{"_id":"6aaafec94bea345be50d1cbc","slug":"as-the-kathmandu-mugling-route-opened-the-queue-of-trucks-began-to-shrink-maharajganj-news-c-206-1-mhg1007-185256-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: काठमांडो-मुग्लिंग मार्ग खुला तो घटने लगी ट्रकों की कतार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: काठमांडो-मुग्लिंग मार्ग खुला तो घटने लगी ट्रकों की कतार
Thu, 17 Sep 2026 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:10 AM IST
विज्ञापन
- सोनौली सीमा पर अब करीब चार किमी रह गया मालवाहक वाहनों का दबाव, पर्यटन कारोबार को भी राहत की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनौली। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से करीब 20 दिनों तक प्रभावित रहा काठमांडो-मुग्लिंग मार्ग बुधवार से आवागमन के लिए बहाल हो गया। मार्ग खुलने के बाद सोनौली सीमा पर मालवाहक ट्रकों का दबाव घटने लगा है। करीब 15 दिनों से लगी ट्रकों की लंबी कतार अब घटकर लगभग चार किलोमीटर रह गई है। इससे सीमा पर कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों ने राहत की सांस ली है।
काठमांडो जाने वाले प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित होने से सोनौली सीमा पर पहुंचे मालवाहक ट्रकों को आगे भेजना मुश्किल हो गया था। काठमांडो घाटी में माल पहुंचने की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण नेपाल के कारोबारियों ने नई बुकिंग भी बंद कर दी थी। इससे सीमा पर ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया।
ट्रांसपोर्ट संचालक नरेंद्र सिंह, निवासी सोनौली, ने बताया कि कई ट्रकों को सीमा के आसपास रोकना पड़ा। कुछ वाहनों का सामान गोदामों में उतरवाकर ट्रकों को वापस भेजना पड़ा। मार्ग बंद होने से नेपाल में माल की मांग और ढुलाई दोनों प्रभावित हुईं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
पर्यटक वाहनों की संख्या में 80 फीसदी तक गिरावट
बाढ़ और भूस्खलन का असर भारत-नेपाल पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा। सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या करीब 80 फीसदी घटकर रोजाना लगभग 200 रह गई जबकि सामान्य दिनों में करीब एक हजार पर्यटक वाहन सीमा पार करते हैं। काठमांडो, पोखरा और मुक्तिनाथ जाने वाले पर्यटक पैकेज सबसे अधिक प्रभावित हुए।
मार्गों की खराब स्थिति के कारण पर्यटकों ने लुम्बिनी, भैरहवा और बुटवल जैसे नजदीकी पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दी। काठमांडो जाने के लिए सामान्य करीब 280 किलोमीटर के रास्ते के बजाय हेटौंडा होकर लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। इससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे।
-- -- -- -- -- -- -
मार्ग खुलने से कारोबार पटरी पर लौटने की उम्मीद
मुग्लिंग-काठमांडो मार्ग बहाल होने के बाद अब कारोबारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत की उम्मीद है। पर्यटन संस्था सोटो के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि मार्ग खुलने से पर्यटकों का आवागमन फिर शुरू होगा। करीब 20 दिनों से प्रभावित प्रमुख मार्ग के बहाल होने से पर्यटन कारोबार के भी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की उम्मीद है। मार्ग सामान्य होने के साथ काठमांडो घाटी में माल की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इससे नेपाल में माल की मांग और ढुलाई व्यवस्था में सुधार होने के साथ सोनौली सीमा पर ट्रकों का दबाव भी और कम हो सकता है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनौली। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से करीब 20 दिनों तक प्रभावित रहा काठमांडो-मुग्लिंग मार्ग बुधवार से आवागमन के लिए बहाल हो गया। मार्ग खुलने के बाद सोनौली सीमा पर मालवाहक ट्रकों का दबाव घटने लगा है। करीब 15 दिनों से लगी ट्रकों की लंबी कतार अब घटकर लगभग चार किलोमीटर रह गई है। इससे सीमा पर कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों ने राहत की सांस ली है।
काठमांडो जाने वाले प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित होने से सोनौली सीमा पर पहुंचे मालवाहक ट्रकों को आगे भेजना मुश्किल हो गया था। काठमांडो घाटी में माल पहुंचने की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण नेपाल के कारोबारियों ने नई बुकिंग भी बंद कर दी थी। इससे सीमा पर ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया।
विज्ञापन
ट्रांसपोर्ट संचालक नरेंद्र सिंह, निवासी सोनौली, ने बताया कि कई ट्रकों को सीमा के आसपास रोकना पड़ा। कुछ वाहनों का सामान गोदामों में उतरवाकर ट्रकों को वापस भेजना पड़ा। मार्ग बंद होने से नेपाल में माल की मांग और ढुलाई दोनों प्रभावित हुईं।
विज्ञापन
पर्यटक वाहनों की संख्या में 80 फीसदी तक गिरावट
बाढ़ और भूस्खलन का असर भारत-नेपाल पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा। सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या करीब 80 फीसदी घटकर रोजाना लगभग 200 रह गई जबकि सामान्य दिनों में करीब एक हजार पर्यटक वाहन सीमा पार करते हैं। काठमांडो, पोखरा और मुक्तिनाथ जाने वाले पर्यटक पैकेज सबसे अधिक प्रभावित हुए।
मार्गों की खराब स्थिति के कारण पर्यटकों ने लुम्बिनी, भैरहवा और बुटवल जैसे नजदीकी पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दी। काठमांडो जाने के लिए सामान्य करीब 280 किलोमीटर के रास्ते के बजाय हेटौंडा होकर लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। इससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे।
मार्ग खुलने से कारोबार पटरी पर लौटने की उम्मीद
मुग्लिंग-काठमांडो मार्ग बहाल होने के बाद अब कारोबारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत की उम्मीद है। पर्यटन संस्था सोटो के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि मार्ग खुलने से पर्यटकों का आवागमन फिर शुरू होगा। करीब 20 दिनों से प्रभावित प्रमुख मार्ग के बहाल होने से पर्यटन कारोबार के भी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की उम्मीद है। मार्ग सामान्य होने के साथ काठमांडो घाटी में माल की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इससे नेपाल में माल की मांग और ढुलाई व्यवस्था में सुधार होने के साथ सोनौली सीमा पर ट्रकों का दबाव भी और कम हो सकता है।