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Maharajganj News: विवाद में फंसा आंगनबाड़ी केंद्र, भवन हो गया जर्जर
Sat, 15 Jun 2024 04:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 15 Jun 2024 04:01 AM IST
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परसामलिक। क्षेत्र में रेहरा टोला महुलानी में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हो गया है। स्टे होने के चलते इसका मरम्मत भी नहीं हो पा रहा है। विवाद नहीं सुलझने से समस्या हो रही है। कार्यकर्ता के घर पर आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है।
ग्राम पंचायत रेहरा टोला महुलानी में वर्ष 2002 में नौनिहालों की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था ने कराया था। भवन जर्जर होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने घर पर केंद्र का संचालन कर रही हैं। आंगनबाड़ी के जर्जर भवन का कायाकल्प कराने के लिए वर्ष 2022-23 में ग्राम पंचायत से प्राक्कलन तैयार हुआ।
जनवरी 2023 में छत तोड़कर कायाकल्प का काम चल रहा था। उसी दौरान बगल के एक व्यक्ति ने न्यायालय में आंगनबाड़ी केंद्र नंबर में होने की बात कही। विवाद बढ़ता देख तहसील प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कराया, जिसमें सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी भवन बना पाया गया। उसके बावजूद आज तक विवाद के कारण भवन का कायाकल्प नहीं हो पा रहा है।
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केंद्र पर कुल 96 बच्चे नामांकित हैं। ग्राम प्रधान अनिल कुमार पासवान ने बताया कि आंगनबाड़ी भवन के कायाकल्प के लिए स्टीमेट तैयार कराया गया था। स्टे होने के कारण प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है। 22 वर्ष पूर्व सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हुआ था।
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ग्राम पंचायत रेहरा टोला महुलानी में वर्ष 2002 में नौनिहालों की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था ने कराया था। भवन जर्जर होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने घर पर केंद्र का संचालन कर रही हैं। आंगनबाड़ी के जर्जर भवन का कायाकल्प कराने के लिए वर्ष 2022-23 में ग्राम पंचायत से प्राक्कलन तैयार हुआ।
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जनवरी 2023 में छत तोड़कर कायाकल्प का काम चल रहा था। उसी दौरान बगल के एक व्यक्ति ने न्यायालय में आंगनबाड़ी केंद्र नंबर में होने की बात कही। विवाद बढ़ता देख तहसील प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कराया, जिसमें सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी भवन बना पाया गया। उसके बावजूद आज तक विवाद के कारण भवन का कायाकल्प नहीं हो पा रहा है।
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केंद्र पर कुल 96 बच्चे नामांकित हैं। ग्राम प्रधान अनिल कुमार पासवान ने बताया कि आंगनबाड़ी भवन के कायाकल्प के लिए स्टीमेट तैयार कराया गया था। स्टे होने के कारण प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है। 22 वर्ष पूर्व सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हुआ था।