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Maharajganj News: पते के अभाव में नहीं दर्ज हो रहा केस
Sun, 09 Feb 2025 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 09 Feb 2025 12:49 AM IST
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महराजगंज। घुघली विकास खंड के चौमुखा निवासी सूरज कुमार उपाध्याय के प्रपत्रों से नौकरी कर रहा तड़हवा स्कूल के बर्खास्त फर्जी शिक्षक पर अभी तक मुकदमा नहीं दर्ज किया जा सका। नौतनवा के बीईओ का कहना है कि उक्त स्कूल ठूठीबारी थाना क्षेत्र में है।
मुकदमा दर्ज कराने वह गए थे, लेकिन पुलिस शिक्षक का पता मांग रही है जो विभाग के पास नहीं है। मामले की गहराई में जाने पर विभाग ही फंसता नजर आ रहा है। फरार होने के बाद तक विभाग को उसके फर्जी होने की जानकारी तब तक नहीं थी जबतक एसटीएफ ने संपर्क स्थापित कर यह नहीं बताया कि वह शिक्षक फर्जी प्रपत्रों पर कार्यरत था। विभाग तो उसकी अनुपस्थिति का जवाब देने के लिए नोटिस दे रहा था।
2016 में सहायक अध्यापक भर्ती के दौरान ही फर्जी शिक्षक ने विभाग में सेंध लगाते हुए बिना पता और प्रपत्र सत्यापन नौकरी प्राप्त की बल्कि मानव संपदा पोर्टल पर ब्योरा अपडेट कराते समय भी सत्यापन न कराकर लाभ लिया। विभाग ने पहली नोटिस नवंबर 2024 के प्रथम सप्ताह में नौतनवा बीईओ के मार्फत स्कूल पर भेजा, जिससे पूछा गया था कि वह लंबे समय से क्यों अनुपस्थित है इसका जवाब दे। जबकि एसटीएफ की जांच अगस्त 2024 में शुरू होने की भनक लगते ही शिक्षक सितंबर से फरार था।
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दो माह से वह स्कूल क्यों नहीं आ रहा विभाग ने यह पूछने की जरूरत भी दो माह बाद नवंबर में समझी। इस नोटिस के बाद तीन नोटिस उसके प्रपत्र में लिखे डाक पते पर भेजा जो वापस लौट आया।
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मुकदमा दर्ज कराने वह गए थे, लेकिन पुलिस शिक्षक का पता मांग रही है जो विभाग के पास नहीं है। मामले की गहराई में जाने पर विभाग ही फंसता नजर आ रहा है। फरार होने के बाद तक विभाग को उसके फर्जी होने की जानकारी तब तक नहीं थी जबतक एसटीएफ ने संपर्क स्थापित कर यह नहीं बताया कि वह शिक्षक फर्जी प्रपत्रों पर कार्यरत था। विभाग तो उसकी अनुपस्थिति का जवाब देने के लिए नोटिस दे रहा था।
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2016 में सहायक अध्यापक भर्ती के दौरान ही फर्जी शिक्षक ने विभाग में सेंध लगाते हुए बिना पता और प्रपत्र सत्यापन नौकरी प्राप्त की बल्कि मानव संपदा पोर्टल पर ब्योरा अपडेट कराते समय भी सत्यापन न कराकर लाभ लिया। विभाग ने पहली नोटिस नवंबर 2024 के प्रथम सप्ताह में नौतनवा बीईओ के मार्फत स्कूल पर भेजा, जिससे पूछा गया था कि वह लंबे समय से क्यों अनुपस्थित है इसका जवाब दे। जबकि एसटीएफ की जांच अगस्त 2024 में शुरू होने की भनक लगते ही शिक्षक सितंबर से फरार था।
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दो माह से वह स्कूल क्यों नहीं आ रहा विभाग ने यह पूछने की जरूरत भी दो माह बाद नवंबर में समझी। इस नोटिस के बाद तीन नोटिस उसके प्रपत्र में लिखे डाक पते पर भेजा जो वापस लौट आया।