{"_id":"604130248ebc3e592578ed94","slug":"case-beo-maharajganj-news-gkp387122239","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बीईओ समेत सात पर केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बीईओ समेत सात पर केस दर्ज
विज्ञापन
दो बीईओ समेत सात पर केस दर्ज
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
नामांकन और गबन के मामले की सात सदस्यीय जांच टीम ने की थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर बृजमनगंज पुलिस ने दो खंड शिक्षा अधिकारियों समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी, साजिश रचने आदि धाराओं में केस दर्ज किया है। इसी के साथ पुलिस ने मामले में विवेचना भी शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता रमेश सिंह वर्तमान में कवलपुर में प्रधानाध्यापक हैं। इसके पहले 2018 में गोपालपुर में तैनात थे। तब वे कवलपुर में तबादला होने पर अपना चार्ज संतराम वर्मा को सौंप कर चले गए। इस बीच स्कूल में नामांकन समेत सरकारी रकम गबन करने के आरोप में रमेश सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं तत्कालीन बीएसए ने जांच कमेटी बैठा दी। जांच कमेटी स्कूल पर अभिलेखों समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की तो उस वक्त तैनात तत्कालीन प्रधानाध्यापक संतराम वर्मा ने जो सूची सौंपी, उसमें बच्चों का नाम प्रवेश पंजिका से भिन्न मिली। शक होने रमेश सिंह न्यायालय की शरण में गए तो वहां से बहाली का आदेश हुआ। इसके बाद मुकदमे की सुनाई होती रही। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज ने 12 फरवरी 2021 को जांच कमेटी के सदस्यों खिलाफ के दर्ज करने का आदेश दिया।
आरोपित प्रधानाध्यापक संतराम वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी तारकेश्वर पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी श्यामसुंदर पटेल, डीसी निर्माण विरेंद्र सिंह, कामेश्वर, परशुराम समेत सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी (एसएसए) के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं के तहत बृजमनगंज थाने में केस दर्ज हुआ है। केस दर्ज होने की पुष्टि थानाध्यक्ष कमलेश सिंह ने की है। बीएसए ओम प्रकाश यादव ने बताया कि मामला वित्तीय गबन से जुड़ा है। जांच समिति के सदस्यों पर केस दर्ज होने की जानकारी मिली है।
विज्ञापन
वहीं बीईओ श्याम सुंदर पटेल ने अपनी जांच को सही बताया है। उन्होंने पुलिस पर भी बात न सुनने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
नामांकन और गबन के मामले की सात सदस्यीय जांच टीम ने की थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर बृजमनगंज पुलिस ने दो खंड शिक्षा अधिकारियों समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी, साजिश रचने आदि धाराओं में केस दर्ज किया है। इसी के साथ पुलिस ने मामले में विवेचना भी शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता रमेश सिंह वर्तमान में कवलपुर में प्रधानाध्यापक हैं। इसके पहले 2018 में गोपालपुर में तैनात थे। तब वे कवलपुर में तबादला होने पर अपना चार्ज संतराम वर्मा को सौंप कर चले गए। इस बीच स्कूल में नामांकन समेत सरकारी रकम गबन करने के आरोप में रमेश सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं तत्कालीन बीएसए ने जांच कमेटी बैठा दी। जांच कमेटी स्कूल पर अभिलेखों समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की तो उस वक्त तैनात तत्कालीन प्रधानाध्यापक संतराम वर्मा ने जो सूची सौंपी, उसमें बच्चों का नाम प्रवेश पंजिका से भिन्न मिली। शक होने रमेश सिंह न्यायालय की शरण में गए तो वहां से बहाली का आदेश हुआ। इसके बाद मुकदमे की सुनाई होती रही। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज ने 12 फरवरी 2021 को जांच कमेटी के सदस्यों खिलाफ के दर्ज करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
आरोपित प्रधानाध्यापक संतराम वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी तारकेश्वर पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी श्यामसुंदर पटेल, डीसी निर्माण विरेंद्र सिंह, कामेश्वर, परशुराम समेत सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी (एसएसए) के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं के तहत बृजमनगंज थाने में केस दर्ज हुआ है। केस दर्ज होने की पुष्टि थानाध्यक्ष कमलेश सिंह ने की है। बीएसए ओम प्रकाश यादव ने बताया कि मामला वित्तीय गबन से जुड़ा है। जांच समिति के सदस्यों पर केस दर्ज होने की जानकारी मिली है।
विज्ञापन
वहीं बीईओ श्याम सुंदर पटेल ने अपनी जांच को सही बताया है। उन्होंने पुलिस पर भी बात न सुनने का आरोप लगाया है।