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Maharajganj News: एंटी करप्शन ने दर्ज कराया केस, लेखपाल को जेल
Sat, 05 Oct 2024 05:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 05 Oct 2024 05:37 PM IST
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सिंदुरिया। महराजगंज के निचलौल तहसील में एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को लेखपाल और मुंशी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद दोनों के विरुद्ध सिंदुरिया थाने में केस पंजीकृत करा दिया। शनिवार को पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।
एंटी करप्शन टीम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि निचलौल तहसील क्षेत्र के चनकौली निवासी रामसनेही निषाद को भूमि की पैमाइश कराने में कठिनाई हो रही थी। वह कई महीनों से तहसील का चक्कर लगा रहा था, लेकिन लेखपाल उसकी समस्याओं सुनने के लिए तैयार नहीं थे। बाद में 10 हजार रुपये रिश्वत तय करने पर ही लेखपाल ने उसकी भूमि की पैमाइश करने का आश्वासन दिया।
रामसनेही ने 19 जून को भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई, गोरखपुर में उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र देकर शिकायत किया था कि वह भूमि सीमांकन के लिए लेखपाल, मुन्ना यादव को रुपये देना नहीं चाहता है, बल्कि उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।
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इससे लेखपाल के भ्रष्टाचार पर रोक लग सके। रामसनेही से बातचीत करने के उपरांत प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित ने गोपनीय जांच/प्री ट्रैप जांच के लिए ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक रामबहादुर पाल के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई में जुट गई। इसी क्रम में लेखपाल मुन्ना यादव व मुंशी अनिल कसौधन को शुक्रवार को निचलौल तहसील से घूस लेते गिरफ्तार कर लिया गया। तहरीर के आधार पर सिंदुरिया पुलिस ने दोनों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।
थानाध्यक्ष सिंदुरिया अखिलेश वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार लेखपाल और मुंशी को गोरखपुर स्थित बिछिया जेल भेज दिया गया है।
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एंटी करप्शन टीम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि निचलौल तहसील क्षेत्र के चनकौली निवासी रामसनेही निषाद को भूमि की पैमाइश कराने में कठिनाई हो रही थी। वह कई महीनों से तहसील का चक्कर लगा रहा था, लेकिन लेखपाल उसकी समस्याओं सुनने के लिए तैयार नहीं थे। बाद में 10 हजार रुपये रिश्वत तय करने पर ही लेखपाल ने उसकी भूमि की पैमाइश करने का आश्वासन दिया।
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रामसनेही ने 19 जून को भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई, गोरखपुर में उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र देकर शिकायत किया था कि वह भूमि सीमांकन के लिए लेखपाल, मुन्ना यादव को रुपये देना नहीं चाहता है, बल्कि उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।
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इससे लेखपाल के भ्रष्टाचार पर रोक लग सके। रामसनेही से बातचीत करने के उपरांत प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित ने गोपनीय जांच/प्री ट्रैप जांच के लिए ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक रामबहादुर पाल के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई में जुट गई। इसी क्रम में लेखपाल मुन्ना यादव व मुंशी अनिल कसौधन को शुक्रवार को निचलौल तहसील से घूस लेते गिरफ्तार कर लिया गया। तहरीर के आधार पर सिंदुरिया पुलिस ने दोनों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।
थानाध्यक्ष सिंदुरिया अखिलेश वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार लेखपाल और मुंशी को गोरखपुर स्थित बिछिया जेल भेज दिया गया है।