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तापमान में उतार-चढ़ाव से सांस के मरीज परेशान

Sat, 08 Dec 2018 12:19 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो) Updated Sat, 08 Dec 2018 12:19 AM IST
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Breathless patients with temperature fluctuations
तापमान में उतार-चढ़ाव से सांस के मरीज परेशान - फोटो : अमर उजाला
ॉमहराजगंज। सुबह और शाम के वक्त घटते बढ़ते तापमान से सांस के रोगियों को परेशानी हो रही है। गर्म कपड़ों के सहारे तापमान के घटते बढ़ते क्रम से बचने की कोशिश की जा रही है। दिन में ठंड का एहसास कुछ कम हो रहा है लेकिन दिन ढलने के बाद तापमान में गिरावट से मुश्किल बढ़ जा रही है। जिला अस्पताल में पहुंचने वाले सांस के रोगियों की संख्या में बढ़ गई है। 
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जिला अस्पताल में इन दिनों सर्दी, खासी, जुकाम और बुखार के साथ ही सांस फूलने की बीमारी वाले मरीज पहुंच रहे हैं। इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी में औसतन हर रोज 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। सांस की बीमारी के मरीजों की संख्या करीब 50 है। सुबह और शाम के तापमान में उतार चढ़ाव से बच्चे बूढे़ सभी परेशान हैं। 
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चिकित्सकों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ सांस नली व फेफड़े सिकुड़ने लगते हैं। वातावरण में नमी होने के कारण व धूल के कण भारी हो जाते हैं, जो सांस नली में जमने लगते हैं। इससे इन्फेक्शन होने लगता है। बच्चों व बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस कारण ठंड उनके लिए अधिक नुकसानदायक है। गिदहां गांव के रामसेवक पटेल, रोशन को सांस की दिक्कत हुई तो अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से इलाज कराए। इन लोगों का कहना था कि तापमान में उतार चढ़ाव से परेशानी हो रही है। उधर, तापमान में उतार चढ़ाव की यह स्थिति है कि एक दिसंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस व  2 दिसंबर को अधिकतम 26 और न्यूनतम 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। तीन दिसंबर को अधिकतम 27 और न्यूनतम 14, चार दिसंबर को अधिकतम 26 और न्यूनतम 13 , पांच दिसंबर को अधिकतम 27 और न्यूनतम 14, छह दिसंबर को अधिकतम 26 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियम तापमान रहा।  चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. एएम भाष्कर का कहना है कि इस समय सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। ये वह मरीज है, जो गंभीर हालत में उपचार के लिए आ रहे हैं। ठंड किसी के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। खास तौर से बच्चों व बुजुर्गों के लिए ठंड से बचाव जरूरी है। इस मौसम में बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर आर.बी. राम ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज करने का प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि एक दिसंबर को सांस के 15 मरीज, 2 दिसंबर को 18 मरीज, 3 दिसंबर को 20 मरीज, 4 दिसंबर को 26 मरीज, 5 दिसंबर को 29 मरीज, छह    दिसंबर को 32 मरीज, 7 दिसंबर को 50 मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आए।  
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