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Maharajganj News: नियमों को ताख पर रख शहर में नहर पर बेहद करीब बन गया दो पुल
Thu, 20 Apr 2023 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 20 Apr 2023 01:09 AM IST
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नहर पर बनाए गए पतले रास्ते से जाता युवक।संवाद
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महराजगंज। शहर में गुजर रही नहर पर पुल बनाने में मानक का ख्याल नहीं रखा गया। महज 100 मीटर की दूरी पर तीन पुल बना दिया गया। दो पुल तो बेहद करीब हैं, इसे देखकर लोगों ने इसकी उपयोगिता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की नियत से नियम की धज्जियां उड़ा दी गई। शहर में भाजपा कार्यालय की ओर से जाने सड़क के किनारे नहर है। इस नहर जगह जगह लोगों को आने जाने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार रास्ता बना रखा है, इससे आने जाने के दौरान गिरने की डर बना रहता है।
शहर में नहर के किनारे दोनों तरफ घर बना है। कुछ स्थानों पर पहले से ही पुल बना है। लोगों की जरूरत के अनुसार ज्यादा स्थानों पर पुल नहीं है तो लोग नहर पर अपने हिसाब रास्ता बना लिए हैं। चिऊरहां नहर से कटकर पंडित दिन दयाल इंटर से होकर नहर पिपरदेउरा की ओर जा रही है। इस नहर से होकर आगे बढ़ने पर इंटर कालेज से पहले ही दो पुल बना है। आगे बढ़ने पर मैरिज हाल है, यहां लोहे का पुल अपने हिसाब से बना दिया गया है। इससे थोड़ा सा आगे बढ़ने पर एक पुल बना है। यहां से आगे जाने पर एक पुल और मिला, इसके बाद हाई वे आ जाता है। हाई वे पर पुल बना है। नहर से आगे बढ़ने पर तस्वीर देकर हर कोई चौक जाएगा। दोनों पुल के बीच 50 मीटर से कम का फासला है। रास्ते से गुजर रहे मदन मोहन ने पुल निर्माण देख कर हंसते हुए बोले की समरथ के नहीं दोष गोसाई। ताकतवार के लिए नियम का कानून कोई मतलब नहीं है। पास में ही दो पुल बनाकर सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है। यह कहते हुए वह आगे बढ़ गए। इन दोनों पुल से आगे जाने पर पिपरदेउरा मंदिर के सामने पुल से थोड़ी दूर पर नहर से गुजरने के लिए एक लकड़ी रखकर रास्ता बना दिया गया है। यह बेहद खतरनाक है। इस तरह से इस नहर पर 12 से अधिक स्थानों पर पटरी रखकर रास्ता बनाया गया है। घरों तक पहुंचने के लिए लोगों ने अपने हिसाब से नहर पर रास्ता बना लिया है। लोगों को मलाल है कि जहां जरूरत है, वहां पुल नहीं है। जिसने जुगाड़ लगाया, उसके घर के सामने पुल बन गया है।
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जहां रास्ता नहीं वहां पुल बना दिया
पनियरा क्षेत्र के इलाहाबास गांव के पास सड़क के किनारे खेत के पास पुल बना दिया गया है। यहां चौकाने वाली बात यह है कि पुल के आगे खेत है। रास्ता नहीं बना है। पुल बनाकर किसी तरह से रकम को खर्च कर दिया गया है। करीब चार पांच छह साल पहले पुलिया बनी थी।
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नहर पर मनमाने ढंग से कराया पक्का निर्माण
शहर में पिपरदेउरा जाने वाली नहर पर एक स्थान पक्का निर्माण करा दिया गया है, यहां नहर का स्वरूप नाले की तरह से दिख रहा है। आस पास के लोगों ने बताया कि घर में जाने को परेशानी हुई तो नहर पर दोनों तरफ से पक्का दिवार चलाकर ऊपर से छत डाल कर रास्ता दिया गया।
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अस्पताल के सामने पुल नहीं बनाया गया, यहां मरीजों को आने जाने में परेशानी होती है। पुल बनाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अस्पताल से थोड़ी दूर आगे पुल बना दिया गया। शहर में तमाम स्थानों पर बेहद करीब पुल बनाया है। अस्पताल के सामने पुल बनाने में नियम कानून का पाठ पढ़ाया जाने लगा।
डॉ. प्रशांत पांडेय, अस्पताल संचालक
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सबसे पहले तो निर्माण में मानक को दरकिनार कर खराब सामाग्री का प्रयोग किया गया। 50 मीटर के अंदर ही दो पुल बना दिया जाना समझ से परे है। नहर के किनारे बसें लोगों को अने जाने में परेशानी होती है, उनकी सुविधा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचने के नियत से पुल बनाया गया है।
पशुपति नाथ गुप्ता, गांधी नगर
