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Maharajganj News: क्रिसमस की धूम रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया चर्च
Sun, 24 Dec 2023 07:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 24 Dec 2023 07:23 PM IST
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नौतनवा। क्राइस्ट द किंग चर्च नौतनवा में क्रिसमस पर्व को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। पूरा चर्च रंग बिरंगी झालरों, स्टार, क्रिसमस ट्री, पुष्प आदि से सजाया गया है। रविवार की शाम चर्च रंग बिरंगी झालरों से जगमगा उठा। चर्च के बगल में चरनी (गोशाला) बनाई गई है। जहां प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
मसीही समुदाय द्वारा क्रिसमस पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मसीही समुदाय चर्च के साथ-साथ अपने घरों को भी सजाते हैं और प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर केक काटते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं। चर्च में रात में विशेष प्रार्थना और पूजा-अर्चना की जाती है। अर्धरात्रि में
चरनी (गोशाला) में प्रभु यीशु मसीह का जन्म होता है।
फादर सोबिन ने बताया कि क्रिसमस पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मसीही समुदाय द्वारा मनाया जाता है। मसीही समुदाय के लोगों ने रविवार की करीब रात 10 बजे पूजा-अर्चना की और प्रभु यीशु मसीह के जन्म के बाद विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद लोगों ने केक काटा। प्रभु यीशु मसीह के जन्म के बाद मसीही समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी। सोमवार को क्रिसमस पर्व पर सुबह आठ बजे मसीह समुदाय के लोग होली क्रास स्कूल में पूजा-अर्चना करेंगे और कैरोल गीत होगी।
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फादर सोबिन ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह का जन्म एक गोशाला में हुआ था। पूरे मानव जाति को बचाने के लिए ईश्वर पुत्र होते हुए भी प्रभु यीशु ने एक साधारण इंसान के रूप में जन्म लिया था। क्रिसमस दुनिया का सबसे बड़ा त्योहार है यह शांति प्रेम और खुशी का त्योहार है।
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मसीही समुदाय द्वारा क्रिसमस पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मसीही समुदाय चर्च के साथ-साथ अपने घरों को भी सजाते हैं और प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर केक काटते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं। चर्च में रात में विशेष प्रार्थना और पूजा-अर्चना की जाती है। अर्धरात्रि में
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चरनी (गोशाला) में प्रभु यीशु मसीह का जन्म होता है।
फादर सोबिन ने बताया कि क्रिसमस पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मसीही समुदाय द्वारा मनाया जाता है। मसीही समुदाय के लोगों ने रविवार की करीब रात 10 बजे पूजा-अर्चना की और प्रभु यीशु मसीह के जन्म के बाद विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद लोगों ने केक काटा। प्रभु यीशु मसीह के जन्म के बाद मसीही समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी। सोमवार को क्रिसमस पर्व पर सुबह आठ बजे मसीह समुदाय के लोग होली क्रास स्कूल में पूजा-अर्चना करेंगे और कैरोल गीत होगी।
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फादर सोबिन ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह का जन्म एक गोशाला में हुआ था। पूरे मानव जाति को बचाने के लिए ईश्वर पुत्र होते हुए भी प्रभु यीशु ने एक साधारण इंसान के रूप में जन्म लिया था। क्रिसमस दुनिया का सबसे बड़ा त्योहार है यह शांति प्रेम और खुशी का त्योहार है।