मणि त्रिपाठी की हत्या करा दी थी। पुलिस प्रशासन की पूर्ण संलिप्तता के कारण मामले में लीपापोती कर दुर्घटना बनाने का प्रयास करते हुए मेरे परिवार के प्रार्थना पत्र पर एफआईआर न दर्ज कर चौकीदार से प्रार्थना पत्र लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
उन्होंने बताया कि मेरे भाई के प्रार्थना पत्र पे पुलिस उप महानिरीक्षक ने विवेचक को बदल कर विवेचना की जिममेदारी एसएस तोमर को दे दी। अंकुर मणि त्रिपाठी ने बताया कि लेकिन, वे भी रामहुजुर की ताकत और पैसों के सामने घुटना टेक दिए। उन्होंने पिता के हत्यारों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। अन्यथा के स्थिति में अनिश्चित कालीन आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान अंचल पांडेय, बलराम दूबे, पीसी पांडेय, शिवम श्रीवास्तव, जितेन्द्र यादव, कन्हैया पटेल, पवन जायसवाल के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
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मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सदस्य अंकुर मणि त्रिपाठी ने बताया कि नौ मई 2010 की रात में तत्कालीन बीएसए रामहुजुर प्रसाद ने अपने दो करोड़ के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए उनके शिक्षक पिता सुरेंद्र मणि त्रिपाठी की हत्या करा दी थी। पुलिस प्रशासन की पूर्ण संलिप्तता के कारण मामले में लीपापोती कर दुर्घटना बनाने का प्रयास करते हुए मेरे परिवार के प्रार्थना पत्र पर एफआईआर न दर्ज कर चौकीदार से प्रार्थना पत्र लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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उन्होंने बताया कि मेरे भाई के प्रार्थना पत्र पे पुलिस उप महानिरीक्षक ने विवेचक को बदल कर विवेचना की जिममेदारी एसएस तोमर को दे दी। अंकुर मणि त्रिपाठी ने बताया कि लेकिन, वे भी रामहुजुर की ताकत और पैसों के सामने घुटना टेक दिए। उन्होंने पिता के हत्यारों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। अन्यथा के स्थिति में अनिश्चित कालीन आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान अंचल पांडेय, बलराम दूबे, पीसी पांडेय, शिवम श्रीवास्तव, जितेन्द्र यादव, कन्हैया पटेल, पवन जायसवाल के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
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