{"_id":"667081c0b5993a238102c592","slug":"chc-paratawal-becomes-referral-center-not-specialist-doctor-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-124834-2024-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं... रेफरल सेंटर बना सीएचसी परतावल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं... रेफरल सेंटर बना सीएचसी परतावल
Tue, 18 Jun 2024 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 18 Jun 2024 12:04 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल में हड्डी रोग, चर्म रोग के डॉक्टर नहीं होने से रेफरल सेंटर बन गया है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। सोमवार को सीएचसी में इलाज कराने आए कई मरीजों ने अपनी परेशानी बयां की।
परतावल पुरैना मार्ग पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना करीब 200 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इसमें सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना वाले होते हैं। फिर भी इस अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया जाता है। समय से बेहतर चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने से इस क्षेत्र में सड़क हादसों के शिकार मरीजों की अधिकतर मौत हो जाती है।
देवेंद्र, मुकेश, दिलीप, जनार्दन आदि मरीजों ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के वजह से मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है, जिसमें अधिक रकम खर्च करना पड़ता है। बेहतर सुविधा मिलती तो समस्या नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन
परतावल पुरैना मार्ग पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना करीब 200 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इसमें सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना वाले होते हैं। फिर भी इस अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया जाता है। समय से बेहतर चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने से इस क्षेत्र में सड़क हादसों के शिकार मरीजों की अधिकतर मौत हो जाती है।
विज्ञापन
देवेंद्र, मुकेश, दिलीप, जनार्दन आदि मरीजों ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के वजह से मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है, जिसमें अधिक रकम खर्च करना पड़ता है। बेहतर सुविधा मिलती तो समस्या नहीं होती।
विज्ञापन