आंगनबाड़ी वर्करों ने किया कार्य बहिष्कार
महराजगंज। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिला कमेटी की ओर से बुधवार को कामकाज का बहिष्कार कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मानदेय में वृद्धि सहित 13 सूत्री मांगें होने तक कार्य बहिष्कार कर आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर उनकी मांगों के प्रति उदासीनता बरतने का आरोप भी लगाया।
संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता त्रिपाठी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक जुलाई से हड़ताल पर जाने वाली थीं लेकिन प्रदेश सरकार ने सभी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिया था कि उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा। इसके लिए सरकार की तरफ से 90 दिन का समय मांगा गया था लेकिन सरकार की तरफ से अब तक सार्थक कदम नहीं उठाया गया है। सरकार के इस रवैए से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने यह मांग भी की कि सरकार अपने घोषणा पत्र का पालन करे और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 15 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 10 हजार मानदेय दे। उन्होंने आंगनबाड़ी संघ की समस्याओं का श्रम कानून के तहत हर तीसरे महीने सुनवाई कर समाधान करने, मुख्य सचिव के साथ हुए आठ समझौते का अनुपालन सुनिश्चित कराने, 15 दिन के अतिरिक्त मानदेय के साथ चिकित्सकीय अवकाश तथा इलाज खर्च प्रदान करने, हर पांच साल साल में केंद्रों पर कुर्सी, मेज, बर्तन, बच्चों के ड्रेस, बैठने के लिए टाट पट्टी, बैग, स्लेट आदि प्रदान करने की मांग भी की।
जिला संरक्षक सुरेश प्रसाद ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 200 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 100 रुपये वार्षिक वृद्धि करने की मांग की। उन्होंने ग्रोथ चार्ट, वजन मशीन, रजिस्टर आदि की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर कराने की मांग भी की। उन्होंने पोषाहार खरीद, मेडिसिन, खिलौना किड्स घोटाले की जांच कराने तथा हाट कुक्ड मिल 300 दिन का बजट न देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। इस मौके पर जिलामंत्री चंद्रावती, संजू गौतम, निर्मला, शशि, चंद्रकला, दुर्गा प्रसाद, शेषनाथ, सुमित्रा, सीमा, प्रीति पटेल, धन लक्ष्मी, नीलम आदि मौजूद रहीं।