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पांच साल में 618 लोगों की गई जान

Wed, 14 Nov 2018 12:29 AM IST
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:29 AM IST
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पांच साल में 618 लोगों की गई जान
पांच साल में 618 लोगों की गई जान
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फिर भी हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं बांधते, रफ्तार पर भी नियंत्रण नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। यातायात नियमों का पालन न होने से सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में पिछले पांच साल में करीब 1224 लोग सड़क हादसों में घायल हो गए। इनमें 618 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी जबकि 606 लोग घायल हो गये। इन हादसों में अधिकांश लोगों की मौत सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई है। इसके बावजूद लोग अपनी जान की परवाह नहीं कर रहे हैं। न तो वाहनों की रफ्तार पर कंट्रोल कर रहे हैं और न ही हेलमेट पहनने की जहमत उठा रहे हैं।
हेलमेट लगाओ जान बचाओ स्लोगन तो अब तक सभी लोगों के कानों तक पहुंच गई होगी। खास तौर से हर साल चलने वाले यातायात माह में पुलिस के बैनरों समेत अन्य स्थानों पर लिखे स्लोगन देखे होंगे। फिर भी लोग सचेत नहीं हो रहे हैं। यातायात नियमों की अनदेखी जान पर भारी पड़ रही है। पांच साल के सरकारी आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो हालात काफी भयावह हैं। सड़क दुघर्टनाओं में हर साल मरने वालों की संख्या बढ़ी है। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2014 से अक्तूबर 2018 तक मृतकों व घायलों की संख्या में बढ़ी है। शराब पीकर वाहन चलाने से हादसे बढ़ रहे हैं। जिले में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ रहा ग्राफ चिंताजनक है। वाहन चलाते समय सतर्कता बरतने पर दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। यदि चालक यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं तो दुर्घटनाओं में करीब 70 फीसदी की कमी लाई जा सकती है। एएसपी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि पुलिस की ओर से सड़क सुरक्षा माह में लोगों को नि:शुल्क हेलमेट बांटकर उसे लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वैसे भी समय समय पर सुरक्षा के प्रति लोगों जागरूक किया जाता रहा है।
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जानकारी के मुताबिक पांच वर्ष में जिले में कुल 618 लोगों की मौत व 606 लोग घायल हुए। इसमें वर्ष 2014 में हुए हादसों में 98 लोगों की मौत हो गई जबकि 97 लोग घायल हो गए। वर्ष 2015 में 95 लोगों की जान गई और 113 लोग घायल हो गए। इसी तरह से वर्ष 2016 में 122 लोगों की मौत हुई और 72 घायल हुए। वर्ष 2017 में 133 लोगों की मौत हुई और 132 घायल हुए जबकि 2018 में 170 लोगों की मौत व 172 लोग घायल हो चुके हैं।
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