फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Aman Hatyakand 4 accused go to jail

अमन हत्याकांड का खुलासा,चार आरोपियों को जेल

Tue, 23 Nov 2021 11:40 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
Aman Hatyakand 4 accused  go to jail
अमन हत्याकांड का पर्दाफाश, चार को भेजा जेल
विज्ञापन

महराजगंज। निचलौल शहर के मारवाड़ी वार्ड निवासी राकेश मद्धेशिया के बेटे अमन मद्धेशिया को आरोपियों ने 30 अक्तूबर को अपहरण कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच करते हुए 17 दिन बाद मंगलवार को अमन के चार हत्यारोपितों को गिरफ्तार किया। टीम सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश की। जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने कार्यालय कक्ष में हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि निचलौल थाना क्षेत्र के चमनगंज पुल से आगे झुलनीपुर नहर पटरी के किनारे जंगल की घनी झाड़ी में गत पांच नवंबर की देर शाम एक किशोर का शव मिला था जिसकी पहचान मारवाड़ी वार्ड निवासी अमन मद्धेशिया (17) के रूप में हुई थी। इस मामले में मृत अमन के पिता राकेश की तहरीर पर पुलिस हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। इसी बीच सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे निचलौल थाना प्रभारी सुनील कुमार राय को मुखबिर से सूचना मिली कि अमन के हत्यारे शहर के कटरा चौराहे पर बाइक लेकर खड़े हैं जो भारत-नेपाल से सटे ठूठीबारी से होकर नेपाल राष्ट्र की ओर भागने के फिराक में हैं।
विज्ञापन

सूचना को गंभीरता से लेते हुए निचलौल पुलिस साइबर सेल टीम को जानकारी देते हुए उक्त चौराहे का घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि पूछताछ में एक आरोपी लक्ष्मण उर्फ सागर ने बताया कि अमन उम्र में काफी छोटा होने के बाद भी छोटे बच्चों एवं अपने साथियों के साथ मिलकर बकरी कहकर चिढ़ाता था। जिसका विरोध करने पर अमन कहता था कि अबे बकरे मेरे पिता व्यापारी हैं। तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, जिसके चलते उसका समाज में काफी अपमान होता था। इस बात को लेकर गत दिनों आरोपी की अमन से मारपीट हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी मामले को लेकर अमन के पिता राकेश अपने सहयोगियों के साथ आरोपी के घर पहुंच मारने पीटने की धमकी देते हुए ललकारा जिससे उनका परिवार सहम उठा था। वहीं, आरोपी बदला लेने के लिए अपने अन्य तीन सहयोगियों के साथ 30 अक्तूबर की दोपहर अमन को झांसे में लेकर निचलौल रेंज के घने जंगलों में चले गए। जहां चारों आरोपियों ने किशोर अमन की बेरहमी से हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को झाड़ी में छिपा दिया था। इस मामले में चार आरोपी लक्ष्मण उर्फ सागर मद्धेशिया (23), विष्णु मद्धेशिया (28) संत पासवान (22 ), मुकेश मद्धेशिया (29 )निवासी मारवाड़ी के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
हत्या करने के बाद पहुंचे थे शराब भट्टी
पुलिस के पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अमन की जंगल में हत्या करने के दौरान ज्यादा अंधेरा हो गया था। जिसके चलते चाकू और टेप तथा एक गमछा घटनास्थल पर छोड़ घर भाग आए। वहां, हत्या में कपड़ों पर खून के लगे छींटे को पेपर में लपेट घर के अंदर छिपा दिया। उसके बाद सभी लोग चमनगंज पुल पर शराब पीने के लिए भट्टी पर पहुंच गए।
अपमान को सहन नहीं कर सका लक्ष्मण, तमिलनाडु से लौट हत्या की रची साजिश
निचलौल नगर के मारवाड़ी वार्ड निवासी अमन के एक हत्यारे लक्ष्मण उर्फ सागर ने बताया कि अमन से विवाद के बाद वह मानसिक तनाव दूर एवं रकम कमाने के सिलसिले में कोयम्बटूर तमिलनाडु चला गया। लेकिन वहां वह अमन और उसके पिता द्वारा किए गए अपमान को सहन नहीं कर सका। पड़ोसियों की ताना छोटे बच्चे ने तुमको अपनी औकात बता दी और तू कुछ नहीं कर पाया कि शब्द दिल और दिमाग में हर वक्त कचोट रही थी। जिसके चलते वहां काम करने में मन नहीं लगा। उसके बाद आरोपी वहां से 15 दिनों बाद अमन से बदला लेने की नीयत से ट्रेन की सवारी कर गोरखपुर होते हुए निचलौ पहुंचा। जहां पर आरोपी लक्ष्मण अपने रिश्तेदार और पट्टीदार विष्णु से संपर्क किया। क्योंकि अमन विष्णु के ऊपर काफी विश्वास करते हुए हर वक्त कही भी जाने के लिए तैयार हो जाता था। जिसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने अपने साथी संत पासवान और मुकेश के साथ चमनगंज पुल स्थित देशी शराब भट्टी की दुकान पर बैठ अमन से बदला लेने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची। उसके बाद लक्ष्मण का रिश्तेदार विष्णु अमन को झांसे में लेकर अपनी बाइक से सात पांच पुल होते हुए चमनगंज से ढेसो मार्ग की ओर जाने वाले घने जंगल की ओर चले गए। जहां पहले से लक्ष्मण अपने साथी संत और मुकेश के साथ मौजूद था। अमन को उक्त स्थान पर पहुंचते ही आरोपियों ने ताबड़तोड़ डंडों से वार कर दिया जिससे अमन अधमरा होकर जमीन पर गिर पड़ा लेकिन, उसकी मौत नहीं हुई। उसके बाद आरोपी लक्ष्मण ने पास में रखे चाकू से अमन की गले का अगला हिस्सा काट चौड़े वाले सेलों टेप से चिपका दिया। जिससे अमन की तड़पते हुए कुछ देर बाद मौत हो गई। वहीं, आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए हत्या में शामिल चाकू को मौके पर जमीन के नीचे गाड़ते हुए अमन के शव को घने झाड़ी में छिपाकर फरार हो गए। संवाद

दो बहनों का दुलारा था इकलौता अमन
शहर के मारवाड़ी वार्ड निवासी राकेश मद्धेशिया नेपाल राष्ट्र में गुड़ का कारोबार करते हैं। पत्नी उषा गृहिणी बच्चों की देखरेख करने के साथ घर का काम काज संभालती हैं। दोनों के बीच से तीन संतान प्रीति (19) अमन मृत (17) लक्ष्मी (15) है। इस छोटे परिवार में दो बहने प्रीति और लक्ष्मी के बीच इकलौता अमन दुलारा था। लेकिन भाई अमन गत 30 अक्तूबर की अचानक लापता हो गया। जिसका पांच नवंबर की शाम को जंगल से सटे झाड़ी में शव मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed