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Maharajganj News: आंगनबाड़ी के राशन वितरण में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग
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जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग
सिंदुरिया। मिठौरा विकास खंड के मुजहना बुजुर्ग निवासी विद्रेंश यादव ने ग्राम पंचायत के तीनों आंगनबाड़ी केंद्रों पर वर्ष 2021 से 2025 तक बच्चों का राशन वितरण नहीं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की शिकायत पहले सीडीपीओ मिठौरा और बाद में 25 अक्टूबर 2025 को जिलापूर्ति अधिकारी से की गई थी। आरोप है कि जांच के दौरान केवल औपचारिक बयान लिए गए लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 11 जून 2026 को जिलाधिकारी की जनसुनवाई में प्रार्थना पत्र देने पर मामले की फिर से जांच कराई गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और कोटेदार के बयान दर्ज किए गए, जिनसे वर्ष 2021 से 2025 तक राशन वितरण नहीं होने की बात सामने आई।
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इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने केवल नोटिस जारी कर हाल के कुछ महीनों के अभिलेख मांगे गए जबकि शिकायत चार वर्षों की अनियमितता से जुड़ी है। विंद्रेश यादव का आरोप है कि मामले में संबंधित कोटेदार को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते राशन वितरण सुनिश्चित कराया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और सरकारी राशन के कथित गबन की जांच कराने की मांग की है।
इस सबंध में सीडीपीओ मिठौरा राजेन्द्र कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर खाद्यान्न उठान कराने के लिए निर्देशित किया गया है यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खाद्यान्न उठान नहीं करती है तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
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सिंदुरिया। मिठौरा विकास खंड के मुजहना बुजुर्ग निवासी विद्रेंश यादव ने ग्राम पंचायत के तीनों आंगनबाड़ी केंद्रों पर वर्ष 2021 से 2025 तक बच्चों का राशन वितरण नहीं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की शिकायत पहले सीडीपीओ मिठौरा और बाद में 25 अक्टूबर 2025 को जिलापूर्ति अधिकारी से की गई थी। आरोप है कि जांच के दौरान केवल औपचारिक बयान लिए गए लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 11 जून 2026 को जिलाधिकारी की जनसुनवाई में प्रार्थना पत्र देने पर मामले की फिर से जांच कराई गई।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और कोटेदार के बयान दर्ज किए गए, जिनसे वर्ष 2021 से 2025 तक राशन वितरण नहीं होने की बात सामने आई।
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इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने केवल नोटिस जारी कर हाल के कुछ महीनों के अभिलेख मांगे गए जबकि शिकायत चार वर्षों की अनियमितता से जुड़ी है। विंद्रेश यादव का आरोप है कि मामले में संबंधित कोटेदार को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते राशन वितरण सुनिश्चित कराया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और सरकारी राशन के कथित गबन की जांच कराने की मांग की है।
इस सबंध में सीडीपीओ मिठौरा राजेन्द्र कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर खाद्यान्न उठान कराने के लिए निर्देशित किया गया है यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खाद्यान्न उठान नहीं करती है तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी।