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व्यक्तित्व का मजबूती के साथ विकास करना होगा
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आईटीएम कालेज में नारी शशक्तिकरण गोष्ठी कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि।
- फोटो : MAHARAJGANJ
व्यक्तित्व का मजबूती के साथ विकास करना होगा
आईटीएम कॉलेज चेहरी में अपराजिता मुहिम के तहत नारी सशक्तीकरण गोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत आईटीएम कॉलेज चेहरी में नारी सशक्तीकरण गोष्ठी का आयोजन सोमवार को हुआ। छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुझाव दिए गए। इसके अलावा मिशन शक्ति के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी ने कहा कि नारी को अपनी गरिमा को बनाए रखने के लिए आत्मविश्वास बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय नारी को देवी की संज्ञा दी गई है। छात्राओं को अपने व्यक्तित्व का मजबूती के साथ विकास करना होगा। उन्होंने छात्राओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की शपथ दिलाई। महिला कल्याण अधिकारी ऋचा मिश्रा ने कहा कि बेटियां एक नहीं, दो-दो घरों को रोशन करती हैं। इसलिए जरूरी है कि बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए। बेटियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे शिक्षा हासिल कर परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करें। कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर एसआर पांडेय ने कविता के माध्यम से नारी गरिमा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए अपराजिता मुहिम वरदान है। कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. देव चंद कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान में बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं। ऐसे कार्यक्रमों से उनके आत्मबल में बढ़ोतरी होती है। डॉ. मनीष ने नारी सशक्तीकरण के लिए कारगर उपायों पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में 95 लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान अरविंद सिंह, अमित मिश्रा, श्यामसुंदर गुप्ता, हरेंद्र कुमार, राघवेंद्र सिंह, काजल, प्रीती आदि मौजूद रहीं।
फोटो
अपने आपको कभी कमतर न आंकें
छात्रा आंचल वर्मा ने कहा कि मन में कुछ कर गुजरने की ठान ले तो नारी के लिए कोई काम मुश्किल नहीं है। महिलाएं अपने आपको कभी कमजोर न समझें और परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करें। पुष्पलता सिंह ने कहा कि अपनी निजी स्वतंत्रता और स्वयं के फैसले लेने का अधिकार देना ही महिला को सशक्त बना सकता है। इसके अलावा स्वयं पर आत्मविश्वास भी जरूरी है। साधना चौरसिया ने कहा कि खुद पर विश्वास है तो महिला को कोई भी अपराजिता होने से नहीं रोक पाएगा। रोशनी राय ने कहा कि इस कार्यक्रम से सीख मिली है कि अपने को कमतर नहीं आंकें। कार्यक्रम से जीवन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा मिली है।
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आईटीएम कॉलेज चेहरी में अपराजिता मुहिम के तहत नारी सशक्तीकरण गोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत आईटीएम कॉलेज चेहरी में नारी सशक्तीकरण गोष्ठी का आयोजन सोमवार को हुआ। छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुझाव दिए गए। इसके अलावा मिशन शक्ति के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी ने कहा कि नारी को अपनी गरिमा को बनाए रखने के लिए आत्मविश्वास बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय नारी को देवी की संज्ञा दी गई है। छात्राओं को अपने व्यक्तित्व का मजबूती के साथ विकास करना होगा। उन्होंने छात्राओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की शपथ दिलाई। महिला कल्याण अधिकारी ऋचा मिश्रा ने कहा कि बेटियां एक नहीं, दो-दो घरों को रोशन करती हैं। इसलिए जरूरी है कि बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए। बेटियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे शिक्षा हासिल कर परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करें। कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर एसआर पांडेय ने कविता के माध्यम से नारी गरिमा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए अपराजिता मुहिम वरदान है। कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. देव चंद कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान में बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं। ऐसे कार्यक्रमों से उनके आत्मबल में बढ़ोतरी होती है। डॉ. मनीष ने नारी सशक्तीकरण के लिए कारगर उपायों पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में 95 लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान अरविंद सिंह, अमित मिश्रा, श्यामसुंदर गुप्ता, हरेंद्र कुमार, राघवेंद्र सिंह, काजल, प्रीती आदि मौजूद रहीं।
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अपने आपको कभी कमतर न आंकें
छात्रा आंचल वर्मा ने कहा कि मन में कुछ कर गुजरने की ठान ले तो नारी के लिए कोई काम मुश्किल नहीं है। महिलाएं अपने आपको कभी कमजोर न समझें और परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करें। पुष्पलता सिंह ने कहा कि अपनी निजी स्वतंत्रता और स्वयं के फैसले लेने का अधिकार देना ही महिला को सशक्त बना सकता है। इसके अलावा स्वयं पर आत्मविश्वास भी जरूरी है। साधना चौरसिया ने कहा कि खुद पर विश्वास है तो महिला को कोई भी अपराजिता होने से नहीं रोक पाएगा। रोशनी राय ने कहा कि इस कार्यक्रम से सीख मिली है कि अपने को कमतर नहीं आंकें। कार्यक्रम से जीवन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा मिली है।
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