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24 को रामग्राम में आएंगे बौद्ध भिक्षु, देखेंगे स्तूप
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24 को रामग्राम में आएंगे बौद्ध भिक्षु, देखेंगे स्तूप
महराजगंज। रामग्राम के विकास के लिए प्रशासनिक स्तर से कवायद तेज कर दी गई है। स्थल को बौद्ध सर्किट से जोड़ने तथा उसे वास्तविक पहचान दिलाने के लिए 24 अप्रैल को बौद्ध भिक्षुओं का एक दल वहां पहुंचेगा तथा स्तूप आदि को देखेगा।
देश ही नहीं विदेश में भी बौद्ध धर्म के अनुयायी बड़ी मात्रा में हैं। बौद्ध स्थल के रुप में कुशीनगर, सारनाथ, श्रावस्ती, वाराणसी आदि स्थलों पर काफी विकास हुआ है तथा यहां पर अनुयायियों का आना-जाना भी है। जिले में भी उनसे जुड़े स्थल हैं लेकिन अभी तक इन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार हैं। रामग्राम में उपलब्ध स्तूप आदि की वास्तविकता को देखने के लिए कुशीनगर से लगभग दस बौद्ध भिक्षु आएंगे। वे स्तूप, तालाब, आसपास की स्थिति तथा बुद्ध कालीन अवशेष को भी देखेंगे। वहां प्रशासनिक जिम्मेदार भी मौजूद रहकर स्थितियों का आंकलन करेंगे तथा उसके मुताबिक अग्रिम पहल की जाएगी। बौद्ध भिक्षुओं के आगमन के दृष्टिगत रामग्राम में सफाई आदि का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।
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रामग्राम की यह है मान्यता
मान्यता है कि कुशीनगर में परिनिर्वाण के उपरांत गौतम बुद्ध के अस्थि अवशेष के आठ हिस्से में से एक हिस्सा स्तूप के रुप में चौक बाजार के पास रामग्राम में स्थित है। इसे लेकर पहले कुछ प्रशासनिक जिम्मेदारों ने खुदाई कराई जिसमें कुछ अवशेष मिले जिन्हें पीजी कालेज में संरक्षित रखा गया है।
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बौद्ध स्थल के रुप में रामग्राम के विकास की असीम संभावना है। विकास के लिए शासन व प्रशासन के स्तर से सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। 24 को बौद्ध भिक्षुओं का एक दल भी रामग्राम में स्तूप व अन्य स्थितियों को देखने आ रहा है।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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महराजगंज। रामग्राम के विकास के लिए प्रशासनिक स्तर से कवायद तेज कर दी गई है। स्थल को बौद्ध सर्किट से जोड़ने तथा उसे वास्तविक पहचान दिलाने के लिए 24 अप्रैल को बौद्ध भिक्षुओं का एक दल वहां पहुंचेगा तथा स्तूप आदि को देखेगा।
देश ही नहीं विदेश में भी बौद्ध धर्म के अनुयायी बड़ी मात्रा में हैं। बौद्ध स्थल के रुप में कुशीनगर, सारनाथ, श्रावस्ती, वाराणसी आदि स्थलों पर काफी विकास हुआ है तथा यहां पर अनुयायियों का आना-जाना भी है। जिले में भी उनसे जुड़े स्थल हैं लेकिन अभी तक इन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार हैं। रामग्राम में उपलब्ध स्तूप आदि की वास्तविकता को देखने के लिए कुशीनगर से लगभग दस बौद्ध भिक्षु आएंगे। वे स्तूप, तालाब, आसपास की स्थिति तथा बुद्ध कालीन अवशेष को भी देखेंगे। वहां प्रशासनिक जिम्मेदार भी मौजूद रहकर स्थितियों का आंकलन करेंगे तथा उसके मुताबिक अग्रिम पहल की जाएगी। बौद्ध भिक्षुओं के आगमन के दृष्टिगत रामग्राम में सफाई आदि का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।
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रामग्राम की यह है मान्यता
मान्यता है कि कुशीनगर में परिनिर्वाण के उपरांत गौतम बुद्ध के अस्थि अवशेष के आठ हिस्से में से एक हिस्सा स्तूप के रुप में चौक बाजार के पास रामग्राम में स्थित है। इसे लेकर पहले कुछ प्रशासनिक जिम्मेदारों ने खुदाई कराई जिसमें कुछ अवशेष मिले जिन्हें पीजी कालेज में संरक्षित रखा गया है।
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बौद्ध स्थल के रुप में रामग्राम के विकास की असीम संभावना है। विकास के लिए शासन व प्रशासन के स्तर से सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। 24 को बौद्ध भिक्षुओं का एक दल भी रामग्राम में स्तूप व अन्य स्थितियों को देखने आ रहा है।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी