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Maharajganj News: खेल-खेल में पढ़ाई सीखेंगे आंगनबाड़ी के बच्चे
Thu, 08 Aug 2024 05:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 08 Aug 2024 05:49 AM IST
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महराजगंज। परिषदीय विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चे अब खेल-खेल में ककहरा सीखेंगे। जिले में 1950 केंद्र परिषदीय स्कूल के भवन में चल रहे हैं। अब इन केंद्रों को खेलकूद साधनों से लैस किया जाएगा।
जिले में 46 विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को चयनित कर प्रत्येक केंद्र के लिए 25 हजार रुपये विद्यालय प्रबंध समितियों के खाते में भेजा जाएगा। खाते में भेजी गई धनराशि से केंद्रों को शिक्षण सहायता के रूप में निर्माण के रूप में विकसित किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में भेजने से पहले पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा जाता है। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों में संचालित केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार आदि दिया जाता है। कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों को पढ़ाने के साथ उनकी निगरानी करती हैं। नामांकित बच्चों में वहीं से शिक्षा के प्रति रुचि जागृत हो। इसे लेकर तमाम कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
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अब बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जिले में परिषदीय विद्यालयों में संचालित 46 आंगनबाड़ी केंद्रों को चयनित किया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण गुप्ता ने बताया कि कक्षा-कक्ष आंगनबाड़ी केंद्र को विकसित करना है ताकि बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई सीख सकें।
खुले स्थान अथवा बरामदे आदि में लूडो, सांप सीढ़ी, गोलतारा से लेकर विभिन्न प्रकार की आकृतियां तैयार की जाएंगी। विद्यालय के प्रबंध समिति के सचिव प्रधानाध्यापक की ओर से संबंधित विद्यालय विद्यालय के नोडल शिक्षक, विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सदस्य बनाया जाएगा।
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जिले में 46 विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को चयनित कर प्रत्येक केंद्र के लिए 25 हजार रुपये विद्यालय प्रबंध समितियों के खाते में भेजा जाएगा। खाते में भेजी गई धनराशि से केंद्रों को शिक्षण सहायता के रूप में निर्माण के रूप में विकसित किया जाएगा।
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परिषदीय विद्यालयों में भेजने से पहले पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा जाता है। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों में संचालित केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार आदि दिया जाता है। कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों को पढ़ाने के साथ उनकी निगरानी करती हैं। नामांकित बच्चों में वहीं से शिक्षा के प्रति रुचि जागृत हो। इसे लेकर तमाम कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
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अब बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जिले में परिषदीय विद्यालयों में संचालित 46 आंगनबाड़ी केंद्रों को चयनित किया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण गुप्ता ने बताया कि कक्षा-कक्ष आंगनबाड़ी केंद्र को विकसित करना है ताकि बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई सीख सकें।
खुले स्थान अथवा बरामदे आदि में लूडो, सांप सीढ़ी, गोलतारा से लेकर विभिन्न प्रकार की आकृतियां तैयार की जाएंगी। विद्यालय के प्रबंध समिति के सचिव प्रधानाध्यापक की ओर से संबंधित विद्यालय विद्यालय के नोडल शिक्षक, विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सदस्य बनाया जाएगा।