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अपराजिता
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‘महिला सशक्तीकरण तभी संभव जब रोजगार में उनकी भागीदारी अधिक हो’
महराजगंज। महिला सशक्तीकरण तभी संभव है जब महिलाओं की भागीदारी रोजगार और स्वरोजगार में अधिक से अधिक होगी। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा महिला रोजगार लोन योजना चलाई जा रही है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही महिला लोन स्कीम 2020-21 में प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना प्रमुख है।
यह कहना खंड विकास अधिकारी फरेंदा अमरनाथ पांडेय का। वह शनिवार दोपहर फरेंदा ब्लॉक सभागार में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता मुहिम के तहत नारी सशक्तीकरण गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए शासन की ओर से तमाम योजनाएं संचालित हैं। अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनको घर पर ही काम मुहैया कराने का प्रयास जारी है।
घरेलू काम से वक्त निकालकर महिलाएं स्वरोजगार के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक कर सकती है। तमाम महिलाएं आर्थिक समृद्धि की ओर से अग्रसर है। एडीओआईएसबी अब्दुल गफ्फार ने कहा कि महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जाती हैं। यूपी महिला सामर्थ्य योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश की महिलाओं को रोजगार के प्रति प्रेरित तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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एडीओ पंचायत एडीओ पंचायत वीरेंद्र यादव ने महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही अपराजिता मुहिम की सराहना की। इस दौरान निर्मला देवी, शर्मिला, सुमन, सुशीला, रीना भारतीय, साधना, मंजू ,सविता, माधुरी, नंदिनी, दुर्गावती, सोनी, अनीता, सोनम, मेनका, मीरा, सुगंधा, अनीता आदि मौजूद रही। कार्यक्रम 12 बजे से शुरू होकर 2 बजे तक चला। इसमें 110 महिलाएं शामिल हुईं।
योजनाओं के बारे में मिली जानकारी
पूनम ने कहा कि गोष्ठी में महिलाओं के हित के बारे में जानकारी मिली। आत्मनिर्भर बनने के लिए जरूर उपाय भी बताया गया। करुणमति ने कहा कि सवालों का बेहतर ढंग से जवाब मिला। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आने वाली समस्याओं को दूर करने का तरीका भी बताया गया। जानकी देवी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं को आत्मबल मिलता है। कुसुम दबे ने कहा कि गोष्ठी में मिली जानकारी भविष्य में काम आएगी। योजनाओं के बारे में बेहतर जानकारी मिली।
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महराजगंज। महिला सशक्तीकरण तभी संभव है जब महिलाओं की भागीदारी रोजगार और स्वरोजगार में अधिक से अधिक होगी। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा महिला रोजगार लोन योजना चलाई जा रही है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही महिला लोन स्कीम 2020-21 में प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना प्रमुख है।
यह कहना खंड विकास अधिकारी फरेंदा अमरनाथ पांडेय का। वह शनिवार दोपहर फरेंदा ब्लॉक सभागार में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता मुहिम के तहत नारी सशक्तीकरण गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए शासन की ओर से तमाम योजनाएं संचालित हैं। अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनको घर पर ही काम मुहैया कराने का प्रयास जारी है।
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घरेलू काम से वक्त निकालकर महिलाएं स्वरोजगार के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक कर सकती है। तमाम महिलाएं आर्थिक समृद्धि की ओर से अग्रसर है। एडीओआईएसबी अब्दुल गफ्फार ने कहा कि महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जाती हैं। यूपी महिला सामर्थ्य योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश की महिलाओं को रोजगार के प्रति प्रेरित तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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एडीओ पंचायत एडीओ पंचायत वीरेंद्र यादव ने महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही अपराजिता मुहिम की सराहना की। इस दौरान निर्मला देवी, शर्मिला, सुमन, सुशीला, रीना भारतीय, साधना, मंजू ,सविता, माधुरी, नंदिनी, दुर्गावती, सोनी, अनीता, सोनम, मेनका, मीरा, सुगंधा, अनीता आदि मौजूद रही। कार्यक्रम 12 बजे से शुरू होकर 2 बजे तक चला। इसमें 110 महिलाएं शामिल हुईं।
योजनाओं के बारे में मिली जानकारी
पूनम ने कहा कि गोष्ठी में महिलाओं के हित के बारे में जानकारी मिली। आत्मनिर्भर बनने के लिए जरूर उपाय भी बताया गया। करुणमति ने कहा कि सवालों का बेहतर ढंग से जवाब मिला। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आने वाली समस्याओं को दूर करने का तरीका भी बताया गया। जानकी देवी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं को आत्मबल मिलता है। कुसुम दबे ने कहा कि गोष्ठी में मिली जानकारी भविष्य में काम आएगी। योजनाओं के बारे में बेहतर जानकारी मिली।