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दुकान में पड़े हैं सिक्के, बैंककर्मी ले ही नहीं रहे
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दुकान में सिक्के को गिनते दुकानदार।
- फोटो : MAHARAJGANJ
दुकान में पड़े हैं सिक्के, बैंककर्मी ले ही नहीं रहे
छोटे दुकानदार बेहद परेशान, ग्राहक भी नहीं ले रहे
अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। बैंक में सिक्के जमा न होने से व्यापारी परेशान हैं। पांच और दस के सिक्के तो जमा हो जा रहे हैं, लेकिन एक और दो के सिक्के देने पर बैंकवाले मना कर देते हैं। हालत यह है कि दुकान में सिक्के के रूप में पूंजी फंसती जा रही है।
कपड़ा व्यापारी उमाशंकर सोनी ने कहा कि सिक्कों को लेकर बैंक में गया तो वहां किसी ने जमा ही नहीं किया। दबाव बनाने पर पांच एवं दस के एक हजार रुपये के सिक्के जमा हुए, लेकिन एक एवं दो रुपये के सिक्के लेने से मना कर दिया गया। करीब 30 हजार सिक्के दुकान में पड़े हैं। उसे लेने वाला कोई नहीं है। तेल चीनी कारोबारी रमेश रौनियार ने बताया कि एक-दो रुपये के सिक्के बैंक में जमा नहीं हो रहे हैं। करीब 30 हजार का उनके पास पड़ा है।
मोबाइल फोन विक्रेता राजन पांडेय ने कहा कि मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए ग्राहक आते हैं तो सिक्का दे जाते हैं, लेकिन उसे जमा करना बेहद मुश्किल हो गया है। बैंक से बेरंग वापस कर दिया जाता है। ददन सोनी ने बताया कि एक एवं दो रुपये के सिक्के मुसीबत बन गए हैं। इन्हें न तो बैंक ले रहे हैं और न ही कोई ग्राहक।
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इस बाबत जब लीड बैंक मैनेजर एसके श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि व्यापारियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर कहीं परेशानी हो रही है तो लिखित शिकायत करें। सिक्के जमा करने से कोई बैंक इंकार नहीं कर सकता।
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छोटे दुकानदार बेहद परेशान, ग्राहक भी नहीं ले रहे
अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। बैंक में सिक्के जमा न होने से व्यापारी परेशान हैं। पांच और दस के सिक्के तो जमा हो जा रहे हैं, लेकिन एक और दो के सिक्के देने पर बैंकवाले मना कर देते हैं। हालत यह है कि दुकान में सिक्के के रूप में पूंजी फंसती जा रही है।
कपड़ा व्यापारी उमाशंकर सोनी ने कहा कि सिक्कों को लेकर बैंक में गया तो वहां किसी ने जमा ही नहीं किया। दबाव बनाने पर पांच एवं दस के एक हजार रुपये के सिक्के जमा हुए, लेकिन एक एवं दो रुपये के सिक्के लेने से मना कर दिया गया। करीब 30 हजार सिक्के दुकान में पड़े हैं। उसे लेने वाला कोई नहीं है। तेल चीनी कारोबारी रमेश रौनियार ने बताया कि एक-दो रुपये के सिक्के बैंक में जमा नहीं हो रहे हैं। करीब 30 हजार का उनके पास पड़ा है।
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मोबाइल फोन विक्रेता राजन पांडेय ने कहा कि मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए ग्राहक आते हैं तो सिक्का दे जाते हैं, लेकिन उसे जमा करना बेहद मुश्किल हो गया है। बैंक से बेरंग वापस कर दिया जाता है। ददन सोनी ने बताया कि एक एवं दो रुपये के सिक्के मुसीबत बन गए हैं। इन्हें न तो बैंक ले रहे हैं और न ही कोई ग्राहक।
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इस बाबत जब लीड बैंक मैनेजर एसके श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि व्यापारियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर कहीं परेशानी हो रही है तो लिखित शिकायत करें। सिक्के जमा करने से कोई बैंक इंकार नहीं कर सकता।