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Maharajganj News: पोषण पुनर्वास केंद्र में सुपोषित हो रहे बच्चे
Tue, 06 Aug 2024 05:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 06 Aug 2024 05:02 AM IST
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पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे।
महराजगंज। पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती होने की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस समय 10 बेड के वार्ड में 10 कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाया जा रहा है। बीते तीन माह करीब 200 बच्चों को सुपोषित किया जा चुका है। भर्ती होने वाले बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बच्चों को सुपोषित बनाने की मुहिम तेज कर दी गई। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में सभी बेड भर गए हैं। अब यहां प्रतिदिन ओपीडी में तीन से छह बच्चों की सेहत की जांच की जा रही है। यदि बच्चा कुपोषित है तो इसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। बीते माह में इस वार्ड के कई बेड खाली थे। यहां बच्चों को निर्धारित समय पर पौष्टिक भोजन के साथ ही उपचार होता है।
पोषण विशेषज्ञ पूजा त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए जरूरी पोषणयुक्त भोजन दिया जाता है। इसमें केला, साबुतदाना खीर, दलिया, रोटी दूध, खिचड़ी, आटे का हलवा आदि दिया जाता है, जिससे बच्चे जल्द से जल्द सुपोषित बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि भर्ती होने वाले सभी बच्चों की समय समय पर जांच की जाती है। सुपोषित होने के बाद ही बच्चों को घर भेजा जाता है। संतुलित भोजन के बारे में बच्चों की मां को जानकारी दी जाती है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में बेहतर सुविधा है। कुपोषित बच्चों को भर्ती कर सुपोषित किया जाता है। यहां तैनात सभी कर्मियों को सचेत रहने के लिए निर्देशित किया गया है। समय समय पर जांच कर व्यवस्था के बारे में जानकारी ली जाती है।
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जानकारी के अनुसार, बच्चों को सुपोषित बनाने की मुहिम तेज कर दी गई। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में सभी बेड भर गए हैं। अब यहां प्रतिदिन ओपीडी में तीन से छह बच्चों की सेहत की जांच की जा रही है। यदि बच्चा कुपोषित है तो इसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। बीते माह में इस वार्ड के कई बेड खाली थे। यहां बच्चों को निर्धारित समय पर पौष्टिक भोजन के साथ ही उपचार होता है।
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पोषण विशेषज्ञ पूजा त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए जरूरी पोषणयुक्त भोजन दिया जाता है। इसमें केला, साबुतदाना खीर, दलिया, रोटी दूध, खिचड़ी, आटे का हलवा आदि दिया जाता है, जिससे बच्चे जल्द से जल्द सुपोषित बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि भर्ती होने वाले सभी बच्चों की समय समय पर जांच की जाती है। सुपोषित होने के बाद ही बच्चों को घर भेजा जाता है। संतुलित भोजन के बारे में बच्चों की मां को जानकारी दी जाती है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में बेहतर सुविधा है। कुपोषित बच्चों को भर्ती कर सुपोषित किया जाता है। यहां तैनात सभी कर्मियों को सचेत रहने के लिए निर्देशित किया गया है। समय समय पर जांच कर व्यवस्था के बारे में जानकारी ली जाती है।