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नियम के अनुसार आबादी क्षेत्र में जरूरत के अनुसार 100 मीटर के दायरे में पुल का निर्माण होना चाहिए। समय समय पर जांच कर नहर से अतिक्रमण हटवाया जाता है। अगर कहीं नियम का पालन नहीं हो रहा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बृजेश सोनी, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड प्रथम
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दोनो पुल इतना करीब कैसे बन गया है। जन सूचना अधिकार के तहत इसके बारे में विभाग से जानकारी मांगी गई है। चौकाने वाली है कि जहां जरूरत है, वहां पुल नहीं बन रहा है।
अनिल गुप्ता, आईटीआई कार्यकर्ता
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शहर में नहर के किनारे दोनों तरफ घर बना है। कुछ स्थानों पर पहले से ही पुल बना है। लोगों की जरूरत के अनुसार ज्यादा स्थानों पर पुल नहीं है तो लोग नहर पर अपने हिसाब रास्ता बना लिए हैं। चिऊरहां नहर से कटकर पंडित दिन दयाल इंटर से होकर नहर पिपरदेउरा की ओर जा रही है। इस नहर से होकर आगे बढ़ने पर इंटर कालेज से पहले ही दो पुल बना है। आगे बढ़ने पर मैरिज हाल है, यहां लोहे का पुल अपने हिसाब से बना दिया गया है। इससे थोड़ा सा आगे बढ़ने पर एक पुल बना है। यहां से आगे जाने पर एक पुल और मिला, इसके बाद हाई वे आ जाता है। हाई वे पर पुल बना है। नहर से आगे बढ़ने पर तस्वीर देकर हर कोई चौक जाएगा। दोनों पुल के बीच 50 मीटर से कम का फासला है। रास्ते से गुजर रहे मदन मोहन ने पुल निर्माण देख कर हंसते हुए बोले की समरथ के नहीं दोष गोसाई। ताकतवार के लिए नियम का कानून कोई मतलब नहीं है। पास में ही दो पुल बनाकर सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है। यह कहते हुए वह आगे बढ़ गए। इन दोनों पुल से आगे जाने पर पिपरदेउरा मंदिर के सामने पुल से थोड़ी दूर पर नहर से गुजरने के लिए एक लकड़ी रखकर रास्ता बना दिया गया है। यह बेहद खतरनाक है। इस तरह से इस नहर पर 12 से अधिक स्थानों पर पटरी रखकर रास्ता बनाया गया है। घरों तक पहुंचने के लिए लोगों ने अपने हिसाब से नहर पर रास्ता बना लिया है। लोगों को मलाल है कि जहां जरूरत है, वहां पुल नहीं है। जिसने जुगाड़ लगाया, उसके घर के सामने पुल बन गया है।
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जहां रास्ता नहीं वहां पुल बना दिया
पनियरा क्षेत्र के इलाहाबास गांव के पास सड़क के किनारे खेत के पास पुल बना दिया गया है। यहां चौकाने वाली बात यह है कि पुल के आगे खेत है। रास्ता नहीं बना है। पुल बनाकर किसी तरह से रकम को खर्च कर दिया गया है। करीब चार पांच छह साल पहले पुलिया बनी थी।
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नहर पर मनमाने ढंग से कराया पक्का निर्माण
शहर में पिपरदेउरा जाने वाली नहर पर एक स्थान पक्का निर्माण करा दिया गया है, यहां नहर का स्वरूप नाले की तरह से दिख रहा है। आस पास के लोगों ने बताया कि घर में जाने को परेशानी हुई तो नहर पर दोनों तरफ से पक्का दिवार चलाकर ऊपर से छत डाल कर रास्ता दिया गया।
अस्पताल के सामने पुल नहीं बनाया गया, यहां मरीजों को आने जाने में परेशानी होती है। पुल बनाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अस्पताल से थोड़ी दूर आगे पुल बना दिया गया। शहर में तमाम स्थानों पर बेहद करीब पुल बनाया है। अस्पताल के सामने पुल बनाने में नियम कानून का पाठ पढ़ाया जाने लगा।
डॉ. प्रशांत पांडेय, अस्पताल संचालक
सबसे पहले तो निर्माण में मानक को दरकिनार कर खराब सामाग्री का प्रयोग किया गया। 50 मीटर के अंदर ही दो पुल बना दिया जाना समझ से परे है। नहर के किनारे बसें लोगों को अने जाने में परेशानी होती है, उनकी सुविधा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचने के नियत से पुल बनाया गया है।
पशुपति नाथ गुप्ता, गांधी नगर
नियम के अनुसार आबादी क्षेत्र में जरूरत के अनुसार 100 मीटर के दायरे में पुल का निर्माण होना चाहिए। समय समय पर जांच कर नहर से अतिक्रमण हटवाया जाता है। अगर कहीं नियम का पालन नहीं हो रहा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बृजेश सोनी, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड प्रथम
दोनो पुल इतना करीब कैसे बन गया है। जन सूचना अधिकार के तहत इसके बारे में विभाग से जानकारी मांगी गई है। चौकाने वाली है कि जहां जरूरत है, वहां पुल नहीं बन रहा है।
अनिल गुप्ता, आईटीआई कार्यकर्ता