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आयुष्मान भारत योजना बनी गरीबों के लिए संजीवनी
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आयुष्मान भारत योजना बनी गरीबों के लिए संजीवनी
महराजगंज। जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। गरीबों को योजना के तहत इलाज कराने में सुविधा मिल रही है। जिले में परतावल एवं जिला अस्पताल में अलग से आयुष्मान वार्ड बनाया गया है। इसमें लाभार्थियों को विशेष सुविधा मिलती है। योजना के तहत 1,45,816 परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। 7,819 मरीजों का इलाज हो चुका है। सरकारी एवं प्राइवेट अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का लाभ जिले में पात्रों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत 2,634 परिवार, अंत्योदय कार्ड धारकों के कुल 66,470 एवं श्रमिक मजदूरों के कुल 28,526 परिवारों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। 1,88,011 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। योजना के तहत जिले में 23 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें 14 सरकारी एवं 9 नीजी अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 7,819 मरीजों का इलाज हो चुका है। इसमें 4,042 मरीजों का इलाज जिले में हुआ है। 3,777 मरीज जिले के बाहर इलाज कराए हैं। रफीकुन निशा, मनीष एवं दुर्गावती के गंभीर रोगों का इलाज योजना के तहत हुआ। साथ ही इलाज पर व्यय हुई रकम का भुगतान भी विभाग ने कर दिया।
इलाज पर खर्च हुए 6 करोड से अधिक रकम
आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थियों को चयनित अस्पताल में इलाज की सुविधा मिली। इस पर अस्पतालों को विभाग ने 6,51, 99,154 रुपये का भुगतान किया है। इलाज के एवज में योजना के तहत रकम दी जाती है।
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सरकारी से ज्यादा निजी अस्पताल पर भरोसा
योजना के तहत इलाज कराने में सरकारी अस्पतालों पर लोगों ने कम भरोसा जताया है। निजी अस्पतालों में अधिक लोगों ने इलाज कराया है। सरकारी अस्पताल में 753 लोगों ने इलाज कराया, जबकि 3,289 लोगों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया। लाभार्थियों के मुताबिक, निजी अस्पतालों में अधिक सुविधा होने के कारण इलाज कराने में सुविधा ज्यादा मिलती है।
केस नंबर एक- निचलौल क्षेत्र के करमहिया गांव के रहने वाले जितेंद्र कुमार के कूल्हे का ऑपरेशन हुआ। उन्होंने योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पताल में इलाज कराया। उन्होंने बताया कि यह योजना गरीबों के लिए लाभकारी है। गोल्डन कार्ड बनवाने से योजना के तहत बेहतर ढंग से इलाज हुआ।
केस नंबर दो- सिसवा राजा गांव की शिमला देवी ने बताया कि गुर्दे में पथरी हो गई। इसका आपरेशन कराने के लिए जरूरी रकम नहीं थी। आयुष्मान योजना के तहत बना गोल्डन कार्ड काम आया। अस्पताल में ठीक ढंग से ऑपरेशन हो गया। कोई परेशानी नहीं हुई। सरकार की यह अच्छी योजना है।
केस नंबर तीन- बडहरा रानी गांव के रहने वाले मनीष ने बताया कि डायलिसिस कराने के लिए ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ती, लेकिन आयुष्मान योजना का कार्ड बनवाने से लाभ हुआ। योजना के तहत बने कार्ड से निजी अस्पताल में ठीक ढंग से डायलिसिस हो जाती है। अगर कार्ड नहीं रहता तो इलाज कराने में परेशानी होती।
केस नंबर चार- सिरौली गांव के प्रेमा देवी कहती हैं कि गुर्दे में पथरी हो गई थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड रहने के कारण इलाज में परेशानी नहीं हुईं। करीब 38,500 रुपये का इलाज कार्ड रहने पर हो गया। यह कार्ड गरीबों के लिए बहुत ही लाभकारी है। उन्होंने कहा कि अगर कार्ड नहीं रहता तो इलाज में दिक्कत होती।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। गांव स्तर पर संपर्क स्थापित कर लोगों को योजना के प्रति जागरूक करने की कोशिश जारी है। गरीबों के लिए यह योजना संजीवनी साबित हो रही है। अच्छे अस्पताल में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। आने वाले दिनों में अधिक से अधिक लोगों को योजना के तहत लाभ देने का प्रयास किया जाएगा। -डॉ.आईए अंसारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी
