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17 गांवों में शौचालयों का निर्माण प्रभावित
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:29 AM IST
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17 गांवों में शौचालयों का निर्माण प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। शौचालयों के निर्माण व अन्य योजनाओं मंे हुई प्रगति की जानकारी के लिए लगाए गए अधिकारियों की रिपोर्ट में स्वच्छता अभियान के हकीकत की पोल खुल गई है। एक जून को जिले भर में 136 अधिकारियों ने शौचालयों के निर्माण के अलावा पेयजल, पेंशन सहित अन्य योजनाओं में हुई प्रगति की जांच की। जांच के दौरान 17 गांव ऐसे मिले, जहां रकम की कमी के कारण शौचालयों के निर्माण की प्रगति काफी धीमी मिली।
डीएम के निर्देश पर जिले के 136 अधिकारियों ने एक जून को जिले के 136 गांवों में विभिन्न योजनाओं के प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें 17 गांव ऐसे मिले, जहां धनाभाव के कारण शौचालयों के निर्माण की गति प्रभावित मिली। परियोजना निदेशक राज करन पाल ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को 2 अक्टूबर 2018 तक खुले में शौच मुक्त करना है। शौचालय निर्र्माण में धनाभाव होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कहा कि तत्काल धन भेजकर शौचालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान गांवों में कुल 277 हैंडपंप रिबोर योग्य व 197 हैंडपंप खराब मिले। खराब हैंडपंपों की मरम्मत की जिम्मेदारी प्रभारी डीडीओ को सौंपी गई है। खराब हैंडपंपों को 10 जून ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। पेंशन व अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को दिशानिर्देश दिए गए हैं। जांच में 110 स्थानों पर अतिक्रमण और पेंशन से संबंधित 58 मामले सामने आए हैं।
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डीएम के निर्देश पर जिले के 136 अधिकारियों ने एक जून को जिले के 136 गांवों में विभिन्न योजनाओं के प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें 17 गांव ऐसे मिले, जहां धनाभाव के कारण शौचालयों के निर्माण की गति प्रभावित मिली। परियोजना निदेशक राज करन पाल ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को 2 अक्टूबर 2018 तक खुले में शौच मुक्त करना है। शौचालय निर्र्माण में धनाभाव होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कहा कि तत्काल धन भेजकर शौचालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान गांवों में कुल 277 हैंडपंप रिबोर योग्य व 197 हैंडपंप खराब मिले। खराब हैंडपंपों की मरम्मत की जिम्मेदारी प्रभारी डीडीओ को सौंपी गई है। खराब हैंडपंपों को 10 जून ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। पेंशन व अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को दिशानिर्देश दिए गए हैं। जांच में 110 स्थानों पर अतिक्रमण और पेंशन से संबंधित 58 मामले सामने आए हैं।
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