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उपभोक्ताओं को लगा महंगी बिजली का झटका
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उपभोक्ताओं को लगा महंगी बिजली का झटका
महराजगंज। बिजली विभाग ने सूबे में बिजली की कीमतों में 12 फीसदी की बढ़ोतरी कर शहर से लेकर गांव के किसानों को जोर का झटका धीरे से दिया है। इसके चलते जिले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं में सरकार के इस कदम से आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल डीजल के बाद अब बिजली के दाम में बढ़ोतरी होने से हर किसी की जेब ढीली होगी। इससे घरेलूू बजट बिगड़ जाएगा। जिले में 3.50 लाख हजार विद्युत उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब 50 हजार कामर्शियल उपभोक्ता हैं।
विद्युत वितरण खंड प्रथम क्षेत्र के अधीन शहर में 5 हजार उपभोक्ता हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 1 लाख 25 हजार उपभोक्ता हैं। इनके द्वारा हर माह 13 करोड़ रुपये की बिजली बिल जमा किया जाता है। लेकिन अब 12 फीसदी बढ़ोतरी होने से साढ़े 14 करोड़ हर माह देना होगा। इसमें करीब 400 किसान ऐसे हैं, जो पंप से सिंचाई करते हैं। समाज के हर वर्ग के लोग विद्युत की दरें बढ़ने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
- किराना व्यवसायी अशोक टिबडेवाल ने कहा कि विद्युत बिल में बढ़ोतरी से अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। एक तो आर्थिक मंदी और प्रतिस्पर्धा की मार से व्यापारी वर्ग परेशान हैं। ऊपर से विद्युत बिल के झटके से उबरना आसान नहीं होगा।
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- किसान दीपचंद विश्वकर्मा ने कहा कि बिजली के दाम में बढ़ोतरी से समाज के हर वर्ग के लोगों का बजट बिगड़ना तय है। किसान की आय को दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार किसानों को का हक मार रही है। सरकार के इस कदम से किसानों की परेशानी तय है।
- एडवोकेट गंगा प्रजापति ने बताया कि बिजली दर में बढ़ोतरी से मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ किसानों पर ज्यादा बोझ बढ़ेगा। प्रदेश सरकार को इसका दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकता है। इस कदम से ग्रामीण इलाकों में आक्रोश व्याप्त है।
- गृहणी ममता वर्मा ने बताया कि बिजली की दरों में इजाफा होने से घरेलू बजट बिगड़ जाएगा। हर माह जमा किए जाने वाले बिजली के बिल में करीब 300 रुपये तो अधिक जमा करना पडे़गा। महंगाई पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम ने बताया कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये विद्युत निगम को हर माह अधिक राजस्व मिलेेंगे। इसके पहले 13 करोड़ के आसपास बिजली बिल वसूल होता था। लेकिन दाम बढ़ने के बाद अब 14.50 करोड़ रुपये निगम को मिलेंगे।
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महराजगंज। बिजली विभाग ने सूबे में बिजली की कीमतों में 12 फीसदी की बढ़ोतरी कर शहर से लेकर गांव के किसानों को जोर का झटका धीरे से दिया है। इसके चलते जिले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं में सरकार के इस कदम से आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल डीजल के बाद अब बिजली के दाम में बढ़ोतरी होने से हर किसी की जेब ढीली होगी। इससे घरेलूू बजट बिगड़ जाएगा। जिले में 3.50 लाख हजार विद्युत उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब 50 हजार कामर्शियल उपभोक्ता हैं।
विद्युत वितरण खंड प्रथम क्षेत्र के अधीन शहर में 5 हजार उपभोक्ता हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 1 लाख 25 हजार उपभोक्ता हैं। इनके द्वारा हर माह 13 करोड़ रुपये की बिजली बिल जमा किया जाता है। लेकिन अब 12 फीसदी बढ़ोतरी होने से साढ़े 14 करोड़ हर माह देना होगा। इसमें करीब 400 किसान ऐसे हैं, जो पंप से सिंचाई करते हैं। समाज के हर वर्ग के लोग विद्युत की दरें बढ़ने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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- किराना व्यवसायी अशोक टिबडेवाल ने कहा कि विद्युत बिल में बढ़ोतरी से अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। एक तो आर्थिक मंदी और प्रतिस्पर्धा की मार से व्यापारी वर्ग परेशान हैं। ऊपर से विद्युत बिल के झटके से उबरना आसान नहीं होगा।
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- किसान दीपचंद विश्वकर्मा ने कहा कि बिजली के दाम में बढ़ोतरी से समाज के हर वर्ग के लोगों का बजट बिगड़ना तय है। किसान की आय को दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार किसानों को का हक मार रही है। सरकार के इस कदम से किसानों की परेशानी तय है।
- एडवोकेट गंगा प्रजापति ने बताया कि बिजली दर में बढ़ोतरी से मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ किसानों पर ज्यादा बोझ बढ़ेगा। प्रदेश सरकार को इसका दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकता है। इस कदम से ग्रामीण इलाकों में आक्रोश व्याप्त है।
- गृहणी ममता वर्मा ने बताया कि बिजली की दरों में इजाफा होने से घरेलू बजट बिगड़ जाएगा। हर माह जमा किए जाने वाले बिजली के बिल में करीब 300 रुपये तो अधिक जमा करना पडे़गा। महंगाई पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम ने बताया कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये विद्युत निगम को हर माह अधिक राजस्व मिलेेंगे। इसके पहले 13 करोड़ के आसपास बिजली बिल वसूल होता था। लेकिन दाम बढ़ने के बाद अब 14.50 करोड़ रुपये निगम को मिलेंगे।