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महराजगंज। जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। गरीबों को योजना के तहत इलाज कराने में सुविधा मिल रही है। जिले में परतावल एवं जिला अस्पताल में अलग से आयुष्मान वार्ड बनाया गया है। इसमें लाभार्थियों को विशेष सुविधा मिलती है। योजना के तहत 1,45,816 परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। 7,819 मरीजों का इलाज हो चुका है। सरकारी एवं प्राइवेट अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का लाभ जिले में पात्रों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत 2,634 परिवार, अंत्योदय कार्ड धारकों के कुल 66,470 एवं श्रमिक मजदूरों के कुल 28,526 परिवारों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। 1,88,011 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। योजना के तहत जिले में 23 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें 14 सरकारी एवं 9 नीजी अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 7,819 मरीजों का इलाज हो चुका है। इसमें 4,042 मरीजों का इलाज जिले में हुआ है। 3,777 मरीज जिले के बाहर इलाज कराए हैं। रफीकुन निशा, मनीष एवं दुर्गावती के गंभीर रोगों का इलाज योजना के तहत हुआ। साथ ही इलाज पर व्यय हुई रकम का भुगतान भी विभाग ने कर दिया।
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इलाज पर खर्च हुए 6 करोड से अधिक रकम
आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थियों को चयनित अस्पताल में इलाज की सुविधा मिली। इस पर अस्पतालों को विभाग ने 6,51, 99,154 रुपये का भुगतान किया है। इलाज के एवज में योजना के तहत रकम दी जाती है।
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सरकारी से ज्यादा निजी अस्पताल पर भरोसा
योजना के तहत इलाज कराने में सरकारी अस्पतालों पर लोगों ने कम भरोसा जताया है। निजी अस्पतालों में अधिक लोगों ने इलाज कराया है। सरकारी अस्पताल में 753 लोगों ने इलाज कराया, जबकि 3,289 लोगों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया। लाभार्थियों के मुताबिक, निजी अस्पतालों में अधिक सुविधा होने के कारण इलाज कराने में सुविधा ज्यादा मिलती है।
केस नंबर एक- निचलौल क्षेत्र के करमहिया गांव के रहने वाले जितेंद्र कुमार के कूल्हे का ऑपरेशन हुआ। उन्होंने योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पताल में इलाज कराया। उन्होंने बताया कि यह योजना गरीबों के लिए लाभकारी है। गोल्डन कार्ड बनवाने से योजना के तहत बेहतर ढंग से इलाज हुआ।
केस नंबर दो- सिसवा राजा गांव की शिमला देवी ने बताया कि गुर्दे में पथरी हो गई। इसका आपरेशन कराने के लिए जरूरी रकम नहीं थी। आयुष्मान योजना के तहत बना गोल्डन कार्ड काम आया। अस्पताल में ठीक ढंग से ऑपरेशन हो गया। कोई परेशानी नहीं हुई। सरकार की यह अच्छी योजना है।
केस नंबर तीन- बडहरा रानी गांव के रहने वाले मनीष ने बताया कि डायलिसिस कराने के लिए ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ती, लेकिन आयुष्मान योजना का कार्ड बनवाने से लाभ हुआ। योजना के तहत बने कार्ड से निजी अस्पताल में ठीक ढंग से डायलिसिस हो जाती है। अगर कार्ड नहीं रहता तो इलाज कराने में परेशानी होती।
केस नंबर चार- सिरौली गांव के प्रेमा देवी कहती हैं कि गुर्दे में पथरी हो गई थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड रहने के कारण इलाज में परेशानी नहीं हुईं। करीब 38,500 रुपये का इलाज कार्ड रहने पर हो गया। यह कार्ड गरीबों के लिए बहुत ही लाभकारी है। उन्होंने कहा कि अगर कार्ड नहीं रहता तो इलाज में दिक्कत होती।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। गांव स्तर पर संपर्क स्थापित कर लोगों को योजना के प्रति जागरूक करने की कोशिश जारी है। गरीबों के लिए यह योजना संजीवनी साबित हो रही है। अच्छे अस्पताल में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। आने वाले दिनों में अधिक से अधिक लोगों को योजना के तहत लाभ देने का प्रयास किया जाएगा। -डॉ.आईए अंसारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी