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Maharajganj News: गली-कूचों में संचालित हो रहे कोचिंग और लाइब्रेरी, फायर एनओसी ली ही नहीं

Wed, 24 Jun 2026 02:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:09 AM IST
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Coaching centers and libraries operating in narrow lanes have not even obtained a Fire NOC.
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जनपद में संचालित कई संस्थानों में दूसरी मंजिल पर संकरे हैं रास्ते, आग से बचाव के नहीं हैं इंतजाम
मंगलवार को लखनऊ में तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 विद्यार्थियों की हो गई थी मौत
महराजगंज। लखनऊ में तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 विद्यार्थियों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यदि जिम्मेदारों ने समय रहते अपना काम किया होता तो शायद यह दुर्घटना नहीं होती। छोटा शहर होने के बाद भी जनपद में भी लखनऊ जैसे खतरे कई जगह हैं। मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल में जनपद में कई संस्थान ऐसे संचालित मिले जिनका निर्माण नियमों की अनदेखी करके किया गया है। इनमें आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं हैं।
जानकारी के अनुसार, जनपद में कहीं बेसमेंट में लाइब्रेरी संचालित हो रही है तो कहीं दूसरी मंजिल पर कोचिंग का है। लाइब्रेरी में जाने वाला रास्ता भी संकरा है और आग से बचाव के इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। इसके बाद भी विभाग के जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। शायद जिम्मेदारों ने यह रवायत बना ली है कि बड़ी दुर्घटना के बाद ही वह सक्रिय होंगे।
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जिले में मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल में कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में बड़ी खामी देखने को मिली। मानकों को ताक पर रखकर लाइब्रेरी संचालित होते मिले। कभी अगर हादसा हो जाए तो रास्ते इतने संकरे हैं कि वहां तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच पाएगी। हर गली और कूचों में लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर बिना मानक के धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे हैं।
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कहीं घर में तो कहीं बेसमेंट में लाइब्रेरी संचालित की जा रही है। आजाद नगर में एक लाइब्रेरी घर में संचालित की जाती है। अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा है। आग से बचाव के संसाधन भी नहीं दिखे। सिविल लाइंस में वार्ड में तो एक लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित होते हुए मिली। वहीं शास्त्री नगर वार्ड में तो नहर के किनारे ही एक लाइब्रेरी संचालित हो रही है। तीनों जगहों पर आग से बचाव के इंतजाम नहीं दिखे।
पंजीकृत हैं 22 कोचिंग, संचालित हो रहे 150 से ज्यादा

जनपद में शिक्षा विभाग में मात्र 22 कोचिंग ही पंजीकृत हैं। जबकि एक अनुमान के अनुसार 150 से ज्यादा कोचिंग और लाइब्रेरी का संचालन हो रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसी से जिम्मेदारों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिम्मेदार नहीं करते हैं जांच
लाइब्रेरी और कोचिंग संचालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। अक्सर यही होता है हादसे के बाद जिम्मेदार जागते हैं और नाम मात्र की कार्रवाई करने के बाद फिर कुंभकर्णी नींद में सो जाते हैं। अगर विभाग के जिम्मेदार नियमित जांच कर रहे होते तो इन संस्थानों में इस कदर मानकों की अवहेलना नहीं की जाती।
बेसमेंट में पानी भरने से दिल्ली में तीन बच्चों की हो गई थी मौत
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में 27 जुलाई 2024 को भारी बारिश के बाद पानी भर गया था। इससे तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद जिम्मेदार जागे थे और कार्रवाई भी की गई थी।

वर्जन

जनपद के जितने लाइब्रेरी और कोचिंग संचालक है सबको अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए निर्देश दिया गए हैं। कमी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र प्रसाद, एफएसओ
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