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Maharajganj News: मंदिर के रास्ते को लेकर 24 बार की शिकायत, नहीं हुआ समाधान
Mon, 17 Mar 2025 08:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 17 Mar 2025 08:48 PM IST
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फरेंदा। दो वर्ष से देव स्थान कोटही मंदिर का चक मार्ग संख्या 373 को बनवाने के लिए 24 बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन मंदिर जाने का रास्ता नहीं बनवाया गया। अधिकारियों द्वारा गलत रिपोर्ट लगाकर निस्तारण कर दिया जाता है। जबकि कर्बला पर जाने के लिए 24 लाख से अधिक रुपये खर्च करके आरसीसी सड़क बना दिया गया है। ग्राम प्रधान खुद रास्ता पर कब्जा कर बैठे हुए हैं।
ये बातें छितही बुजुर्ग निवासी जग्गू प्रसाद ने जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर अध्यक्षता कर रहे एसडीएम मुकेश सिंह से कहीं। एसडीएम ने मामले की जांच बीडीओ फरेंदा को करने का आदेश दिया है। संपूर्ण समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने कहा कि ग्राम प्रधान खुद के साथ अन्य लोगों से कब्जा कराके जान बूझकर रास्ता नहीं बनवा रहे हैं।
मंदिर पर जाने के लिए गांव के लोगों को कठिनाई हो रही है। वहीं मिश्रौलिया निवासी सीमा त्रिपाठी ने कहा गुजरौलिया गांव में 28 डिस्मिल जमीन बैनामा लिया था। इसका सीमांकन व पत्थरनसब तहसील प्रशासन की मौजूदगी में हुई थी। जमीन के चारों तरफ पत्थर लगा दिया गया था। इसको गांव के कुछ लोग उखाड़कर फेंक दिए और जमीन को अपनी जमीन में मिला लिए। जिसकी शिकायत किया तो धमकी देते हैं। इस दौरान खंड विकास अधिकारी कृष्णकांत शुक्ला, सच्चिदानंद शुक्ला, एडीओ पंचायत वीरेंद्र यादव, दीपक गुप्ता मौजूद रहे।
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ये बातें छितही बुजुर्ग निवासी जग्गू प्रसाद ने जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर अध्यक्षता कर रहे एसडीएम मुकेश सिंह से कहीं। एसडीएम ने मामले की जांच बीडीओ फरेंदा को करने का आदेश दिया है। संपूर्ण समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने कहा कि ग्राम प्रधान खुद के साथ अन्य लोगों से कब्जा कराके जान बूझकर रास्ता नहीं बनवा रहे हैं।
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मंदिर पर जाने के लिए गांव के लोगों को कठिनाई हो रही है। वहीं मिश्रौलिया निवासी सीमा त्रिपाठी ने कहा गुजरौलिया गांव में 28 डिस्मिल जमीन बैनामा लिया था। इसका सीमांकन व पत्थरनसब तहसील प्रशासन की मौजूदगी में हुई थी। जमीन के चारों तरफ पत्थर लगा दिया गया था। इसको गांव के कुछ लोग उखाड़कर फेंक दिए और जमीन को अपनी जमीन में मिला लिए। जिसकी शिकायत किया तो धमकी देते हैं। इस दौरान खंड विकास अधिकारी कृष्णकांत शुक्ला, सच्चिदानंद शुक्ला, एडीओ पंचायत वीरेंद्र यादव, दीपक गुप्ता मौजूद रहे।
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