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किसानों का सरकारी व्यवस्था से हो रहा मोह भंग

Sat, 15 Jun 2019 12:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 12:18 AM IST
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किसानों का सरकारी व्यवस्था से हो रहा मोह भंग
किसानों का सरकारी व्यवस्था से भंग हो रहा मोह
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गेहूं बेचने को व्यापारियों से साध रहे संपर्क
खरीद का लक्ष्य पूूरा करने के लिए खरीद एजेंसियों को शासन ने 25 जून तक का दिया समय
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। किसान गेहूं का दाम खुले बाजार में समर्थन मूल्य से अधिक होने की आस लगाए हैं। इसके चलते किसानों अब सरकारी गेहूं क्रय केंद्र से मोह भंग होता जा रहा है किसान अपने गेहूं बेचने के लिए अब सीधे व्यापारियों से संपर्क साध रहे हैं। यही नहीं, अधिक कीमत मिलने की आस में किसान अनाज बेचने की बजाय डंप भी कर रहे हैं। ऐसे में गेहूं खरीद में लगी एजेंसियों को अब लक्ष्य पूरा करने के लिए कड़ी मसक्कत करनी पड़ रही है।
हालांकि शासन ने गेहूं खरीद के लिए समय और बढ़ा दिया है। अब जिले में केंद्रों पर गेहूं खरीद 25 जून तक होगी। पहले खरीद की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई थी। गेहूं खरीद के लिए जिले में 202 क्रय केंद्र खुले हैं। अब तक जिले में 1,00,023.32 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। जो लक्ष्य का करीब 80 फीसदी है। शासन की ओर से जिले में एक लाख 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। इस बीच लक्ष्य के अनुरूप खरीद न होने से शासन ने 10 दिन का समय और बढ़ा दिया है। अब गेहूं खरीद 25 जून तक होगी। उधर, गेहूं खरीद की तिथि आगे बढ़ाए जाने के बाद भी क्रय केंद्रों रौनक नहीं दिखाई दे रही है। ज्यादातर किसान अब प्राइवेट में गेहूं का मूल्य बढ़ने की आस लगाए हैं। इसलिए तमाम किसानों ने गेहूं बेचने की बजाय अपने पास सुरक्षित रख लिया है। नौतनवां क्षेत्र के किसान ओरी चौधरी ने कहना है कि जब से फसल तैयार हुई है, इस बार गेहूं के दाम लगातार बढ़े हैं। बारिश के बाद गेहूं का मूल्य और बढ़ने की उम्मीद है। घर में गेहूं को सुरक्षित रख लिया गया है। अब तो बारिश के बाद ही बेचा जाएगा। किसान राम नाथ ने कहा कि गेहूं की लागत के अनुसार समर्थन मूल्य कम है। गेहूं का मूल्य 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। बारिश के बाद दाम बढ़ने का उम्मीद है। इसलिए क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच रहे।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक लक्ष्य का 80 फीसदी गेहूं की खरीद कर ली गई है। खरीद लक्ष्य पूरा करने की कोशिश की जा रही है। किसानों को गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जल्द ही लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
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